सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

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     A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर -110051 के तीनों फ्लोर आवासीय हैं ,फिर भी फस्ट फ्लोर में व्यावसायिक कार्य कर रहे महेंद्रजैन ने अवैध रूप से मशीनें  लगा रखी हैं | जिसमें इस आवासीय फ्लोर में अवैध बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है |जो इस बिल्डिंग के अलावा किसी ऐसे एड्रेस के नाम लगा है जो बिल्डिंग कहीं है ही नहीं | इस नाम का व्यक्ति  इस बिल्डिंग में कभी रहा ही नहीं है | इसलिए बिजलीविभाग  वालों ने अभी रेड डाली है | उस रसीद को संलग्न कर रहा हूँ | जिससे प्रमाणित होता है कि इस आवासीय बिल्डिंग के आवासीय फ्लोर में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियाँ  चलाई जा रही हैं |जिसमें ग्राहकों के लिए न तो पार्किंग की जगह है | अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है |देर रात तक अपरिचित ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है |उनसे सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है |  

  इसमें किराएदार दिन रात मशीनें चलाता है | मशीनों के कंपन से मेरे सेकेंड फ्लोर में इतना अधिक कंपन होता है कि हमेंशा भूकंप आने जैसे झटके लगते रहते हैं | इसके कारण हम लोगों का सोना जगाना तक बाधित हो जाता है | इस कंपन से मेरे सिर में तेज चक्कर आता है उलटी लगती है |बच्चों को पढ़ने में बाधा होती है | ऐसे झटके बार बार लगने से बिल्डिंग कमजोर होते जा  रही है |इसमें अवैध बिजली मीटर का उपयोग हो रहा है | 


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का सेकेंड फ्लोर मेरा है|इसमें मैं परिवार के साथ रहता हूँ |इसके तीनों फ्लोर आवासीय हैं | इसके बाद भी मेरे से नीचे वाले  


 

 

 

 

 

 

chairman@derc.gov.in 


  "CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051| " इस एड्रेस वाला बिजली बिल संलग्न है |इस बिल पर लिखा हुआ यह एड्रेस पूरी तरह गलत है | A-7/41/2-A  बिल्डिंग कहीं है नहीं | विजय कुमार नाम का कोई व्यक्ति यहाँ कभी रहा नहीं है | बिल्डिंग की  किसी रजिस्ट्री में विजय कुमार नाम नहीं है | 

     इस लावारिस  मीटर का उपयोग A-7/41 बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में रह रहा किराएदार कर रहा है | इसके द्वारा मशीनें चलाई जा रही हैं | बिजिलेंस वालों ने इस आवासीय बिल को व्यावसायिक करके जो जुर्माना लगाया है | जो अभी तक जमा नहीं किया गया है |बिल बढ़ता जा रहा है मशीनें अभी भी चला करती हैं |

 1. किराएदार यदि फ्लोर को खाली कर जाता है तो बिजली विभाग इस बिल की वसूली किससे करेगा ?

 2. रजिस्ट्री आदि कागज़ के बिना यह मीटर किन कागजों के  आधार पर लगाया गया है ?

 3. फ्लोर मालिक के नाम यह मीटर नहीं है इसलिए वह भी इस बिल का भुगतान नहीं करता है तो इस बिल का क्या होगा  ?

  4. यह बिल यदि बकाया छूट जाता है तो अन्य फ्लोर वालों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा  ?  

 

बिल अधिक हो जाने पर इसे जमा किए बिना किराएदार यदि खाली करके चला जाता है |   

   

 इसके साथ संलग्न बिजली मीटर पर ये एड्रेस लिखा हुआ है |    CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051 जिस बिजली मीटर पर दर्ज है | 

 

 में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है |विजिलेंसविभाग ने अवैध उपयोग पाकर इसके विरुद्ध आर्थिक दंड तो लगा दिया किंतु इस जुर्माने की राशि की वसूली BSES किससे करेगा ?"

     A-7/41 बिल्डिंग  का  2-A पार्ट कहीं नहीं है 


जिसकी जानकारी BSES

   "बिजली विभाग के द्वारा यह अवैधमीटर अवैधपते पर अवैधनाम से अवैधउपयोग के लिए लगाया गया था |  



 

 

 

सेवा में -

   CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051, में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है | 

1.    A-7/41/2-A  नंबर बिल्डिंग वाला ये मीटर A-7/41 नंबर बिल्डिंग में चलाया जा  रहा है | यहाँ  A-7/41/2-A  नंबर  की कोई बिल्डिंग नहीं है | यह बिल्डिंग नंबर तथा विजय कुमार नाम किसी रजिस्ट्री में भी दर्ज नहीं है |  

 2. इस आवासीय बिल्डिंग  में लगा यह मीटर घरेलू उपयोग के लिए पंजीकृत है किंतु बिजिलेंस विभाग द्वारा मारे गए छापे में इसका व्यावसायिक उपयोग देखकर इस घरेलू मीटर को व्यावसायिक कर दिया गया है |

  3. इस मीटर से मशीनें चला रहा व्यक्ति किराएदार है |   

  प्रश्न न. 1 इस मीटर पर आए हुए अधिक बिल को दिए बिना ही यदि किराएदार चला जाता है तो बिजली विभाग ये बिल किससे वसूलेगा ?

