श्री हर्ष मल्होत्रा जी,
माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री,
सड़क परिवहन राजमार्ग
एवं कारपोरेट कार्य मंत्रालय
भारत सरकार ,नई दिल्ली
विषय: (CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051) कामर्शियल मीटर की जगह लगाए गए नए मीटर की श्रेणी कॉमर्शियल करने हेतु !
2. इस मीटर पर बकाया पुराने सभी बिल जमा हो गए हैं बिलों के नाम नंबर सहित नोड्यूज देने हेतु !
महोदय
प्रसन्नता की बात है कि जून 2025 से जिन कार्यालयों अधिकारियों के चक्कर लगाते लगाते मैं थक चुका था | एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है | आपकी मदद से अब मेरी बात सुनी तो जा रही है मानी नहीं जा रही है | मुझसे कहा जा रहा है कि तुम कल्पना करो कि मशीनें अब वहाँ से बाहर निकाली जा चुकी हैं |इसीलिए कामर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया है | इस झूठ को मानने के लिए हमें बाध्य किया जा रहा है | जिसके वीडियो एवं मशीनों समेत सारे साक्ष्य अभी भी विद्यमान हैं |
मैं कैसे विश्वास कर लूँ जबकि मशीनों के चलने से हो रहे कंपन के कारण हमारा एवं हमारे बच्चों का सोना जागना पढ़ना लिखना अभी भी बाधित हो रहा है |कारीगर अभी भी आ रहे हैं |इतना अवश्य है कि जबसे बिजली का विवाद हुआ तब से मशीनें प्रायः ड्यूटी टाइम के अलावा चलाई जा रही हैं |
मान्यवर ! इस बिषय में मेरा निवेदन मात्र इतना है कि मशीनें बाहर निकाले जाने तक इस मीटर की जगह लगाए गए मीटर की श्रेणी भी कामर्शियल रहने दी जाए | मशीनें हट जाएँ तो मीटर डोमेस्टिक किए जाने में हमें कोई आपत्ति नहीं होगी | श्रीमान जी ! इसके लिए मशीनें जिस किसी से अभी भी चेक करा ली जाएँ| झूठे सर्वे की सच्चाई सामने आ जाएगी |
2 :- 2 फरवरी 2026 को जिस बिल को जमा करने की ड्यू डेट थी | उसमें उपयोग किया हुआ बिल Rs 48930 है और इसी में लिखित इंफोर्स्मेंट का बिल 1,33,541.10 बकाया लिखा है | दोनों मिलाकर ये बिल 1,82,471 होता है |इस बिल के आगे पीछे के किसी भी बिल में इसके जमा होने के प्रत्यक्ष संकेत नहीं हैं जबकि ऐसा होता है ,फिर भी यदि ये बिल जिस किसी भी ढंग से ,जिस किसी भी माध्यम से जमा किए गए हैं तो वो विवरण मुझे भी उपलब्ध करवा दिया जाए | हमारी बिल्डिंग में अभी तक उपयोग किए जा रहे इस लावारिस मीटर का बिल जमा होने के सबूत मेरे पास भी होने चाहिए | बिल्डिंग पर बकाया ऐसे पुराने बिलों को माँगने BSES से अभी भी लोग आया करते हैं | ये किराएदार है ये तो चला जाएगा | भुगतना हमें पड़ेगा !इसलिए ये साक्ष्य मुझे मिलने आवश्यक हैं |
इस बात को ये कहकर टाला नहीं जा सकता है कि 5 किलो बाड से कम लोड होने के कारण उसे माफ कर दिया गया | यदि ऐसा भी है तो उसके लिखित साक्ष्य चाहिए | यद्यपि ये बात कानून सम्मत इसलिए नहीं है | क्योंकि जिस दिन छापा पड़ा था उसके आधार पर ये बिल बनाया गया था | श्रीमान जी ! ऐसे लोगों का बचाव करते समय ध्यान रहे कि इंफोर्स्मेंट ने गैरकानूनी काम रंगे हाथों पकड़ा था तब ये जुर्माना लगाया था | ऐसी स्थिति में क्या ऐसा संभव है कि कोई अपराध करने के बाद 6 महीने तक कोई दूसरा अपराध न करे तो उसे निर्दोष सिद्ध कर दिया जाएगा | ऐसे अधिकारियों से हम कानून सम्मत एवं नैतिक कर्तव्य पालन की अपेक्षा रखते हैं |
सादर,डॉ. शेष नारायण वाजपेयी
ए-7/41, सेकेंड फ्लोर, शनिबाजार, लालक्वार्टर
कृष्णानगर, दिल्ली -110051
98 11 22 69 83
1.आवासीय
क्षेत्र में 7 केवी के व्यावसायिक उपयोग होने पर भी पहले से कॉमर्शियल
मीटर के स्थान पर नया डोमिस्टिक मीटर लगाना जबकि वर्तमान में हैवी मशीनें
चल रही हैं जिससे पूरी बिल्डिंग में कंपन होता है।
