सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

leteer12

 सेवा में 

    श्री मान जी सादर नमस्कार   

  बिषय :DERC के पत्र संख्या F.7 (24)/DERC/2025-26/BYPL/6216, दिनांक 13.03.2026 वाले पत्र के प्राप्त उत्तर के संदर्भ में 

   महोदय,

    हमारे उक्त पत्र के उत्तर में आपके यहाँ से मुझे यह अस्पष्ट एवं अधूरी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है -

 "हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि सभी आवश्यक वाणिज्यिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, नया बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया है।"

      इससे यह स्पष्ट नहीं होता है कि इस मीटर पर बकाया डेढ़ लाख से अधिक बिल का हुआ क्या है ?रीतू जैन को नया मीटर देने से पहले रीतू जैन से बकाया बिल पूरा जमा करा लिया गया है या अभी भी बकाया है या माफ कर दिया गया है या बिल्डिंग पर डालकर हम सभी बिल्डिंग वालों की जिम्मेदारी में बकाया लगा दिया गया है |  कृपया हमारी मेल पर यह जानकारी उपलब्ध करने की कृपा करें |     

     "CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"  

     हमारी बिल्डिंग में लगे इस अवैधमीटर का उपयोग A-7/41 F/F  KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051" में जिस रीतू जैन के द्वारा अभी तक किया जाता  रहा है | उसी रीतू जैन के नाम से  उसी फ्लोर के लिए नया मीटर लगाया जा रहा है | 

      ये अवैध मीटर हमारी बिल्डिंग में उपयोग किया जा रहा है |अतीत में ऐसे अवैधमीटरों  पर बकाए बिल को बिल्डिंग के नाम पर डालकर  BSES के द्वारा हमें भी देनदार सिद्ध कर दिया जाता रहा है| इसलिए मुझे भी यह जानने का अधिकार है कि इस मीटर पर बकाया  पड़े उस भारी भरकम बिल का क्या किया गया है |  

    आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि विजय कुमार नाम वाले इस पुराने बिजली मीटर पर जुलाई 2025 से फरवरी 2025 तक रीतूजैन के द्वारा उपयोग किया गया जो बकाया बिल है एवं बिजिलेंस वालों के द्वारा जो सवालाख रुपए का बिल बनाया गया था | रीतूजैन का यह सारा बिल अभी तक बकाया चला आ रहा है | अब उनके नाम नया मीटर लगाया जा रहा है | 

   मैं यह जानना चाहता हूँ कि  डेढ़ लाख से अधिक का यह बिल अभी बाक़ी है या जमा कर दिया गया है या माफ किया  गया है | आखिर इस बिल का बकाया हुआ क्या है | बिल्डिंग का अंग होने के नाते इसकी डिटेल हमें उपलब्ध कराने की कृपा इसलिए करें ,क्योंकि ये मीटर फर्जी नाम से फर्जी एड्रेस के नाम से लगा है | इसके नाम पर यदि कोई बकाया छूट जाता है तो वो बाद में बिल्डिंग के नाम पर डाल दिया जाता है | बिल्डिंग में सेकेण्ड फ्लोर मेरा है | इसलिए वो मेरे लिए भी देय हो जाता है |चूँकि ये मीटर मेरी बिल्डिंग में लगा है इसलिए इसका बिल कितना कैसे जमा किया गया है ये जानकारी हमें भी हमारी मेल पर उपलब्ध करवाई जाए | जो हमारे पास प्रमाण रूप में सुरक्षित रहेगी |  इस बिल पर बकाया संपूर्ण राशि रीतूजैन से जमा करवाकर ही उनके नाम पर नया बिजली मीटर दिया जाए क्योंकि वही अपने फ्लोर पर इस मीटर का उपयोग करती रही हैं | 

निवेदक :
 
  डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 

 

 

   

  इस मीटर से संबंधित शिकायत के बिषय में आपके यहाँ से प्राप्त उत्तर में कहा गया है -"हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि सभी आवश्यक वाणिज्यिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद, नया बिजली कनेक्शन जारी कर दिया गया है।"

  इसमें "वाणिज्यिक औपचारिकताएं" पूरीका करने का मतलब क्या है |जुलाई 2025 से मार्च 2025 तक यह मीटर   


    ये हमारी सामूहिक बिल्डिंग के फ़स्ट फ्लोर में रीतू जैन के द्वारा उपयोग किया जा रहा एक ऐसा मीटर है जिसका कोई मालिक नहीं है जिसमें लिखा एड्रेस भी गलत है | इस मीटर पर डेढ़ लाख से अधिक का बिल बकाया है | यह मीटर जिस रीतू जैन के फ्लोर में उपयोग किया जा रहा है उसी रीतू जैन के फ्लोर में नया मीटर लगाया जा रहा है | यदि रीतूजैन से  -CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"  इस मीटर का पुराना बिल वसूले बिना  रीतूजैनके नाम पर नया मीटर लगा दिया जाएगा तो इस मीटर का बकाया बिल बाद में बिल्डिंग के नाम पड़ा रहेगा जिसे जमा करने के लिए हमें भी बाध्य किया जा सकता है | 

     इसलिए रीतूजैन के नाम से नया मीटर लगाने से पहले प्रमाण रूप में मुझे यह जानकारी उपलब्ध करवाई जाए कि रीतू जैन के फ्लोर में उपयोग किए जाते रहे इस मीटर पर बकाया बिल का क्या हुआ | यदि वो जमा कर दिया गया है तो उस जमा होने की प्रमाणित प्रति मुझे उपलब्ध करवाई जाए जिसे भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर मैं दिखा सकूँ कि इसका बिल जमा होने के बाद ही रीतूजैन के नाम नया मीटर लगाया गया था | उसका अब कुछ भी बकाया नहीं है  CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"  

    भवदीय 

 डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  

 

 

 

 

सेवा में, 

उप निदेशक उपभोक्ता सहायक जी !

BSES के द्वारा पुराना बिल वसूले बिना भ्रष्टाचारपूर्वक नया मीटर लगाए जाने के बिषय में विनम्र निवेदन !
 
महोदय, 

   A-7/41,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 के ग्राउंड फ्लोर में 5 दुकानें एवं तीन आवासीय फ्लोर हैं | इसके सेकेंड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ | इस बिल्डिंग का फ़स्टफ्लोर रीतूजैन ने कुछ वर्ष पहले ख़रीदा था ! फस्ट फ्लोर पर पुराना बकाया होने के कारण इस फ्लोर के नाम से अपना बिजली मीटर नहीं लगवाया जा सका था | फ्लोर को किराए पर उठाने के लिए रीतूजैन के द्वारा अपने फ्लोर में बिजली की आपूर्ति जिस फर्जी बिजली मीटर से की  जा रही है | उसके बिल पर लिखा नाम एड्रेस बिल्डिंग नंबर फ्लोर नंबर आदि सब कुछ फर्जी है -CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051" 
     रीतू जैन के द्वारा अपने फस्ट फ्लोर में रखे गए किराएदार महेंद्र जैन रहने के साथ साथ उसी फ्लोर में मशीनें लगाकर फैक्ट्री भी चला रहे हैं | आवासीय फ्लोर में घरेलूफर्जी मीटर से बड़ीमशीनें चलाने के कारण बिजिलेंस वालों ने छापा डाला | उसमें कारीगरों के साथ  मशीनें चलाते हुए रीतूजैन के किराएदार महेंद्रजैन पाए गए | बिजिलेंस वालों ने इस रसीद पर यूजरनेम  रीतूजैन के किराएदार महेंद्रजैन का ही लिखा है | इससे ये प्रमाणित हो जाता है कि इस फर्जी बिजली मीटर का उपयोग रीतूजैन के फ्लोर में उनके किराएदार महेंद्र जैन ही कर रहे थे | विजयकुमार नाम वाला वह फर्जी बिजली मीटर यही है -"11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |" जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल किया गया, उसका लोड बढ़ा दिया गया | 
    इस प्रकार से बिजिलेंस वालों के द्वारा 11-7-2025 को बनाया गया बिल 1,25,896  है | इसके बाद जुलाई से लेकर अभी मार्च 2026 तक उसी मीटर से चलाई जा रही मशीनों तथा घर में उपयोग किया जा रहा अभी तक का बकाया बिजली बिल | इसके साथ ही साथ इसी फ्लोर पर बकाया वो पुराना बिजली बिल जिसके कारण रीतूजैन  के फस्ट फ्लोर में अपना बिजली मीटर नहीं लग पा रहा था |  रीतूजैन  के फस्ट फ्लोर पर अभी तक ये तीनों बिल बकाया हैं |इन्हें रीतूजैन  से वसूले बिना ही रीतूजैन के उसी फस्ट फ्लोर के लिए रीतूजैन  के नाम पर BSES नया बिजली मीटर लगाने जा रहा है | किसी दूसरे का दो चार हजार का भी बिजली बिल यदि 2 महीने तक बकाया रह जाता तो बिजली कनेक्शन काट कर मीटर उतार लिया जाता | रीतूजैन के फ्लोर पर तो इतनी बड़ी धनराशि इतने महीनों से बकाया है | 
      रीतूजैन से ये बिल यदि अभी  नहीं वसूला गया तो  उनके अपने नाम पर नया मीटर लग जाने के बाद वे इस फर्जी मीटर के बिल का भुगतान क्यों करेंगी | बाद में  इस फर्जी मीटर का यह बिल किससे वसूला जाएगा |इतना बड़ा बकाया होने के बाद भी इसे वसूले बिना रीतूजैन के नाम से नया मीटर लगाया कैसे जा रहा है | इससे संबंधित बिल कागज मीटर लगाने की पर्ची आदि सबकुछ आपको भेज रहे हैं |  
    
निवेदक :
  डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 

इसके रजिस्ट्री आधार कार्ड आदि न होने पर भी इसका लोड कम करवा लिया जाता है | इसकी श्रेणी बदलवा ली जाती है | किसी और के लिए ऐसा किया जाना संभव न था |      _______________________________________________________________ 

सेवा में, 

उप निदेशक उपभोक्ता सहायक जी 

बिषय : बकाया बड़ा अमाउंट होने पर भी लगाए जा रहे नए बिजलीमीटर के बिषय में निवेदन करने हेतु !
 
