बुधवार, 22 जुलाई 2026

 

 

  आदरणीय प्रधानमंत्री जी  

                                            सादर नमस्कार  

 बिषय : सन 2026 - 2027 में वैज्ञानिकों के द्वारा उड़ाई जा रही अलनीनो की अफवाह रोकने हेतु ! 

   महोदय 

       विश्व वैज्ञानिकों के द्वारा वर्ष  2026 - 2027 में अलनीनो जैसी जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं तथा इसके परिणाम स्वरूप जिस प्रकार की डरावनी बातें बोली जा रही हैं | उनमें रंचमात्र भी सच्चाई नहीं है | ऐसी काल्पनिक बातों का   कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है | 
    विश्व वैज्ञानिकों के द्वारा बताया जा रहा है कि अलनीनो के प्रभाव से तापमान अधिक बढ़ जाएगा | वर्षा कम हो जाएगी | सूखा पड़ जाएगा | जिससे  खाद्य वस्तुओं की कमी हो जाएगी एवं तरह तरह के रोग फैलेंगे |
     मैं अपने गणितागत अनुसंधानों के आधार पर विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ  कि अलनीनो जैसी कोई घटना होती ही नहीं है और हो भी नहीं सकती है | ये तर्कसंगत भी नहीं है | समुद्र का जल किसी स्थान विशेष पर गर्म होने का प्रभाव वर्षा और बादलों पर कैसे पड़ सकता है | 
    वैसे भी प्राचीन गणितविज्ञान के अतिरिक्त विश्व में ऐसा कोई विज्ञान ही नहीं है | जिसके आधार पर भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं के बिषय में पूर्वानुमान लगाया जा सकता हो | ऐसा किया जाना यदि संभव ही होता तो वैज्ञानिकों के द्वारा मौसम संबंधी दीर्घावधि या मध्यावधि सही पूर्वानुमानों को लगा न लिया गया होता | जिन विश्वमौसमवैज्ञानिकों के द्वारा एक सप्ताह के बिषय में लगाया गया मौसम पूर्वानुमान बार बार बदलना पड़ता है ,फिर भी गलत निकल जाता है | वे 2026 - 2027 में अलनीनो जैसी भविष्यवाणी किस आधार पर कर रहे हैं | ये विश्वास करने योग्य नहीं हैं | इस प्रकार की बातें अफवाह मात्र हैं | 
     श्रीमान जी ! प्राचीनभारत के गणितविज्ञान के आधार पर इसी बिषय में मैं पिछले 35 वर्षों से अनुसंधान करता आ रहा हूँ | वर्षा संबंधी अपने पूर्वानुमानों को मैं पिछले अनेकों वर्षों तक पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं |  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्व निदेशक श्री के जे रमेश जी भी मौसम पूर्वानुमान हमसे मँगवाते रहे हैं |जो सही निकलते रहे हैं |  स्काईमेट में भी एक वर्षतक मुझसे पूर्वानुमान मँगवाए जाते रहे हैं | ये बातें पीटीआई के द्वारा अनेकों पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित की जा चुकी हैं | 
      हमारे प्राचीन गणितविज्ञान के आधार पर भविष्य के 10000 वर्षों तक का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |इन्हें अनुसंधान पूर्वक मैं कभी भी कहीं भी  प्रमाणित करने को तैयार हूँ |
     
निवेदक : 
  डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051