2.बीएसईएस के अधिकारी श्री राहुल शर्मा जी ने आश्वस्त किया था कि उपयोग किए जा रहे पुराने मीटर पर बकाया बिल जमा कराए बिना नया मीटर नहीं लगाया जाएगा,किंतु विश्वस्त सूत्रों से मुझे पता लगा है कि पुराना बिल जमा करवाए बिना ही नया मीटर लगा दिया गया है |जनवरी 2025 में भी ऐसा ही किया गया था | इसलिए हटाये गये मीटर के जमाबिल की कॉपी एवं एन.ओ.सी. हमें उपलब्ध करायी जाए कि इस मीटर पर बीएसईएस का कोई बकाया नहीं है ताकि भविष्य में बिल्डिंग के किसी भी फ्लैट् के मालिक को नया कनेक्शन लेते या नाम बदलवाते समय बिल्डिंग पर पुराना बकाया जमा करने के लिए BSES के द्वारा बाध्य न किया जा सके |
3. बीएसईएस के अधिकारी श्री राहुल शर्मा जी ने आश्वस्त किया था कि हम सर्वे कराएँगे जब तक वहाँ से व्यावसायिक मशीनें नहीं हटेंगी तब तक वहाँ लगे कॉमर्शियल श्रेणी के मीटर को हटाकर डोमेस्टिक मीटर नहीं लगाया जाएगा और न ही इस मीटर की श्रेणी डोमेस्टिक की जाएगी | इसके बाद भी इंफोर्समेन्ट की रेड के बाद बीएसईएस ने ऐसा कोई सर्वे नहीं कराया है|जिसमें वहाँ मशीनें चलती हुई न मिली हों | फर्जी सर्वे दिखाकर डोमेस्टिक श्रेणी का मीटर लगा दिया गया है | वहाँ मशीनें पूर्ववत बेरोकटोक अभी भी चल रही हैं |
महोदय,
हमारी
बिल्डिंग ।.7?41 शनि बाजारए लाल क्वार्टर कृष्णानगर एदिल्ली .110051 के
फ़स्ट फ्लोर में रह रहे किराएदार के द्वारा बड़ी मशीनें लगाकर आवासीय फ्लोर
में गैर-कानूनी रूप से व्यावसायिक कार्य किया जा रहा है। इस बात की पूर्ण
जानकारी बी.एस.ई.एस. के संबंधित अधिकारियों को है, लिखित तौर पर भी मैंने
अनेक बार दिया है। जिस गैर कानूनी मीटर से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी
उसकी पूर्ण जानकारी यह है&(CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr.
KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR
DELHI--110051)
मैं बताना चाहता हूं कि जून 2025 में किए गए कंप्लेन पर
11जुलाई 2025 को इन्फोर्समेन्ट की पहली रेड पड़ी और 24 मार्च 2026 को दोबारा
इंफोर्समेन्ट की रेड पड़ी, दोनो रेड में हैवी मशीनें चलती पाई गईं।
जुर्माना लगाया गया, मीटर कमर्शियल किया गया, 2 महीने बकाया पर मीटर काट
देने वाले अधिकारियों ने बिल और जुर्माना माफ करने के लिए 6 महीने तक न
वसूली की और न ही मीटर काटा। मशीनें लगातार चलती रहीं फिर भी गैरकानूनी तौर
पर इस मीटर की श्रेणी बदलकर डोमेस्टिक कर दिया गया और जुलाई 2025 से बकाया
सारा बिल बीएसईएस द्वारा माफ कर दिया गया, कैसे माफ किया गया और क्यों
किया गया-यह बी.एस.ई.एस ही जाने।
एक वर्ष के अंदर एक लावारिस मीटर की 4
बार श्रेणी बदला जाना, 2 बार मीटर बदला जाना, 2 बार इन्फोर्समेंट की रेड
पड़ना और दो बार बिल माफ किया जाना, 2 बार पेनाल्टी बिल माफ किया जाना,
मशीनें चलते रहने के बाद भी कमर्शियल मीटर हटाकर डोमेस्टिक मीटर लगा दिया
जाना यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
इन हैवी मशीनों के चलने के कारण
पूरी बिल्डिंग कम्पन करती है जिससे मेरा परिवार रात को सो नहीं पाता है
तथा बच्चों की पढ़ाई में बहुत बाधा उत्पन्न हो रही है।
मंत्री जी, आपसे
विनम्र निवेदन है कि उक्त मामले की निष्पक्षता से जांच करायी जाए तथा
C.A.नंबर 100907780 की नोड्यूज उपलब्ध करवायी जाए की इस मीटर पर नया मीटर
लगने की तारीख तक कोई बिल बाकी नहीं है ताकि भविष्य में कभी नया कनेक्सन
लेने पर मुझे अथवा फ्लोर के किसी भी मालिक का आर्थिक शोषण न किया जा सके।
सादर,
डॉ. शेष नारायण वाजपेयी
ए-7/41, सेकेंड फ्लोर, शनिबाजार, लालक्वार्टर
कृष्णानगर, दिल्ली -110051
98 11 22 69 83