महोदय,  
   A-7/41,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 के ग्राउंड फ्लोर में 5 दुकानें एवं तीन आवासीय फ्लोर हैं | इसके सेकेंड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ | इस बिल्डिंग का फ़स्टफ्लोर रीतूजैन का है | रीतूजैन ने अपना फस्टफ्लोर महेंद्र जैन को किराए पर दे रखा है महेंद्र जैन इस फस्ट फ्लोर में रहने के साथ साथ बड़ी व्यावसायिक मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य करते हैं | 
     इस फ़स्टफ्लोर के लिए अपना  कोई लीगल बिजली मीटर नहीं है | इसलिए रीतूजैन ने अपने फस्टफ्लोर में एक ऐसे फर्जी बिजलीमीटर से कनेक्शन जोड़ रखा है | जिसके बिल पर लिखा नाम एड्रेस बिल्डिंग नंबर फ्लोर नंबर आदि सब कुछ फर्जी है -CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051" 
     रीतूजैन ने इसी फर्जीबिजली मीटर से अपने फ्लोर में रखे गए अपने किराएदार महेंद्रजैन को गैर कानूनी रूप से बिजली दे रखी है | रीतूजैन का किराएदार महेंद्रजैन  रीतूजैन के ही फस्ट फ्लोर में इसी फर्जी बिजली मीटर  से व्यावसायिक बड़ी मशीनें चलाता है और उसी में परिवार के साथ रहता भी है | 
  आवासीय फ्लोर में बड़ीमशीनें चलाने की शिकायत पर बिजिलेंस वालों ने छापा डाला | उसमें रीतूजैन के  किराएदार महेंद्रजैन अपने कारीगरों के साथ  मशीनें चलाते हुए पकड़े गए - "11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |" जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल किया गया, उसका लोड बढ़ा दिया गया | 
   बिजिलेंस वालों की इस रसीद पर लिखा यूजरनेम  महेंद्रजैन ही रीतूजैन का किराएदार है | रीतूजैन ने ही विजयकुमार नाम वाले फर्जी बिजली मीटर से अपने किराएदार  महेंद्रजैन  को बिजली का कनेक्शन जोड़वा रखा है | ऐसी स्थिति में इस फर्जी बिजली मीटर पर रीतूजैन या महेंद्रजैन के द्वारा उपयोग किया हुआ जितना भी बिल बने या मिसयूज पकड़े जाने पर जितना भी जुर्माना लगाया जाए |वो बिल रीतूजैन तथा  महेंद्रजैन से ही वसूला जाना चाहिए  | इस बकाया को  वसूले बिना नया बिजली मीटर नहीं लगाया जा सकता है | 
     वर्तमान समय में रजिस्ट्री  आधारकार्ड आदि कागजों के बिना ही मीटर का बढ़ा हुआ लोड कम करवा दिया है | उन्होंने ही कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक मीटर की श्रेणी में करवा  दिया है| 11-7-2025 से अभी तक रीतूजैन तथा महेंद्र जैन का उपयोग किया हुआ बिजलीबिल भी जमा नहीं हुआ है | बिजिलेंस वालों के द्वारा  लगाया गया जुर्माना भी अभीतक जमा नहीं किया गया है | व्यावसायिक मशीनें और घरेलू काम काज आदि उसी बिजली मीटर से अभी भी चलाया जा रहा है | 
    रीतू जैन के किराएदार महेंद्र जैन के द्वारा उपयोग किए गए उस मीटर पर डेढ़लाख से अधिक का बिल बकाया होने पर भी उनके रिस्तेदार अधिकारी रीतूजैन के नाम पर नया मीटर लगवा रहे हैं |
    मैं इससे संबंधित बिजली बिल ,बिजिलेंसरेड बिल ,11 जुलाई से अभी तक उपयोग किया जा रहा बिल तथा बिना जमा किए ही रिस्तेदार अधिकारी के द्वारा जीरो किया गया बिल एवं नया मीटर लगाने के लिए चिपकाई गई मीटर पर्ची आदि यहाँ संलग्न कर रहे हैं | इसकी जाँच करवाकर उस बकाया बिल के जमा होने न होने की जानकारी हमें भी उपलब्ध करवाई जाए | BSES के अधिकारी यदि रीतूजैन  के फ्लोर पर बकाया उस बिल को हमारी बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डल देते हैं तो उस बकाया के लिए न मैं अभी जिम्मेदार हूँ और न ही बाद में होउँगा |  BSES से मेरा विनम्र निवेदन है कि कृपया मुझे नोड्यूज प्रमाणपत्र उपलब्ध करवा दिया जाए |   
 
निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051



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सेवा में, 

उप निदेशक उपभोक्ता सहायक जी 

बिषय : भ्रष्टाचार पूर्वक किए जा रहे गैरकानूनी कार्यों को आपके संज्ञान में लाकर कानून सम्मत कार्यवाही करने हेतु | 
 
महोदय,  

   A-7/41,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 के ग्राउंड फ्लोर में 5 दुकानें एवं तीन आवासीय फ्लोर हैं | इसके सेकेंड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ |इसके फ़स्टफ्लोर में किराएदार महेंद्र जैन रहने के साथ साथ व्यावसायिक मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य करते हैं | इस फ्लोर पर पुराना बिल बिल्डिंगपर  बकाया होने के कारण इनका अपना बिजली कनेक्शन नहीं है |इसलिए इसमें महेंद्र जैन ऐसे फर्जीबिजली कनेक्शन का उपयोग करते हैं | जिसका कोई मालिक नहीं ,कोई रजिस्ट्री नहीं कोई आधार कार्ड नहीं है | उसके बिल पर लिखा ये एड्रेस फर्जी है - CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"  
    मशीनें चलने से बिल्डिंग में कंपन होने के कारण कंप्लेन पर छापा डालकर विजिलेंसविभाग के द्वारा ये कार्यवाही की गई थी - "11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |" जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल किया गया, उसका लोड बढ़ा दिया गया | इसके बाद 7 महीने तक न बिल वसूला गया ,न मशीनें हटवाई गईं | बढ़ा हुआ लोग घटा दिया गया और कामर्शियल मीटर को फिर से डोमेस्टिक कर दिया गया ?ऐसा कैसे किया गया !  
    किसी का दो चार हजार बिल दो महीने बाक़ी रह जाए तो कनेक्शन काट दिया जाता है | इस मीटर पर भारी भरकम बिल 7 महीने तक बकाया रहने पर भी इसके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई !क्यों ?
   आवासीय फ्लोर में फर्जी घरेलू मीटर से व्यावसायिक मशीनें महेंद्र जैन और उनके कारीगर चलाते हुए विजिलेंस रेड में पकड़े गए | "11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था  | महेंद्र जैन 11 जुलाई के बाद अभी तक इनके विरुद्ध कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई !मशीनें अभी भी चल रही हैं ?
    जिस प्रापर्टी का कोई बिल बकाया होता है उस बिल का भुगतान किए नया मीटर नहीं लग सकता है तो इसी फ़स्ट फ्लोर का पुराना बिल बिल्डिंग पर अभी भी बकाया पड़ा हुआ है 11 जुलाई से अभी तक का बिल तथा बिजिलेंस वालों के द्वारा लगाया हुआ जुर्माना आदि सब कुछ बकाया होने पर भी इसी फस्ट फ्लोर में इसी महेंद्रजैन के लिए नया मीटर कैसे लगाया जा रहा है | मीटर लगा देने के बाद फस्ट फ्लोर में महेंद्रजैन के द्वारा उपयोग किया हुआ यह बिल किससे वसूला जाएगा ?  
   रजिस्ट्री आधारकार्ड आदि कागजों के बिना ये मीटर लगा कैसे ?इसे कमर्शियल से डोमेस्टिक कैसे किया गया ?इसका लोड कैसे घटाया गया ? इसके लिए आवेदन किसने किया ? साइन किसने किए ? इसके  मालिक के बिना ये कार्य कैसे किए जा रहे हैं | कोई दूसरा करवावे तो  रजिस्ट्री आधार आदि कागज  माँगे जाते हैं |इसमें ऐसा क्यों नहीं किया गया ? 
   विजिलेंस वालों की रसीद में ये स्पष्ट लिखा हुआ है कि इस फर्जी मीटर का उपयोग इसी फस्ट फ्लोर में महेंद्र जैन के द्वारा मशीनें चलाने में किया जा रहा था | इसलिए ये वसूली महेंद्र जैन से करने के बाद ही नया मीटर लगाया जाना चाहिए |
   आखिर BSES इस फ्लोर और फ्लोर वालों के लिए  नियम कानूनों की इतनी कुर्वानियाँ क्यों देता जा रहा है | जो नियम दूसरों के लिए बनाए जाते हैं | वो इन फस्ट फ्लोर वालों के लिए क्यों तोड़ दिए जाते हैं |मेरे द्वारा बार बार कंप्लेन करने पर भी कोई सुनवाई नहीं की गई | 
      श्रीमान जी | मेरा निवेदन है कि BSES यदि ऐसे भ्रष्टाचार एवं गैर कानूनी कार्यों को करने कराने वाले लोगों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करता है तो बिल्डिंग पर पड़े ऐसे बकाया बिलों को देने के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ | मुझे कुछ ऐसा लिखित रूप में दिला दिया जाए कि जिससे बिल्डिंग पर पड़े ऐसे बकाया बिलों को देने के लिए भविष्य में मुझे बाध्य नहीं किया जाए | बिजिलेंस की रसीद बिजली बिल आदि मैं संलग्न कर रहा हूँ | 
 
निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051



 
 

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सेवा में, 

उप निदेशक उपभोक्ता सहायक जी 

बिषय :फर्जी अवैध बिजली मीटर का बकाया उपयोगकर्ता से वसूलकर मुझे नोड्यूज उपलब्ध करवाने हेतु 
 
महोदय,  

   A-7/41,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 के ग्राउंड फ्लोर में 5 दुकानें एवं तीन आवासीय फ्लोर हैं | इसके सेकेंड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ |इसके फ़स्टफ्लोर में किराएदार महेंद्र जैन रहने के साथ साथ व्यावसायिक मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य करते हैं | इस फ्लोर पर पुराना बिल बकाया होने के कारण इसका अपना बिजली कनेक्शन नहीं है |इसलिए इसमें महेंद्र जैन ऐसे फर्जीबिजली कनेक्शन का उपयोग करते हैं | जिसका कोई मालिक नहीं ,कोई रजिस्ट्री नहीं कोई आधार कार्ड नहीं है | फर्जी एड्रेस है  |उस मीटर के बिल पर ये एड्रेस लिखा हुआ है | जो कहीं नहीं है किसी का नहीं है -CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"  
    मशीनें चलने से बिल्डिंग में कंपन होने के कारण कंप्लेन पर छापा डालकर विजिलेंसविभाग के द्वारा ये कार्यवाही की गई थी - "11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |" जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल किया गया, उसका लोड बढ़ा दिया गया | 
     किसी का दो चार हजार बिल दो महीने बकाया रह जाए तो कनेक्शन काटने पहुँच जाने वाले BSES के लोग डेढ़ लाख से अधिक बकाया बिल की वसूली के नाम पर खाना पूर्ति करते रहे | उसी मीटर से 7 महीनें तक मशीनें चलती रहीं बिजली का घर में भी उपयोग होता रहा | बिल बढ़ता चला गया | ये सारा बिल गैर क़ानूनी रूप से बिल्डिंग पर डाल कर इस फस्ट फ्लोर के लिए अब नया मीटर लगाया जा रहा है ,जबकि इसी फस्ट में उपयोग किया गया इतना भारी भरकम बिल अभी भी बकाया पड़ा हुआ है |  
    विजिलेंस वालों की रसीद में ये स्पष्ट लिखा हुआ है कि इस फर्जी मीटर का उपयोग इसी फस्ट फ्लोर में महेंद्र जैन के द्वारा मशीनें चलाने में किया जा रहा था | इसलिए ये वसूली महेंद्र जैन से करने के बाद ही नया मीटर लगाया जाना चाहिए | बिजिलेंस की रसीद बिजली बिल आदि मैं संलग्न कर रहा हूँ | 
   भ्रष्टाचारपूर्वक  ऐसे कार्य करने करवाने वाले दोनों ही पक्ष दोषी हैं | BSES के ऐसे पक्षपात पूर्ण व्यवहार से निर्दोष लोगों का उत्पीड़न किया जाता है |आखिर किसी अन्य फ्लोर पर इतना बकाया पड़ा हो तो उसे वसूल किए बिना क्या उसके लिए नया मीटर लगा दिया जाएगा ,पहला मीटर बिना कागजों के कैसे लगा दिया गया ,रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना कमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कैसे कर दिया गया! लोड कैसे घटा दिया गया !वो भी तब जब आवेदक नहीं है ,आवेदक का आधार कार्ड नहीं है, आवेदक के साइन नहीं है | फिर भी ऐसा किया जाना कैसे संभव है जबकि बाक़ी लोगों से आवेदन के साथ ये सभी कागज़ जमा करवाए जाते हैं | आखिर BSES इस फ्लोर और फ्लोर वालों के लिए  नियम कानूनों की इतनी कुर्वानियाँ क्यों देता जा रहा है | जो नियम दूसरों के लिए बनाए जाते हैं | वो इन फस्ट फ्लोर वालों के लिए क्यों तोड़ दिए जाते हैं |मेरे द्वारा बार बार कंप्लेन करने पर भी कोई सुनवाई नहीं की गई | 
      श्रीमान जी | मेरा निवेदन है कि BSES यदि ऐसे भ्रष्टाचार एवं गैर कानूनी कार्यों को करने कराने वाले लोगों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं करता है तो बिल्डिंग पर पड़े ऐसे बकाया बिलों को देने के लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ | मुझे कुछ ऐसा लिखित रूप में दिला दिया जाए कि जिससे बिल्डिंग पर पड़े ऐसे बकाया बिलों को देने के लिए भविष्य में मुझे बाध्य नहीं किया जाए | मैं इससे संबंधित कागज़ संलग्न कर रहा हूँ | 
 
निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051



 
 
 
    इस फर्जी मीटर का मिसयूज पकड़े जाने पर जो जुर्माना लगाया जाता है या जो बिल बनता है | वो 6 महीने या साल भर पेंडिंग पड़ा रहने दिया जाता है | तब तक कनेक्शन चलता रहता है मशीनें चलती रहती हैं | बिल बढ़ता रहता है | इसके बाद अधिकारियों की मिली भगत से वो बिल बिल्डिंग पर डालकर इस फर्जी मीटर को बकाया मुक्त करके इसका बिल जीरो करवा लिया जाता है | इस फ्लोर का ऐसा पुराना बिल अभी भी बिल्डिंग पर बकाया पड़ा हुआ है | जो नया मीटर लगवाते समय या नाम बदलवाते समय हम सभी से जमा करने को कहा जाता है | ऐसा अभी फिर हुआ है |  
 
कर वे गए थे |उन्होंने इसकी रसीद में यह भी लिखा है कि इस कनेक्शन इस बिल्डिंग के फ़स्ट फ्लोर में महेंद्र जैन के द्वारा मशीनें चलाई जा रही थीं | 
   इसके 7 महीने बाद तक उसी  कनेक्शन से व्यावसायिक मशीनें  पहले की तरह ही चलाई जाती रहीं | घर में भी बिजली का उपयोग किया जाता रहा | इस प्रकार से 7 महीनों में जो भी बिल बना उसे जमा किए बिना ही उसी फ़स्ट फ्लोर के लिए नया मीटर लगाया जा रहा है | जिसके लिए लगाई गई छोटी रसीद इसमें सलग्न है |
    महोदय ! महेंद्रजैन  जिस मीटर का उपयोग करते आ  रहे थे | उसका बिल्डिंगनंबर,फ्लोरनंबर नाम आदि सब कुछ फर्जी है | उस एड्रेस की कोई प्रापर्टी कहीं है ही नहीं |ऐसे फर्जी मीटर को इसी समय के लिए फस्ट फ्लोर वालों ने लगवाया था कि इसका मिसयूज यदि कभी  पकड़ा जाएगा या इसपर कोई जुर्माना लगा दिया जाएगा तो इस मीटर को छोड़कर अपने नाम से नया मीटर लगवा लेंगे ,जैसा कि अब किया जा रहा है |उस मीटर पर ये एड्रेस लिखा हुआ है |     
CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051" 
 
    आधार कार्ड ,रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना इस मीटर का लगाया जाना,इसके लोड को कम किया जाना इसकी कामर्शियल श्रेणी को डोमेस्टिक में किया जाना किसी और के लिए संभव नहीं है | ऐसे काम करने के लिए उससे आधार कार्ड ,रजिस्ट्री आदि पूरे कागज लिए जाते हैं !आवेदक से हस्ताक्षर करवाए जाते हैं किंतु महेंद्र जैन उस फर्जी मीटर में अधिकारियों की मिली भगत से बिना कागजों के ही ऐसे कार्य करवाते रहे हैं | 
     महेंद्रजैन  के द्वारा अभी तक उपयोग किए जाते रहे उस मीटर का संपूर्ण बिल अभी तक जमा नहीं कराया गया है फिर भी उनके फ्लोर के लिए नयामीटर लगवाया जा रहा है |  
    इस फर्जी मीटर से पहले भी फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा एक ऐसे ही फर्जी मीटर का उपयोग किया जा रहा था | उस पर  धनराशि बकाया हो जाने पर उसे छोड़कर इस फर्जी मीटर का उपयोग किया जाने लगा था | उसके ड्यूज अभी भी बिल्डिंग के नाम पड़े हुए हैं |नया मीटर लगाते समय वे ड्यूज जमा करवाए जाते हैं | इनका अभी जो नया मीटर लगाया जा रहा है | उन्हें हो सकता है कि इसमें भी छूट दे दी जाए |
    मुझे विश्वास है कि यह बिल  महेंद्र जैन से वसूल किए बिना यदि नया मीटर लगा दिया जाता है तो इस मीटर का बिल भी पहले की तरह ही बिल्डिंग पर डालकर हम सभी के लिए देय सिद्ध कर दिया जाएगा |इसलिए आपसे विनम्र प्रार्थना है कि महेंद्र जैन के द्वारा  उपयोग किए गए बिल की वसूली महेंद्र जैन से ही करके हमारी बिल्डिंग को बकाया मुक्त किया जाए | जिसका प्रमाण मुझे भी उपलब्ध करवाया जाए | 
 
__________________________________________________________________________ 
बिषय :फर्जी अवैध बिजली मीटर के बिल जाँच कराकर  हमें नोड्यूज उपलब्ध करवाने हेतु 
 
महोदय,  

   A-7/41,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 के ग्राउंड फ्लोर में 5 दुकानें एवं तीन फ्लोर आवासीय हैं | इसके सेकेंड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ | फस्टफ्लोर के मालिक ने महेंद्रजैन नाम के किराएदार को रखा हुआ है | वो उसमें रहने के साथ साथ व्यावसायिक मशीनें भी लगाए हुए है | जिन्हें चलाने से बिल्डिंग में कंपन होता है | जिसकी कंप्लेन करने पर विजिलेंस वालों ने छापा डाला जिसमें मशीनें चलती पाई गईं | 
    "11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |" रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ाकर वे गए थे |उन्होंने इसकी रसीद में यह भी लिखा है कि इस कनेक्शन इस बिल्डिंग के फ़स्ट फ्लोर में महेंद्र जैन के द्वारा मशीनें चलाई जा रही थीं | 
   इसके 7 महीने बाद तक उसी  कनेक्शन से व्यावसायिक मशीनें  पहले की तरह ही चलाई जाती रहीं | घर में भी बिजली का उपयोग किया जाता रहा | इस प्रकार से 7 महीनों में जो भी बिल बना उसे जमा किए बिना ही उसी फ़स्ट फ्लोर के लिए नया मीटर लगाया जा रहा है | जिसके लिए लगाई गई छोटी रसीद इसमें सलग्न है |
    महोदय ! महेंद्रजैन  जिस मीटर का उपयोग करते आ  रहे थे | उसका बिल्डिंगनंबर,फ्लोरनंबर नाम आदि सब कुछ फर्जी है | उस एड्रेस की कोई प्रापर्टी कहीं है ही नहीं |ऐसे फर्जी मीटर को इसी समय के लिए फस्ट फ्लोर वालों ने लगवाया था कि इसका मिसयूज यदि कभी  पकड़ा जाएगा या इसपर कोई जुर्माना लगा दिया जाएगा तो इस मीटर को छोड़कर अपने नाम से नया मीटर लगवा लेंगे ,जैसा कि अब किया जा रहा है |उस मीटर पर ये एड्रेस लिखा हुआ है |     
CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051" 
 
    आधार कार्ड ,रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना इस मीटर का लगाया जाना,इसके लोड को कम किया जाना इसकी कामर्शियल श्रेणी को डोमेस्टिक में किया जाना किसी और के लिए संभव नहीं है | ऐसे काम करने के लिए उससे आधार कार्ड ,रजिस्ट्री आदि पूरे कागज लिए जाते हैं !आवेदक से हस्ताक्षर करवाए जाते हैं किंतु महेंद्र जैन उस फर्जी मीटर में अधिकारियों की मिली भगत से बिना कागजों के ही ऐसे कार्य करवाते रहे हैं | 
     महेंद्रजैन  के द्वारा अभी तक उपयोग किए जाते रहे उस मीटर का संपूर्ण बिल अभी तक जमा नहीं कराया गया है फिर भी उनके फ्लोर के लिए नयामीटर लगवाया जा रहा है |  
    इस फर्जी मीटर से पहले भी फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा एक ऐसे ही फर्जी मीटर का उपयोग किया जा रहा था | उस पर  धनराशि बकाया हो जाने पर उसे छोड़कर इस फर्जी मीटर का उपयोग किया जाने लगा था | उसके ड्यूज अभी भी बिल्डिंग के नाम पड़े हुए हैं |नया मीटर लगाते समय वे ड्यूज जमा करवाए जाते हैं | इनका अभी जो नया मीटर लगाया जा रहा है | उन्हें हो सकता है कि इसमें भी छूट दे दी जाए |
    मुझे विश्वास है कि यह बिल  महेंद्र जैन से वसूल किए बिना यदि नया मीटर लगा दिया जाता है तो इस मीटर का बिल भी पहले की तरह ही बिल्डिंग पर डालकर हम सभी के लिए देय सिद्ध कर दिया जाएगा |इसलिए आपसे विनम्र प्रार्थना है कि महेंद्र जैन के द्वारा  उपयोग किए गए बिल की वसूली महेंद्र जैन से ही करके हमारी बिल्डिंग को बकाया मुक्त किया जाए | जिसका प्रमाण मुझे भी उपलब्ध करवाया जाए | 
    
  
मेरी ही बिल्डिंग के फस्टफ्लोर में रह रहे किराएदार महेंद्रजैन के द्वारा जिस बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है |वह हमारी बिल्डिंग का नहीं है |  उसके बिल पर लिखा एड्रेस पूरी तरह फर्जी है | बार बार कंप्लेन करने के बाद भी इसे हटाया नहीं गया है | अब जब इसका भारी भरकम बिल हो गया है तो उसका भ्रष्टाचार पूर्वक  निपटारा किया जा रहा है | 
 CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"    
    यह बिल्डिंग नंबर,एड्रेस आदि न तो किसी रजिस्ट्री में है और न ही इस एड्रेस का कोई मालिक है और न ही आधार कार्ड आदि ही हैं फिर भी BSES के अधिकारियों की मिली भगत से इस पर लगे जुर्माने को माफ कर दिया जाता है | इसके लोड को घटा दिया जाता है | व्यावसायिक कार्यों में उपयोग होने के कारण बिजिलेंस वालों के द्वारा कामर्शियल किए गए इस मीटर को बिना कागजों के ही डोमस्टिक करदिया जाता है | बिल भी माफ कर दिया जाता है |यही कार्य कोई दूसरा करे तो पुलिस कम्प्लेन कर दी जाए,कनेक्शन काट दिया जाए | बिना रजिस्ट्री आदि कागजों के काम न किए जाएँ | इस मीटर पर  BSES के वे नियम लागू क्यों नहीं होते हैं |  
   इस फर्जी मीटर का व्यावसायिक उपयोग फस्टफ्लोर में महेंद्रजैन करते हैं | व्यावसायिक मशीनें चलाते हैं | विजिलेंस वालों के द्वारा रेड डाली गई थी | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया था | 
     6 महीने तक बिल न जमा होने पर भी मशीनें चलती  रहीं |कनेक्शन चालू रहा | बिल डेढ़ लाख से अधिक हो गया |  इसके बाद भी BSES के अधिकारियों की मिली भगत से रजिस्ट्री ,आधारकार्ड  आदि कागजों के बिना ही कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया,इस मीटर का लोड घटा दिया गया | रजिस्ट्री आधारकार्ड आदि कागजों के बिना सब कुछ कर दिया गया | 
     मुझे आशंका है कि इस फर्जी बिजली मीटर का लाखों  का बिल हमारी बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डाल कर भ्रष्टाचार पूर्वक इस अवैध मीटर का रिकार्ड ही समाप्त किया जा सकता है |उस बकाए बिल के लिए हमें दोषी सिद्ध किया जा सकता है | इस फ्लैट के बकाया बिल को पहले भी बिल्डिंग पर डाला जा चुका है | जो बिल्डिंग पर ड्यूज  के रूप में अभी तक पड़ा हुआ है | उसकी वसूली फस्टफ्लोर वालों से किए बिना नया मीटर कैसे लगाया जा सकता है !
   अतएव आपसे विनम निवेदन है कि इस मीटर को और इसके पिछले रिकार्ड को दोषियों के द्वारा नष्ट किए जाने से पहले इसकी जैसी चाहें जाँच करा लें | किंतु इसका रिकार्ड दोषियों के द्वारा नष्ट किए जाने के बाद यदि इस मीटर पर बकाया बिल बिल्डिंग पर डाला जाता है तो उसे जमा करने के लिए BSES के द्वारा हमें बाध्य नहीं  किया जाएगा |इसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ | इस बात का लिखित प्रमाणपत्र  BSES के द्वारा मुझे उपलब्ध करवाया जाए | इससे संबंधित कागजात मैं इसी पत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ | 
 
निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051



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 बिषय :फर्जी अवैध बिजली मीटर के बिल जाँच कराकर  हमें नोड्यूज उपलब्ध करवाने हेतु 
 
महोदय,  

   मैं  A-7/41, सेकेंडफ्लोर,कृष्णानगर,दिल्ली -110051 में रहता हूँ | मेरी ही बिल्डिंग के फस्टफ्लोर में रह रहे किराएदार महेंद्रजैन के द्वारा जिस बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है |वह हमारी बिल्डिंग का नहीं है |  उसके बिल पर लिखा एड्रेस पूरी तरह फर्जी है | बार बार कंप्लेन करने के बाद भी इसे हटाया नहीं गया है | अब जब इसका भारी भरकम बिल हो गया है तो उसका भ्रष्टाचार पूर्वक  निपटारा किया जा रहा है | 
 CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"    
    यह बिल्डिंग नंबर,एड्रेस आदि न तो किसी रजिस्ट्री में है और न ही इस एड्रेस का कोई मालिक है और न ही आधार कार्ड आदि ही हैं फिर भी BSES के अधिकारियों की मिली भगत से इस पर लगे जुर्माने को माफ कर दिया जाता है | इसके लोड को घटा दिया जाता है | व्यावसायिक कार्यों में उपयोग होने के कारण बिजिलेंस वालों के द्वारा कामर्शियल किए गए इस मीटर को बिना कागजों के ही डोमस्टिक करदिया जाता है | बिल भी माफ कर दिया जाता है |यही कार्य कोई दूसरा करे तो पुलिस कम्प्लेन कर दी जाए,कनेक्शन काट दिया जाए | बिना रजिस्ट्री आदि कागजों के काम न किए जाएँ | इस मीटर पर  BSES के वे नियम लागू क्यों नहीं होते हैं |  
   इस फर्जी मीटर का व्यावसायिक उपयोग फस्टफ्लोर में महेंद्रजैन करते हैं | व्यावसायिक मशीनें चलाते हैं | विजिलेंस वालों के द्वारा रेड डाली गई थी | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया था | 
     6 महीने तक बिल न जमा होने पर भी मशीनें चलती  रहीं |कनेक्शन चालू रहा | बिल डेढ़ लाख से अधिक हो गया |  इसके बाद भी BSES के अधिकारियों की मिली भगत से रजिस्ट्री ,आधारकार्ड  आदि कागजों के बिना ही कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया,इस मीटर का लोड घटा दिया गया | रजिस्ट्री आधारकार्ड आदि कागजों के बिना सब कुछ कर दिया गया | 
     मुझे आशंका है कि इस फर्जी बिजली मीटर का लाखों  का बिल हमारी बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डाल कर भ्रष्टाचार पूर्वक इस अवैध मीटर का रिकार्ड ही समाप्त किया जा सकता है |उस बकाए बिल के लिए हमें दोषी सिद्ध किया जा सकता है | इस फ्लैट के बकाया बिल को पहले भी बिल्डिंग पर डाला जा चुका है | जो बिल्डिंग पर ड्यूज  के रूप में अभी तक पड़ा हुआ है | उसकी वसूली फस्टफ्लोर वालों से किए बिना नया मीटर कैसे लगाया जा सकता है !
   अतएव आपसे विनम निवेदन है कि इस मीटर को और इसके पिछले रिकार्ड को दोषियों के द्वारा नष्ट किए जाने से पहले इसकी जैसी चाहें जाँच करा लें | किंतु इसका रिकार्ड दोषियों के द्वारा नष्ट किए जाने के बाद यदि इस मीटर पर बकाया बिल बिल्डिंग पर डाला जाता है तो उसे जमा करने के लिए BSES के द्वारा हमें बाध्य नहीं  किया जाएगा |इसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ | इस बात का लिखित प्रमाणपत्र  BSES के द्वारा मुझे उपलब्ध करवाया जाए | इससे संबंधित कागजात मैं इसी पत्र के साथ संलग्न कर रहा हूँ | 
 

निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,सेकेंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051




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सेवा में  श्रीमान जी 
                        सादर नमस्कार  
 
   विषय: फर्जी कागजों या बिना कागजों के लगाए गए अवैध बिजली मीटर की जाँच करके दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु !   
 
     महोदय , 
   
 CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"     
     ये एक बिजली बिल पर लिखा एड्रेस है | यह एड्रेस किसी प्रापर्टी की रजिस्ट्री में नहीं है | इस एड्रेस का किसी किसी के पास आधारकार्ड नहीं है | इस एड्रेस के लिए बिजली संबंधी योजनाओं की माँग करने के लिए कोई आवेदक नहीं है | इसके बाद भी इस अवैध मीटर के सभी काम बिना कागजों के होते हैं | कनेक्शन कट जाए तो बिना कागजों के ही जोड़ दिया जाता है | मीटर को कॉमर्शियल से डोमेस्टिक करना हो तो कर दिया जाता है | लोड घटाना हो तो घटा दिया जाता है | बिल कम करवाना हो तो कर दिया जाता है | 
     कुल मिलाकर ये मीटर भले फर्जी हो इसका एड्रेस फर्जी हो इसका मालिक न हो इसके प्रापर्टी के कागज  आधारकार्ड न हों फिर भी इसके सभी काम अधिकारी लोग बिना कागजों के कैसे कर देते हैं ,जबकि दूसरों को इसके लिए सभी कागज़ जमा  करके महीनों  चक्कर लगना पड़ता है |  
    मैं A-7/41 के सेकेंड फ्लोर में रहता हूँ | मेरी बिल्डिंग का किसी भी रूप में कोई 2-A पार्ट नहीं है | बिजली बिल पर लिखा नाम एड्रेस प्रापर्टी के कागज़ आधार कार्ड आदि पूरे कृष्णानगर में कहीं नहीं है |आवेदन करने वाला एवं  साइन  करने वाला कोई विजय कुमार नहीं है | इन सबके बिना भी यह  मीटर 16 वर्षों से अवैध रूप से  उपयोग किया जा रहा  है |
   अभी हाल में ही  विजिलेंस वालों के द्वारा रेड डाली गई थी | उस समय  इस फर्जी घरेलू मीटर से आवासीय फ्लैट में बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही थीं | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,डोमेस्टिक  मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया | 
    वर्तमान समय में BSES के अधिकारियों के द्वारा बढ़े लोड को घटाकर , कामर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया है |उन्होंने  मीटर के अवैध  उपयोग का रास्ता साफ कर दिया है |संभव है जुर्माना भी माफ कर दिया गया हो |  व्यावसायिक मशीनें अभी भी चल रही हैं |मेरे फ्लोर के नीचे मशीनें चलने के कारण मेरे घर में  कंपन होता है | जिससे स्वास्थ्य एवं  बच्चों की शिक्षा  में बाधा होती है | ऐसा पहले भी होता रहा है | 
      कंप्लेन करने के कारण हमसे व्यक्तिगत रूप से नाराज लोगों ने कहा है कि इसके बिल को बिल्डिंग पर ड्यूज के रूप में डाल दिया जाएगा ! जो बिल्डिंग के सभी लोगों को नया मीटर लगवाते या नाम बदलवाते समय चुकाना पड़ेगा |ये गंभीर प्रवृत्ति का मामला है | यदि ऐसा किया गया है तो इसकी गंभीर जाँच की जानी चाहिए | 
       इतने महँगे फ्लोर में रहने वाले लोग गरीब नहीं होते हैं फिर BSES के अधिकारियों के द्वारा इस मीटर पर बने भारी भरकम बिल को माफ किया जाना हमेंशा की तरह बिल्डिंग के नाम डाल दिया जाना कितना उचित है | मुझे नहीं पता कृपया इसकी जाँच करवाई जाए | 
    आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मीटर के बिल्डिंग पर पड़े ड्यूज को इसी फ्लोर  वालों से वसूला जाए जो इसका उपयोग करते रहे हैं | इसके साथ ही बिजिलेंस वालों के द्वारा लगाया गया आर्थिक दंड भी उनसे वसूला जाए ताकि आवासीय फ्लोर में व्यावसायिक मशीनें चलाना बंद हो | 
    मीटरों के अवैध उपयोग या भ्रष्टाचार के विरुद्ध यदि कठोर कार्यवाही नहीं की जाती है तो BSES के द्वारा निर्धारित नियमों का पालन कोई क्यों करेगा | फिर तो सभी उपभोक्ताओं को ऐसी छूटें देनी पड़ेंगी | उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए | जो BSES के अधिकारी ऐसे अवैध कार्यों में मदद करते हैं | जिससे BSES के प्रति समाज के विश्वास को सुरक्षित रखते हुए मेरे जैसे लोगों का उत्पीड़न रोका जा सके | 
 
निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,2 - A, ग्राउंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 
 


 
 
 
 
 
 
इस कनेक्शन इस मीटर की गई बिजिलेंस की कार्यवाही को निरस्त कर देते हैं | उनके जाने के तुरंत बाद चलता आ रहा है    
  
