यदि ये अंडे राजनैतिक रोटियाँ सेंकने के लिए खुद नहीं फिंकवाए गए हैं तो इनकी निंदा की जानी चाहिए और यदि खुद फिंकवाए गए हैं तब तो निंदा हो ही रही है !
विश्वनाथ मंदिर परिषर में या कहीं और भी किसी भी धर्म के किसी भी व्यक्ति पर अंडे फेंकना या और किसी भी प्रकार से व्यवधान उपस्थित करना अनुचित एवं काशी की परंपरा के विरुद्ध है ! जिस किसी ने ऐसा किया होगा उसे बाबा विश्वनाथ के क्रोध का शिकार बनना पड़ सकता है क्योंकि बाबा के पास फरियाद लेकर आने का हर किसी को अधिकार है वे इस प्रकार के शिथिल आचरणों की अनुमति किसी को नहीं देंगे ! ये संस्कार किसी संगठन से जुड़े हुए व्यक्ति में नहीं होने चाहिए अन्यथा उनके ऐसे आचरणों से उस संगठन को लज्जित होना पड़ता है !गंगा स्नान और बाबा विश्वनाथ जी का दर्शन एवं काशीबास काशी परिक्रमा ये तो हर किसी का अधिकार है !
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