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 


 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 

 

 

 

 

 

 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 

    महोदय

       महामारी की प्रत्येक लहर के बिषय में पूर्वानुमान लगाकर मैं आगे से आगे पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं |वे मेलें मेरी ईमेल पर अभी भी सुरक्षित हैं | जो मेरी अनुसंधानपद्धति द्वारा लगाए गए पूर्वानुमानों का समर्थन करती हैं | अतिरिक्त प्रमाण के तौर पर मेरी मेलों में दिए गए पूर्वानुमानों का कोरोना ग्राफ से मिलान करने पर मेरे पूर्वानुमान सही घटित होते हैं |मेरी मेलों में जब संक्रमण बढ़ने को लिखा था कोरोना ग्राफ में भी तभी संक्रमण बढ़ने का संकेत है और जब संक्रमण कम होने के लिए लिखा था तभी संक्रमण कम हुआ था | महामारी की सभी लहरों में ऐसा हुआ है | इससे ये प्रमाणित होता है कि कोरोना महामारी के बिषय में सही अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाने की यह सही पद्धति है | 

     इसके द्वारा मैंने यह भी खोज लिया है कि महामारी मनुष्यकृत है या प्राकृतिक है | इसका विस्तार कितना है !प्रसार माध्यम क्या है ! इसमें अंतर्गम्यता कितनी है |इस पर मौसम का प्रभाव कितना पड़ता है !तापमान का प्रभाव पड़ता है या नहीं ! वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ता है या नहीं | चिकित्सा का प्रभाव पड़ता है या नहीं, आदि आदि !!

    इसलिए आपसे  मेरा विनम्र आग्रह है कि  मैंने महामारी बिषयक पहले जो अनुमान पूर्वानुमान पीएमओ की मेल पर भेजे थे !उनका परीक्षण कर लिया जाए | इस बिषय में विस्तृत जानकारी देने  साथ चर्चा के लिए मैं तैयार हूँ |       

     मैं अपने अनुसंधानों के बिषय में विश्वासपूर्वक कह सकता हूँ कि मेरे द्वारा लगाए गए महामारी बिषयक अनुमान पूर्वानुमान आदि सही निकलते रहे हैं |उन्हें यदि समय पर  शासन प्रशासन को  उपलब्ध करा दिया जाता तो महामारी संबंधी संक्रमण की रोकथाम करने में बहुत मदद मिल सकती थी |महामारी से समाज को सुरक्षित बचाए रखने के लिए पहले से सतर्कता बरती जा  सकती थी | इसके साथ ही साथ  मेरे पूर्वानुमानों के आधार पर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उसप्रकार की कार्य योजना बनाई जा सकती थी | इससे स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिल सकती थी |मेरे द्वारा लगाए गए सही पूर्वानुमान पहले से चिकित्सकों को मिल जाते तो वे पहले से ही आवश्यक औषधीय द्रव्यों एवं औषधियों  का भंडारण कर सकते थे | ऐसे सही पूर्वानुमान यदि लोगों को मिल जाते तो लोग आत्मसंयम पूर्वक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं भी सावधानी बरत सकते थे |

      विशेष बात यह है कि मेरे द्वारा वैज्ञानिकपद्धति का उपयोग करके लगाए गए  पूर्वानुमान प्राकृतिक घटनाओं से संबंधित अध्ययनों पर आधारित होते हैं | इनमें नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके भविष्य में महामारी के प्रसार का और अधिक बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |

       मेरा विश्वास है कि मैं भविष्य में भी इस पद्धति का उपयोग करके ऐसी प्राकृतिक घटनाओं के बिषय में अधिक सटीक पूर्वानुमान लगा सकता हूँ| इसलिए  मेरे पूर्वानुमानों को आपके द्वारा मान्यता मिलनी आवश्यक है | मुझे इस पद्धति को और अधिक विकसित करने के लिए आपसे मदद चाहिए |जिससे भविष्य के स्वास्थ्य संकटों से निपटने की तैयारी  और अधिक बेहतर ढंग से पहले से करके रखी जा सके |

 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 

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