 BSES के अधिकारियों की मिली भगत से यह मीटर न केवल लगाया गया है अपितु इसका पिछले 16 वर्षों से अवैध तरह से उपयोग होता आ रहा है | 
      A-7/41 बिल्डिंग का ऐसा कोई पार्ट नहीं है जिसे A-7/41 का  2-A पार्ट कहा जा सके |इसके लिए सारे कृष्णानगर के सीरियल नंबर चेक किए जा सकते हैं |इसके साथ ही  A-7/41 बिल्डिंग के G/F में रहने लायक कोई जगह ही नहीं है | 
     कुल मिलाकर दिल्ली की किसी भी रजिस्ट्री में ये एड्रेस नहीं है | इससे संबंधित कोई आधार कार्ड नहीं है | प्रापर्टी कागजों के बिना आधार कार्ड के बिना आवेदन कर्ता के हस्ताक्षर के ये मीटर लगा कैसे !ये मीटर लगाने के लिए बने BSES के नियमों का उलंघन है | 
   लाखों रुपए का बिल 6 महीने तक जमा न होने के कारण इसका कनेक्शन काट दिया गया,इसके बाद उसे जोड़ने के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार विजय कुमार की प्रापर्टी के कागज, उनका आधार कार्ड एवं आवेदन पत्र और उस पर विजय कुमार के हस्ताक्षर होने चाहिए थे | फर्जी मीटर होने के कारण ये सब मिलना असंभव था इसलिए इनके बिना ही अवैध रूप से यह कनेक्शन जोड़ दिया गया |ये BSES के नियमों का उलंघन अधिकारियों ने किया है | 
     इस अवैध मीटर से डोमेस्टिक फ्लोर में बड़ी मशीनें चलाई जा रही थीं | विजिलेंस वालों ने रेड की मशीनें चलती हुई पकड़ी गईं | उस पर पेनाल्टी लगाई गई,लोड बढ़ाकर 7 किलोवाड किया गया,बिल को डोमेस्टिक की जगह कामर्शियल किया गया |ये BSES के नियमों का उलंघन अधिकारियों ने किया है |
    इसके बाद बिल कम कराने के लिए कोर्ट में विजय कुमार ने न तो आवेदन दिया, न हस्ताक्षर किए, न प्रापर्टी के कागज दिए और न ही आधार कार्ड दिया और न ही कोर्ट में स्वयं उपस्थित हुए किंतु बिल माफ करने की कार्यवाही पूरी कर दी गई | ये BSES के नियमों का उलंघन अधिकारियों ने किया है | 
    इसीप्रकार से लोड घटाने के लिए या कामर्शियल बिल को डोमेस्टिक करने के लिए विजय कुमार की प्रापर्टी के कागज, उनका आधार कार्ड एवं आवेदन पत्र और उस पर विजय कुमार के हस्ताक्षर होने चाहिए थे |इस सबके बिना ही लोड भी घटा दिया गया और कामर्शियल बिल को डोमेस्टिक भी कर दिया |ये BSES के नियमों का उलंघन अधिकारियों ने किया है | 
    BSES के इन्हीं अधिकारियों की मदद से BSES के नियमों का इसी प्रकार से उलंघन कराकर पिछले 16 वर्षों से इस मीटर का यूँ ही अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा है | कभी छापा पड़ा और पेनाल्टी लगा दी गई या वैसे कभी बिल अधिक हो जाता है तो या तो BSES के अधिकारी उस बिल को या तो माफ कर देते हैं  या फिर A-7/41 बिल्डिंग पर डाल देते हैं | जो बिल्डिंग में रहने वाले अन्य लोगों को बिल्डिंग पर बकाया ड्यूज बता बता कर उनसे वसूला जाता है | ऐसे हम लोगों का उत्पीड़न किया जाता है | 
     इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि इस मीटर के लिए बार बार किए गए नियमों के उल्लंघन की उच्चस्तरीय जाँच करवाकर दोषियों को दण्डित किया जाए | यह मीटर हटाकर इस बिल्डिंग के फ़स्ट फ्लोर के लोगों का उपयोग किया हुआ लाखों का बिल उनसे वसूल कर उनका नया मीटर लगाया जाए और बिल्डिंग को नोड्यूज किया जाए | 
 

  इस एड्रेस की प्रॉपर्टी पूरी दिल्ली में कहीं नहीं है ,रजिस्ट्री आदि कागज़ नहीं हैं,प्रॉपर्टी का कोई मालिक नहीं है | जिसने आवेदन पत्र पर साइन करके  अपना आधार कार्ड लगाकर  मीटर के लिए आवेदन किया हो | बिना आवेदक के हस्ताक्षर के, बिना आधार कार्ड के आवेदक के साइन के बिना ये मीटर लगा कैसे !  
      इस फर्जी घरेलू मीटर से आवासीय फ्लैट में बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही थीं | उस पर विजिलेंस वालों ने रेड की थी | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,घरेलू मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया !
     इसके बाद बिल माफ करने तथा मीटर को डोमेस्टिक करने एवं लोड घटाने के लिए के लिए कोर्ट में विजय कुमार को आवेदन करना था ,उन्हीं के साइन होने थे,उन्हीं के प्रॉपर्टी कागज़ लगने थे | उन्हीं का आधार कार्ड लगना था और कोर्ट में उन्हें ही पेश होना था,किंतु न कोई विजय कुमार है,न उसने आवेदन किया न उसने हस्ताक्षर किए, न उसने प्रापर्टी के कागज़ लगाए और न आधार कार्ड लगाया !फिर भी फैसला आ गया जिसमें बिल माफ हो गया,लोड घटा दिया गया और बिल डोमेस्टिक कर दिया गया | कॉमर्शियल बिल को घरेलू श्रेणी में कर दिया गया | बिना कागजों के वे सारे काम हो गए जो बिना कागजों के होते नहीं है | 
      ऐसे ही  6 महीने तक बिल न  जमा होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया तब फिर कनेक्शन जोड़ने के लिए विजयकुमार के आवेदन,उनके हस्ताक्षर तथा उनकी प्रापर्टी के कागज एवं उनका आधार कार्ड लगाना था की आवश्यकता थी |न विजय कुमार थे, न उनके हस्ताक्षर,न प्रापर्टी के कागज न उनका आधार कार्ड  फिर यह कटा हुआ कनेक्शन बिना ही कनेक्शन कागजों के कैसे जोड़ दिया  गया |
     ये सब करने के लिए प्रापर्टी कागजों तथा आधार कार्ड की आवश्यकता ही नहीं पड़ी या बिना कागजों के ही सारे काम किए गए या गलत  कागजों का सहारा लिया गया !आखिर ये सब काम करने के लिए दूसरों से तो बहुत सारे कागज लिए जाते हैं ,इन्हें ये  विशेष छूट क्यों दी गई | 
     इस शिथिलता में चूँकि BSES के अधिकारी भी सम्मिलित रहे हैं | इसलिए  इसकी निष्पक्ष जाँच किसी बाहरी व्यक्ति से करवाई जाए | 
  
  


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सेवा में श्रीमती मुख्यमंत्री जी (दिल्ली सरकार)
 
   विषय: धोखाधड़ी पूर्वक बिजली मीटर लेने एवं उसके संचालन को रोकने हेतु ! 
 
     महोदया ,
 
   " CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"
  इस एड्रेस की प्रॉपर्टी पूरी दिल्ली में कहीं नहीं है ,रजिस्ट्री आदि कागज़ नहीं हैं,प्रॉपर्टी का कोई मालिक नहीं है | जिसने आवेदन पत्र पर साइन करके  अपना आधार कार्ड लगाकर  मीटर के लिए आवेदन किया हो | बिना आवेदक के हस्ताक्षर के, बिना आधार कार्ड के आवेदक के साइन के बिना ये मीटर लगा कैसे !  
      इस फर्जी घरेलू मीटर से आवासीय फ्लैट में बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही थीं | उस पर विजिलेंस वालों ने रेड की थी | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,घरेलू मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया !
     इसके बाद बिल माफ करने तथा मीटर को डोमेस्टिक करने एवं लोड घटाने के लिए के लिए कोर्ट में विजय कुमार को आवेदन करना था ,उन्हीं के साइन होने थे,उन्हीं के प्रॉपर्टी कागज़ लगने थे | उन्हीं का आधार कार्ड लगना था और कोर्ट में उन्हें ही पेश होना था,किंतु न कोई विजय कुमार है,न उसने आवेदन किया न उसने हस्ताक्षर किए, न उसने प्रापर्टी के कागज़ लगाए और न आधार कार्ड लगाया !फिर भी फैसला आ गया जिसमें बिल माफ हो गया,लोड घटा दिया गया और बिल डोमेस्टिक कर दिया गया | कॉमर्शियल बिल को घरेलू श्रेणी में कर दिया गया | बिना कागजों के वे सारे काम हो गए जो बिना कागजों के होते नहीं है | 
      ऐसे ही  6 महीने तक बिल न  जमा होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया तब फिर कनेक्शन जोड़ने के लिए विजयकुमार के आवेदन,उनके हस्ताक्षर तथा उनकी प्रापर्टी के कागज एवं उनका आधार कार्ड लगाना था की आवश्यकता थी |न विजय कुमार थे, न उनके हस्ताक्षर,न प्रापर्टी के कागज न उनका आधार कार्ड  फिर यह कटा हुआ कनेक्शन बिना ही कनेक्शन कागजों के कैसे जोड़ दिया  गया |
     ये सब करने के लिए प्रापर्टी कागजों तथा आधार कार्ड की आवश्यकता ही नहीं पड़ी या बिना कागजों के ही सारे काम किए गए या गलत  कागजों का सहारा लिया गया !आखिर ये सब काम करने के लिए दूसरों से तो बहुत सारे कागज लिए जाते हैं ,इन्हें ये  विशेष छूट क्यों दी गई | 
     इस शिथिलता में चूँकि BSES के अधिकारी भी सम्मिलित रहे हैं | इसलिए  इसकी निष्पक्ष जाँच किसी बाहरी व्यक्ति से करवाई जाए | 
  
  निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,2 - A, ग्राउंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 
 
 
 
 
सेवा में श्रीमती मुख्यमंत्री जी (दिल्ली सरकार)
 
   विषय:फर्जी प्रापर्टी कागजों के आधार पर फर्जी नाम से फर्जी एड्रेसपर लगाए गए  मीटर की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने हेतु ! 
 
     महोदया ,
 
   " CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051"
    विजय कुमार नाम के किसी व्यक्ति को इस एड्रेस के लिए BSES के द्वारा एक मीटर दिया गया है | यह एड्रेस उस बिजली बिल पर लिखा है किंतु यह एड्रेस दिल्ली की किसी कालोनी में नहीं है | ये एड्रेस पूरी तरह फर्जी है | किस प्रॉपर्टी  के कागजों पर किसका आधार कार्ड लगाकर किससे साइन कराकर किसके आवेदन पर यह मीटर दिया गया है | इसकी जाँच की आवश्यकता है |  
     एक आवासीय फ्लैट में इस घरेलू मीटर से बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही थीं | उस पर विजिलेंस वालों ने रेड की थी | जिसकी 11-7-2025 Case Id - YM110725SE033 है| उसका बिल 1,25,896 था |रेड की प्रक्रिया पूरी करके जुर्माना लगाया गया,घरेलू मीटर को कामर्शियल करके उसका लोड बढ़ा दिया गया ! 6 महीने बाद सब कुछ पहले जैसा कर दिया गया !मशीनें भी लगातार चलती रहीं |अभी भी चल रही हैं |  यही सब करना था तो रेड करने की आवश्यकता ही क्या थी ?
    6 महीने तक बिल न  जमा होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया तब फिर कनेक्शन जोड़ने के लिए विजयकुमार के आवेदन,उनके हस्ताक्षर,उनकी प्रापर्टी के कागजों एवं उनके आधार कार्ड की आवश्यकता थी |न विजय कुमार थे, न उनके हस्ताक्षर,न प्रापर्टी के कागज न उनका आधार कार्ड  फिर यह कटा हुआ कनेक्शन इन कागजों के बिना कैसे जोड़ा गया |
     बिल जमा न होने के कारण कोर्ट में विजय कुमार के नाम पर केस लगा वहाँ न विजय कुमार थे, न उनके हस्ताक्षर,न उनकी प्रापर्टी के कागज और न  उनका आधार कार्ड !ऐसे में बिल माफी के लिए आवेदन किसने किया,हस्ताक्षर किसने किए,प्रापर्टी कागज किसके लगाए गए ,आधार कार्ड किसका लगाया गया और बिल किसका किस आधार पर माफ हुआ ?   
    इसी प्रकार से कामर्शियल बिल को डोमेस्टिक श्रेणी में बदलने के लिए विजय कुमार आवेदक नहीं थे उनके नाम के प्रापर्टी के कागज़ एवं आधारकार्ड नहीं थे,उन्होंने साइन नहीं किए ,रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिया | किसने आवेदन किया ,किसकी प्रापर्टी के कागज़ लगे एवं किसका आधारकार्ड लगा और किसने साइन किए | आखिर किस आधार पर इस सबके बिना कामर्शियल बिल को डोमेस्टिक श्रेणी में बदल कर लोड घटा दिया गया | 
   मुख्यमंत्री जी ! ये गंभीर प्रकृति का मामला है | इसमें धोखाधड़ी पूर्वक  BSES के बनाए हुए नियमों की मर्यादा लाँघी गई है | ये BSES के प्रति विश्वास का मामला है | यह यदि कोर्ट में पहुँचाया जाता है या मीडिया में प्रसारित होता है या विपक्षी पार्टियों के हाथ में पड़ता है तो  BSES के प्रति जनविश्वास को कितना झटका लगेगा और सरकार को इस भ्रष्टाचार में संलिप्त मान लिया जाएगा |BSES एवं सरकार दोनों का अपयश होगा |    
     आवासीय फ्लैट में फर्जी बिजली मीटर से मशीनें चलाकर व्यवसाय करना गैर कानूनी है |इतने महँगे इतने बड़े फ्लेट में मशीनें लगाकर व्यवसाय करने वाले लोग गरीब कैसे हो सकते हैं | उनके बिल माफी की प्रक्रिया,मशीनों के लगातार चलते रहने के बाद भी श्रेणीपरिवर्तन,लोड घटाने की प्रक्रिया जैसे पक्षपात पूर्ण व्यवहार BSES के नियमों को तोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने जैसे हैं | गरीबों के 5 हजार बकाया बिल के लिए दो महीनों में ही उनका मीटर काट दिया जाना एक ओर लाखों का बिल 6 महीने तक बकाया पड़ा रहना संशय पैदा करता  है |    
      इसकी सूचना कृष्णा नगर के बिजली विभाग से संबंधित अधिकारियों को मैं कई बार दे चुका हूँ कि प्रापर्टी के कागजों एवं आधार कार्ड के बिना, उसके आवेदन और साइन के बिना ये प्रक्रियाएँ कैसे पूरी की जा रही हैं | ऐसे BSES के नियमों कानूनों पर कोई क्यों विश्वास करेगा |इसलिए इसकी  जाँच करवाकर इस मीटर को यहाँ से हटाकर इसके वास्तविक एड्रेस पर लगाया जाए या फिर जो उपयोग कर रहा है उसी के नाम किया जाए |  इस पर आए भारी भरकम बिल को किसी भी रूप में हमारी बिल्डिंग पर बकाया के रूप में न डाला जाए जैसा कि BSES के द्वारा पहले किया जा चुका है |
 
