श्रीमान
जी ! A- 7\41,शनि बाजार कृष्णा नगर दिल्ली -110051 में 5
दुकानें 3 फ्लोर हैं | इसका फस्टफ्लोर बिल्डर का था | उसने फस्टफ्लोर के
लिए अपनी आईडी या फ्लोर के कागजों पर कभी कोई बिजली कनेक्शन नहीं लिया था |
BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से बिल्डिंग के अंदर ही
डायरेक्ट कनेक्शन का एक पैनल लगवा रखा था उसी में चिमटी लगाकर दस बारह
वर्ष तक बिजली का फ्री उपयोग करते रहे हैं | उन पर लगाए गए जुर्माना आदि
बिल्डिंग के नाम डाल दिए जाते रहे हैं | जो नाम बदलवाने या नया मीटर लगवाने
पर बिल्डिंग पर बैलेंस बताकर हम सभी लोगों से वसूले जाते हैं या भ्रष्टाचार पूर्वक समझौता करना होता है |वो पैनल अभी भी लगा है | अब उसमें बिजली नहीं है | कुछ
वर्ष पहले उन्होंने वह फस्ट फ्लोर रीतूजैन को बेच दिया था |
रीतू जैन ने इसमें महेंद्रजैन को किराए पर दिया वह परिवार के साथ इसमें
रहता है | एक कमरे में गैर कानूनी रूप से बड़ी व्यावसायिक मशीनें भी लगाए
हुए है | कारीगर हैं जो आफिस टाइम के अलावा देर देर रात तक चलाई जाती हैं |
आवासीय व्यावसायिक मशीने चलाना गैर कानूनी है | इसलिए इसमें अपने एवं
अपने फ्लोर के नाम से नया कनेक्शन न लेकर BSES
के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से एक ऐसे लावारिस मीटर से कनेक्शन
जोड़ा गया | जिसके बिल पर पंजीकृत नाम एड्रेस आदि पूरी तरह फर्जी है | वो ये है -
CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051")
BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों के पास इसका कोई उत्तर नहीं है कि इसमें पजीकृत एड्रेस कहाँ का है | इसमें लिखा A-7/41 का 2-A पार्ट कहीं नहीं है | A-7/41
के ग्राउंड फ्लोर में रहने लायक कोई जगह नहीं है | विजयकुमार इस बिल्डिंग
में न कभी रहा है और न ही बिल्डिंग की किसी रजिस्ट्री या किराए के
एग्रीमेंट में विजय कुमार नाम है | विजय कुमार ने BSES से मीटर लगाने का आवेदन भी नहीं किया | विजय कुमार की रजिस्ट्री आधार कार्ड साइन आदि भी नहीं थे ,फिर उसके नाम पर ये मीटर लगाया कैसे गया ?
11 जुलाई 2025 को इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा | मशीनें पकड़ी गईं |
जुर्माना लगाया गया ! मीटर कॉमर्शियल किया गया | 2 महीने का बिल बकाया होने
पर जो BSES कनेक्शन काट देता है | उसने इनसे 6 महीने तक बिल की वसूली नहीं
की | कनेक्शन भी नहीं काटा मशीनें लगातार चलती रहीं | 11 जुलाई 2025 से बकाया बिल बढ़ता गया | जिस बिल को जमा करने की ड्यू डेट 2 फरवरी 2026 को थी
| उसमें उपयोग किया हुआ बिल Rs 48930 है और इसी में इंफोर्स्मेंट का बिल
1,33,541.10 बकाया लिखा गया है | दोनों मिलाकर ये बिल 1,82,471 होता है |यह बिल बिना जमा किए ही 26-2-2026 को जीरो करके कॉर्मशियल श्रेणी बदल कर डोमेस्टिक कर दी गई | इंफोर्स्मेंट की कार्यवाही पूरी तरह पलट दी गई |बिल संलग्न हैं |
कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक करने के लिए बिजली बिल पर पंजीकृत मीटर
मालिक का नाम आधार कार्ड ,साइन,एवं उसी के द्वारा दिया गया आवेदन रजिस्ट्री
आदि कागजों के बिना किसके आवेदन पर मीटर की कामर्शियल श्रेणी बदलकर
डोमेस्टिक कर दी गई |