  निवेदक : डॉ. शेष नारायण वाजपेयी  
 (फोन : 98 11 22 69  83) 
 A-7\41,2 - A, ग्राउंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
 कृष्णानगर ,दिल्ली -110051
 
 इसलिए इसका मीटर किसी ऐसी बिल्डिंग में किराएदार के द्वारा आवासीय फ्लैट में व्यावसायिक मशीनों को चलाने में उपयोग किया जा रहा है | जिस बिल्डिंग का इस मीटर एड्रेस से कोई संबंध नहीं है |किसी प्रापर्टी के कागजों में यह मीटर एड्रेस नहीं है | यह मीटरएड्रेस किसी आधार कार्ड में नहीं है तो ये मीटर लगा  कैसे ?  
 
जिसका मीटर किसी दूसरी बिल्डिँह न तो पूरी दिल्ली में कहीं है और न ही किसी प्रॉपर्टी के कागजों में ये एड्रेस है|इस नाम या एड्रेस का कोई आधारकार्ड भी नहीं है | मीटर के लिए आवेदन करने वाला कोई व्यक्ति भी नहीं है | किसके आवेदन पर किन प्रापर्टीकागजों के आधार पर BSES के द्वारा यह मीटर लगाया गया है | यह मीटर जिस बिल्डिंग के जिस फ्लोर में जिस व्यक्ति के द्वारा जिसकार्य में  उपयोग किया जा रहा है | वो पूरी तरह से गलत है |आप कृष्णानगर के मकानों का सीरियल नंबर चेक करवा सकते हैं | A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI में  A-7/41 का 2-A पार्ट कहीं नहीं है | 

मुझे नहीं पता कि वो बिल जमा किया गया या नहीं | मशीनें लगातार चलती रहीं | एक बार कनेक्शन काटा गया | कुछ पैसे जमा करने के बाद तुरंत उसे जोड़ दिया गया |
मुझे नहीं पता कि वो बिल जमा किया गया या नहीं | मशीनें लगातार चलती रहीं | एक बार कनेक्शन काटा गया | कुछ पैसे जमा करने के बाद तुरंत उसे जोड़ दिया गया |




       

 

 

 

मेरा एड्रेस A-7/41/2-A, ग्राउंड कृष्णानगर,दिल्ली  है | मैंने अपनी प्रापर्टी के कागज़ ,एड्रेस प्रूफ आदि लगाकर कभी किसी बिजली मीटर के लिए आवेदन नहीं किया है | मीटर लगाने के लिए मेरे घर का कभी सर्वे भी नहीं हुआ है | फिर मुझसे पूछे बिना मेरे नाम का मिसयूज करके A-7/41 के फ़स्ट फ्लोर के लिए बिजली कनेक्शन कैसे दे दिया गया है | उसमें मेरी प्रापर्टी के कागजों और नाम का फर्जी   उपयोग किया गया है |

    मेरे नाम का यह घरेलू मीटर A-7/41 के फ़स्ट फ्लोर में डोमेस्टिक के साथ साथ कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा है |व्यवसायिक मशीनें चलाई जा रही हैं |विजिलेंस विभाग ने छापा मारकर उस मीटर पर जुर्माना लगाया ,घरेलू  मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में बदला और उसका लोड भी बढ़ाकर जुर्माना लगाकर चले गए |लेकिन मेरे नाम का वह फर्जी मीटर हटवाया नहीं 6 महीने तक बिल जमा न करने के कारण लाखों में बकाया हो गया | मेरा मीटर फर्जी तरह से उपयोग करने वाले के विरुद्ध BSES ने कोई कार्यवाही भी नहीं की  जबकि 4 हजार का बिल दो महीने तक बकाया रह जाने पर ही BSES कनेक्शन काट दिया जाता है | इसका लाखों का बिल 6 महीने तक बकाया क्यों रहने दिया गया | 

      मेरे मीटर पर आए बिल को माफ करने के लिए मैंने कोई आवेदन नहीं दिया फिर BSES ने इस बिल को माफ क्यों किया | मेरे मीटर का फर्जी तरह से उपयोग होना गैर कानूनी है | इसके लिए उसे दण्डित करने के बजाए  बिल माफ कैसे किया गया | मेरे विरुद्ध इस गैर कानूनी कार्य को करने में BSES  के अधिकारी साथ क्यों दे रहे हैं ?ऐसे भ्रष्टाचार में BSES  के अधिकारी पहले साथ देते हैं | बाद में फर्जी तरह से मेरे मीटर का उपयोग किया भारी भरकम बकाया बिल उस बिल्डिंग के नाम पर बकाया डाल  देते हैं | जिसके लिए बिल्डिंग के लोग हमें गाली देते हैं क्योंकि बिल मेरे नाम से है | 

    जिस  बिजलीमीटर को  बिजिलेंस वालों ने 6 महीने पूर्व कामर्शियल कर दिया था | उसे BSES  के अधिकारियों ने फिर डोमेस्टिक श्रेणी में कर दिया है | घरेलू श्रेणी  में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कागज भी मुझे नहीं माँगे गए | मेरे प्रापर्टी के कागज़ ,मेरा आधारकार्ड मेरे आवेदन के साथ जमा किए जाने चाहिए थे | मुझे रजिस्ट्रेशन नंबर मिलना चाहिए था | कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक मीटर की श्रेणी में करने के लिए सर्वे किया जाना चाहिए था कि वे भारीभरकम व्यावसायिक मशीनें अब चल रही हैं कि नहीं | इसके लिए सर्वे किया जाना चाहिए था | कुछ नहीं किया गया (इसके लिए कैमरे चेक किए जा सकते हैं )|मेरे नाम के कॉमर्शियल मीटर को मुझसे पूछे बिना या मुझसे आवेदन लिए बिना डोमेस्टिक मीटर की श्रेणी में परिवर्तित कर दिया गया है | मेरे बिना किसी आवेदन के  उसका लोड कम  करके उसका बिल भी माफ कर  दिया गया है | 

    मुझे आशंका है कि मेरे आवेदन के बिना,मेरे प्रापर्टी कागजों तथा मेरे आधार कार्ड के बिना ,मेरे हस्ताक्षर के बिना  मेरे नाम के बिजली मीटर के साथ धोखाधड़ी पूर्वक ये सब कैसे किया जा रहा है |मेरे प्रापर्टी कागज,आधारकार्ड,मेरे हस्ताक्षरआदि फर्जी तो नहीं बनवा लिए गए हैं,आखिर मेरे नाम पर आवेदन कौन कर रहा है | इसकी जाँच करके दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए और मेरे नाम से चल रहे इस फर्जीवाड़े को बंद कराया जाए | 

 
 
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श्रीमान जी सादर नमस्कार 

   विषय: मेरे नाम पर BSES के द्वारा किए जा रहे फर्जीवाड़े की जाँच करवाने हेतु !

     महोदय, 

      मैं विजय कुमार मैं  A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 |में रहता हूँ | मेरे नाम से A -7/41 में किसी ने बिजली का मीटर लगवा रखा है जिसका CA No. 100907780 है | उसमें VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR  है | ये कुलदीप कुमार कौन है मैं उसे जानता भी नहीं हूँ | 

      मेरा एड्रेस A-7/41/2-A, ग्राउंड कृष्णानगर,दिल्ली  है | मैंने अपनी प्रापर्टी के कागज़ ,एड्रेस प्रूफ आदि लगाकर कभी किसी बिजली मीटर के लिए आवेदन नहीं किया है | मीटर लगाने के लिए मेरे घर का कभी सर्वे भी नहीं हुआ है | फिर मुझसे पूछे बिना मेरे नाम का मिसयूज करके A-7/41 के फ़स्ट फ्लोर के लिए बिजली कनेक्शन कैसे दे दिया गया है | उसमें मेरी प्रापर्टी के कागजों और नाम का फर्जी   उपयोग किया गया है |

    मेरे नाम का यह घरेलू मीटर A-7/41 के फ़स्ट फ्लोर में डोमेस्टिक के साथ साथ कॉमर्शियल उपयोग किया जा रहा है |व्यवसायिक मशीनें चलाई जा रही हैं |विजिलेंस विभाग ने छापा मारकर उस मीटर पर जुर्माना लगाया ,घरेलू  मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में बदला और उसका लोड भी बढ़ाकर जुर्माना लगाकर चले गए |लेकिन मेरे नाम का वह फर्जी मीटर हटवाया नहीं 6 महीने तक बिल जमा न करने के कारण लाखों में बकाया हो गया | मेरा मीटर फर्जी तरह से उपयोग करने वाले के विरुद्ध BSES ने कोई कार्यवाही भी नहीं की  जबकि 4 हजार का बिल दो महीने तक बकाया रह जाने पर ही BSES कनेक्शन काट दिया जाता है | इसका लाखों का बिल 6 महीने तक बकाया क्यों रहने दिया गया | 

      मेरे मीटर पर आए बिल को माफ करने के लिए मैंने कोई आवेदन नहीं दिया फिर BSES ने इस बिल को माफ क्यों किया | मेरे मीटर का फर्जी तरह से उपयोग होना गैर कानूनी है | इसके लिए उसे दण्डित करने के बजाए  बिल माफ कैसे किया गया | मेरे विरुद्ध इस गैर कानूनी कार्य को करने में BSES  के अधिकारी साथ क्यों दे रहे हैं ?ऐसे भ्रष्टाचार में BSES  के अधिकारी पहले साथ देते हैं | बाद में फर्जी तरह से मेरे मीटर का उपयोग किया भारी भरकम बकाया बिल उस बिल्डिंग के नाम पर बकाया डाल  देते हैं | जिसके लिए बिल्डिंग के लोग हमें गाली देते हैं क्योंकि बिल मेरे नाम से है | 

    जिस  बिजलीमीटर को  बिजिलेंस वालों ने 6 महीने पूर्व कामर्शियल कर दिया था | उसे BSES  के अधिकारियों ने फिर डोमेस्टिक श्रेणी में कर दिया है | घरेलू श्रेणी  में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कागज भी मुझे नहीं माँगे गए | मेरे प्रापर्टी के कागज़ ,मेरा आधारकार्ड मेरे आवेदन के साथ जमा किए जाने चाहिए थे | मुझे रजिस्ट्रेशन नंबर मिलना चाहिए था | कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक मीटर की श्रेणी में करने के लिए सर्वे किया जाना चाहिए था कि वे भारीभरकम व्यावसायिक मशीनें अब चल रही हैं कि नहीं | इसके लिए सर्वे किया जाना चाहिए था | कुछ नहीं किया गया (इसके लिए कैमरे चेक किए जा सकते हैं )|मेरे नाम के कॉमर्शियल मीटर को मुझसे पूछे बिना या मुझसे आवेदन लिए बिना डोमेस्टिक मीटर की श्रेणी में परिवर्तित कर दिया गया है | मेरे बिना किसी आवेदन के  उसका लोड कम  करके उसका बिल भी माफ कर  दिया गया है | 

    मुझे आशंका है कि मेरे आवेदन के बिना,मेरे प्रापर्टी कागजों तथा मेरे आधार कार्ड के बिना ,मेरे हस्ताक्षर के बिना  मेरे नाम के बिजली मीटर के साथ धोखाधड़ी पूर्वक ये सब कैसे किया जा रहा है |मेरे प्रापर्टी कागज,आधारकार्ड,मेरे हस्ताक्षरआदि फर्जी तो नहीं बनवा लिए गए हैं,आखिर मेरे नाम पर आवेदन कौन कर रहा है | इसकी जाँच करके दोषी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए और मेरे नाम से चल रहे इस फर्जीवाड़े को बंद कराया जाए | 

निवेदक :

विजयकुमार  

A-7\41,2 - A, ग्राउंडफ्लोर  ,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051




                                  

श्रीमान जी सादर नमस्कार 

   विषय: भ्रष्टाचार पूर्वक फर्जी बिजली मीटर एवं उस पर आने वाला बिल माफ किए जाने की जाँच करवाने हेतु !

     महोदय, 

      मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ | वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ रह रहा हूँ। यह आवासीय बिल्डिंग है | यह जानते हुए भी मेरे नीचे वाले फस्ट  फ्लोर में परिवार के साथ रह रहा किराएदार मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य कर रहा है | मशीनों के कंपन से हमें एवं हमारे परिवार को  स्वास्थ्य संबंधी बहुत दिक्कत होती हैं |

   ये ऐसा फर्जी मीटर है जिसके बिल पर लिखा एड्रेस दिल्ली की किसी कालोनी में नहीं है | जिसका C.A. नंबर 100907780  है  |आवासीय फ्लोर में इससे मशीनें  चलाई जा रही हैं  |  ये शिकायत मैंने की तो इन्फोर्समेन्ट वाले एक वार चेतावनी देकर चले गए | दूसरी बार जब आए तब उन्होंने चलती मशीनों का वीडियो बनाया और चलती हुई उन मशीनों के आधार पर उस मीटर पर जुर्माना लगाया ,घरेलू  मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में बदला और उसका लोड भी बढ़ाकर चले गए | उन्होंने वो वीडियो मुझे भी दिखाया था |  

       इसके बाद 6 महीने तक लाखों का बिल जमा  नहीं करने के बाद भी मीटर या मीटर उपयोग करने वाले के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई | गरीबों के मीटर तो 4 हजार का बिल दो महीने बकाया होने पर ही कनेक्शन काट दिया जाता है | 

      इस फ्लोर में अपना बिजली मीटर कभी लगवाया नहीं गया |फर्जी बिजली मीटरों से व्यावसायिक कार्य किए जाते रहे हैं | जिनके बिजली बिल में लिखा नाम एड्रेस आदि पूरी तरह फर्जी होता है |उनका भारी भरकम बिल BSES या तो माफ कर देता है या फिर कुछ महीने बाद बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डालकर इन्हें एक और नया फर्जी  मीटर उपलब्ध करवा दिया जाता है | बिल्डिंग पर पड़ा बिल सबको भुगतना पड़ता है |  

      वैसे तो मीटर  लेने के लिए सारी फारमिलिटी पूरी करवाई जाती है | जिन्हें न कर पाने पर उसे वो करना पड़ता है जो संबंधित अधिकारी चाहते हैं |आम लोगों या गरीबों के साथ ऐसा होता है |  वही BSES एक अवैध मीटर चलवाने के लिए सारे नियमों कानूनों को ताख पर रख देता है |     

      किसी कामर्शियल बिल को घरेलू श्रेणी  में परिवर्तित करने के लिए बिल पर लिखे नाम के कागज़ आधार आदि माँगा जाता है | अन्यथा पूरा बिल जमा करवाकर पहले नाम बदलवाने को कहा जाता है | इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है | इसके बाद मशीनें वहाँ से हटा ली गई हैं | ऐसा निरीक्षण करके तमाम विधि विधानों  के बाद ही उस कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक किया जाता है | इस कॉमर्शियल मीटर को बिना कोई कागज़ लिए बिना बिल जमा करवाए बिजली बिल  पर  लिखे एड्रेस के नाम का आधार कार्ड लिए बिना इस मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया | 

   इस प्रकरण में वे सब आवश्यक नियम कानून ताख पर क्यों रख दिए गए | यह फर्जी मीटर होने के कारण इसमें ऐसी किसी प्रक्रिया का पालन किया जाना संभव ही नहीं था | इसलिए इसे गैर कानूनी ढंग से ही BSES ने बिजली बिल पर लिखे बिजय कुमार नाम के प्रापर्टी के कागज या आधार कार्ड लिए बिना ही उस मीटर को फिर से घरेलू श्रेणी में करके लोड कम कर दिया है | मशीनें अभी भी पहले की तरह ही लगी हैं |  BSES ने नियमों को ताख पर रखकर  ऐसा  सब क्यों किया है ?  इस संपूर्ण भ्रष्टाचार की जाँच करवाकर उस सच्चाई से मुझे अवगत करवाया जाए | ताकि अन्य लोग भी भ्रष्टाचार संबंधी इस प्रक्रिया को पहचानें !

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83  



           
 
 
                                                   दिल्ली सरकार में BSES  का भ्रष्टाचार 
      अच्छी कमाई हो तो बिल हाफ और ......लुगाई हो तो बिल माफ !किसी अधिकारी का रिस्तेदार निकल आवे तो सारा बिजली विभाग उसका !जैसे चाहे वैसे बिजली का उपयोग करे उसके सौ खून माफ !
       कुल मिलाकर किसी के साथ उदारता और किसी के साथ कठोरता बरतने के BSES के पैमाने क्या हैं | किसी के कागज़ सही हों तो भी उसे कनेक्शन के लिए महीनों दौड़ाया जाए तो किसी को बिना कागजों के ही कनेक्शन दे दिया जाए | कोई फर्जी मीटर का उपयोग करे तो उसका मीटर उतारकर पुलिसकंप्लेन भी की जाए तो किसी को फर्जी मीटर से व्यावसायिक मशीनें चलाने   की सुविधा दी जाए | किसी का 5 हजार का बिल दो महीने बकाया रह जाए तो कनेक्शन काट दिया जाए तो किसी का लाखों रुपए का बकाया बिल 6 महीने पड़ा रहे तो भी कुछ न किया जाए !कोई व्यवसायिक  मीटर को घरेलू कराना चाहे तो उससे तमाम कागज माँगे जाएँ |महीनों समय लगाया जाए तो किसी का  व्यवसायिक  मीटर बिना किसी कागज़ के तुरंत घरेलू कर दिया जाए | किसी से बिल का एक एक रुपया वसूला जाए तो किसी के हजारों  लाखों रुपए माफ कर दिए जाएँ |आखिर उदारता बरतने के पैमाना क्या हैं |  
    किसी बिजली बिल पर यह एड्रेस लिखा है किंतु  यह बिल्डिंगनंबर ,विजयकुमार नाम एवं ग्राउंडफ्लोर उस बिल्डिंग के नहीं है जिसमें यह उपयोग किया जा रहा है | यह एड्रेस न तो  बिल्डिंग की किसी रजिस्ट्री में है और न ही दिल्ली की किसी कालोनी में है |  - CA No. 100907780 ,VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 |मीटर लगाते समय प्रापर्टी के कागजों के आधार पर सर्वे क्यों नहीं किया गया | आखिर ये मीटर लगा कैसे ?
   विजिलेंस की कार्यवाही और भ्रष्टाचार : इस फर्जीमीटर  का उपयोग जिस फ्लोर में किराएदार कर रहा है ,वह फ्लोर आवासीय है | किराएदार उसमें रहने के साथ साथ बड़ी मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य कर रहा है |शिकायत करने पर बिजिलेंस वालों ने छापा मारा मशीनें चलते पाई गईं | वीडियो बनाए गए, जुर्माना लगाया गया,लोड बढ़ाया गया और बिल व्यावसायिक कर दिया गया |जब पता लगा कि ये रिस्तेदार हैं तो 6 महीने बाद सारा बिल माफ करके सब कुछ पहले जैसा कर दिया गया | उसी फर्जी मीटर से मशीनें अभी भी चल रही हैं | फर्जी मीटर के उपयोगकर्ता के विरुद्ध पुलिस में कंप्लेन क्यों नहीं किया गया ?
   बिल वसूली में भ्रष्टाचार :इस फर्जी मीटर का बिल6 महीने तक बकाया रखा गया | खाना पूर्ति के अलावा न तो कनेक्शन काटा गया और न ही उन मशीनों का चलना बंद करवाया गया |6 महीने बाद बिल माफ करके,उसका लोड घटाकर ,मशीनों को वहाँ से बाहर निकलवाए बिना उस कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक श्रेणी में तुरंत कर दिया गया | भारी भरकम मशीनें पहले की तरह ही अभी भी चल रही हैं | 
   बिल माफी में भ्रष्टाचार या परोपकार: दिल्ली के इतने महँगे मार्केट में इतने बड़े महँगे फ्लोर में इतनी बड़ी बड़ी मशीनें लगाकर व्यवसायिक कार्य करने वाला गरीब तो था नहीं | वह तो BSES की आँखों में धूल झोंक रहा था | जिसके लिए उसे दण्डित करने के बजाए बाकी बिल माफ कर दिया गया | प्रत्येक महीने उपयोग की गई बिजली का बिल भी माफ कर दिया गया |BSES ये दया उन गरीबों पर क्यों नहीं दिखाता है |जिनका  4000 बिल बकाया होने पर दो महीनों में ही कनेक्शन काट दिया जाता है |
    श्रेणी बदलने में भ्रष्टाचार या परोपकार : व्यावसायिक बिल को घरेलू  श्रेणी में बदलवाने के लिए आवेदन पत्र के साथ उस बिजली बिलपर लिखे नाम एड्रेस का आधार एवं रजिस्ट्री के कागज़  लगाना पड़ता है ,तब रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है | श्रेणी बदलने से पहले वहाँ व्यावसायिक कार्य अब तो नहीं हो रहे हैं |  इसका सर्वे करवाया जाता है |लेकिन यहाँ सर्वे करने तो कोई आया ही नहीं (कैमरे लगे हैं ) | फर्जी मीटर होने के कारण उस नाम के रजिस्ट्री आदि कागज आधारकार्ड  मिल नहीं सकते !बिजली बिल पर लिखा नाम एड्रेस बदलवाया नहीं गया ,बकाया जमा करवाया  नहीं गया | सर्वे करवाया नहीं गया और कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक मीटर में  बदल दिया गया |  वे भारी भरकम मशीनें पहले की तरह अभी भी चल रही हैं |
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 श्रीमान जी सादर नमस्कार 

   विषय: भ्रष्टाचार पूर्वक फर्जी बिजली मीटर एवं उस पर आने वाला बिल माफ किए जाने की जाँच करवाने हेतु !

     महोदय, 

      मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ | वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ रह रहा हूँ। यह आवासीय बिल्डिंग है | यह जानते हुए भी मेरे नीचे वाले फस्ट  फ्लोर में परिवार के साथ रह रहा किराएदार मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य कर रहा है | मशीनों के कंपन से हमें एवं हमारे परिवार को  स्वास्थ्य संबंधी बहुत दिक्कत होती हैं |

   ये ऐसा फर्जी मीटर है जिसके बिल पर लिखा एड्रेस दिल्ली की किसी कालोनी में नहीं है | जिसका C.A. नंबर 100907780  है  |आवासीय फ्लोर में इससे मशीनें  चलाई जा रही हैं  |  ये शिकायत मैंने की तो इन्फोर्समेन्ट वाले एक वार चेतावनी देकर चले गए | दूसरी बार जब आए तब उन्होंने चलती मशीनों का वीडियो बनाया और चलती हुई उन मशीनों के आधार पर उस मीटर पर जुर्माना लगाया ,घरेलू  मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में बदला और उसका लोड भी बढ़ाकर चले गए | उन्होंने वो वीडियो मुझे भी दिखाया था |  

       इसके बाद 6 महीने तक लाखों का बिल जमा  नहीं करने के बाद भी मीटर या मीटर उपयोग करने वाले के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई | गरीबों के मीटर तो 4 हजार का बिल दो महीने बकाया होने पर ही कनेक्शन काट दिया जाता है | 

      इस फ्लोर में अपना बिजली मीटर कभी लगवाया नहीं गया |फर्जी बिजली मीटरों से व्यावसायिक कार्य किए जाते रहे हैं | जिनके बिजली बिल में लिखा नाम एड्रेस आदि पूरी तरह फर्जी होता है |उनका भारी भरकम बिल BSES या तो माफ कर देता है या फिर कुछ महीने बाद बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डालकर इन्हें एक और नया फर्जी  मीटर उपलब्ध करवा दिया जाता है | बिल्डिंग पर पड़ा बिल सबको भुगतना पड़ता है |  

      वैसे तो मीटर  लेने के लिए सारी फारमिलिटी पूरी करवाई जाती है | जिन्हें न कर पाने पर उसे वो करना पड़ता है जो संबंधित अधिकारी चाहते हैं |आम लोगों या गरीबों के साथ ऐसा होता है |  वही BSES एक अवैध मीटर चलवाने के लिए सारे नियमों कानूनों को ताख पर रख देता है |     

      किसी कामर्शियल बिल को घरेलू श्रेणी  में परिवर्तित करने के लिए बिल पर लिखे नाम के कागज़ आधार आदि माँगा जाता है | अन्यथा पूरा बिल जमा करवाकर पहले नाम बदलवाने को कहा जाता है | इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है | इसके बाद मशीनें वहाँ से हटा ली गई हैं | ऐसा निरीक्षण करके तमाम विधि विधानों  के बाद ही उस कॉमर्शियल मीटर को डोमेस्टिक किया जाता है | इस कॉमर्शियल मीटर को बिना कोई कागज़ लिए बिना बिल जमा करवाए बिजली बिल  पर  लिखे एड्रेस के नाम का आधार कार्ड लिए बिना इस मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया | 

   इस प्रकरण में वे सब आवश्यक नियम कानून ताख पर क्यों रख दिए गए | यह फर्जी मीटर होने के कारण इसमें ऐसी किसी प्रक्रिया का पालन किया जाना संभव ही नहीं था | इसलिए इसे गैर कानूनी ढंग से ही BSES ने बिजली बिल पर लिखे बिजय कुमार नाम के प्रापर्टी के कागज या आधार कार्ड लिए बिना ही उस मीटर को फिर से घरेलू श्रेणी में करके लोड कम कर दिया है | मशीनें अभी भी पहले की तरह ही लगी हैं |  BSES ने नियमों को ताख पर रखकर  ऐसा  सब क्यों किया है ?  इस संपूर्ण भ्रष्टाचार की जाँच करवाकर उस सच्चाई से मुझे अवगत करवाया जाए | ताकि अन्य लोग भी भ्रष्टाचार संबंधी इस प्रक्रिया को पहचानें !

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83  




 

 

 

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श्रीमान जी सादर नमस्कार 

   विषय: भ्रष्टाचार पूर्वक चलाए जा रहे फर्जी बिजली मीटर की जाँच करवाने एवं क़ानूनी कार्यवाही करने हेतु !

     महोदय, 

      मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ | वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ रह रहा हूँ। यह आवासीय बिल्डिंग है | यह जानते हुए भी मेरे नीचे वाले फस्ट  फ्लोर में परिवार के साथ रह रहा किराएदार मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य कर रहा है | मशीनों के कंपन से हमें एवं हमारे परिवार को बहुत दिक्कत होती है |

      इस फ्लोर में अपना बिजली मीटर कभी नहीं लगवाया गया है|इसमें ऐसे फर्जी बिजली मीटरों से ही व्यावसायिक कार्य किए जाते रहे हैं | जिनके बिजली बिल में लिखा नाम एड्रेस आदि पूरी तरह फर्जी होता है |उनका भारी भरकम बिल BSES या तो माफ कर देता है या फिर बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डालकर इन्हें एक और नया फर्जी  मीटर उपलब्ध करवा दिया जाता है | 

     इनकी जगह  कोई ईमानदार आदमी अपने प्रापर्टी के कागजों को लगाकर नया मीटर  लेना चाहे तो उससे ऐसी ऐसी फारमिलिटी पूरी करवाई जाती हैं | जिन्हें न कर पाने पर उसे वो करना पड़ता है जो संबंधित अधिकारी चाहते हैं | वही BSES किस मजबूरी में एक अवैध मीटर चलवाने के लिए सारे नियमों कानूनों को ताख पर रखता चला जा रहा है | 

    वर्तमान समय में भी आवासीय फ्लोर में ऐसे ही फर्जी मीटर से भारी भरकम मशीनें चलाई जा रही हैं |जिसका C.A. नंबर 100907780  है  |  ये शिकायत मैंने की तो इन्फोर्समेन्ट वाले एक वार चेतावनी देकर चले गए | दूसरी बार जब आए तब उन्होंने चलती मशीनों का वीडियो बनाया और चलती हुई उन मशीनों के आधार पर उस मीटर पर जुर्माना लगाया ,घरेलू  मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में बदला और उसका लोड भी बढ़ाकर चले गए | उन्होंने वो वीडियो मुझे भी दिखाया था |  

       इसके बाद 6 महीने तक बिल नहीं जमा  करने के बाद भी मीटर या मीटर उपयोग करने वाले के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई | दूसरे ऐसे प्रकरणों में तुरंत या तो एक दो महीनों में ही मीटर काट दिया जाता है | इस प्रकरण में BSES की ऐसा न करने के पीछे क्या मजबूरी थी |  

  इनका बिल माफ करने हेतु BSES 6 महीने तक खाना पूर्ति करता रहा | 6 महीने बीतते ही वह बिल माफ करके बिल्डिंग पर बकाया के रूप में डाल दिया और उनका बिल जीरो कर दिया है | BSES के द्वारा ऐसा पहले भी किया जाता रहा है |वो सारा बिल बिल्डिंग के नाम पर अभी भी बकाया के रूप में दर्ज है | 

      किसी कामर्शियल बिल को घरेलू श्रेणी  में परिवर्तित करने के लिए बिल पर लिखे नाम के कागज़ आधार आदि माँगा जाता है | अन्यथा पूरा बिल जमा करवाकर पहले नाम बदलवाने को कहा जाता है | इसके बाद रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है | इसके बाद मशीनें वहाँ से हटा ली गई हैं | ऐसा निरीक्षण करके तमाम विधि विधानों  के बाद ही उस मीटर को डोमेस्टिक किया जाता है | इस प्रकरण में वे सब आवश्यक नियम कानून ताख पर क्यों रख दिए गए | यह फर्जी मीटर होने के कारण इसमें ऐसी किसी प्रक्रिया का पालन किया जाना संभव ही नहीं था | इसलिए इसे गैर कानूनी ढंग से ही BSES ने बिजली बिल पर लिखे बिजय कुमार नाम के प्रापर्टी के कागज या आधार कार्ड लिए बिना ही उस मीटर को फिर से घरेलू श्रेणी में करके लोड कम कर दिया है | मशीनें अभी भी पहले की तरह ही लगी हैं | जिनके चलने पर पूरी बिल्डिंग में अभी भी कंपन होता है | BSES ने नियमों को ताख पर रखकर  ऐसा  सब क्यों किया है ?

     इस संपूर्ण भ्रष्टाचार की जाँच करवाकर उस सच्चाई से मुझे अवगत करवाया जाए | यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो BSES के इस भ्रष्टाचार को मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक कर दिया जाएगा !ताकि अन्य लोग भी BSES की भ्रष्टाचार संबंधी इस प्रक्रिया को पहचानें !

    आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि इस पूरे भ्रष्टाचार की जाँच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करके सच्चाई से हमें अवगत करवाइए | 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83  


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श्रीमान जी सादर नमस्कार 

   विषय: विद्युत् अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार पूर्वक चलाए जा रहे फर्जी बिजली मीटर की जाँच करवाकर सच्चाई से अवगत कराने हेतु !

     महोदय, 

      मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ | वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ निवास कर रहा हूँ।

     मेरी आवासीय बिल्डिंग में CA No. 100907780 एवं  बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है - VIJAY KUMAR, Billing Address : S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 |ये बिल्डिंगनंबर ,विजयकुमार नाम एवं ग्राउंडफ्लोर  बिल्डिंग की किसी भी रजिस्ट्री में नहीं है | 

    ये मीटर किस आधार पर किसके लिए लगाया गया है | ये पता नहीं है | इसका उपयोग मेरी ही बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में किराएदार कर रहा है |वो फस्ट फ्लोर में परिवार के साथ रहता है एवं भारी मशीनें चला रहा है | जिससे बिल्डिंग में कंपन होता है | इससे परेशान होकर मैंने कंप्लेन की थी | इस पर इन्फोर्समेंट वाले अपनी टीम के साथ दो बार आए थे | पहली बार मशीनें हटाने की चेतावनी देकर चले गए जबकि दूसरी बार जुर्माना लगाकर उसमें उपयोग हो रहे उस घरेलू बिजलीमीटर का लोड बढ़ाकर उसे कामर्शियल बिजली मीटर करके गए थे | 

      इसके बाद इसी मीटर से घर में  बिजली का उपयोग तो होता ही रहा इसके साथ ही इसी मीटर से वे भारी भरकम व्यावसायिक मशीनें भी 7 महीने तक चलती रहीं  |7 महीनों तक  बिल भी नहीं जमा किया गया फिर भी उसके बिरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई | किसी दूसरे का बिल दो महीने जमा न होता तो उसका मीटर उतार लिया जाता इनके साथ ऐसा नहीं किया गया | 

    इसके 7 महीने बाद भी वे भारी भरकम मशीनें इसमें प्रतिदिन चलाई जा रही हैं |यहाँ चेकिंग करने न कोई अधिकारी आया है और न ही वे भारी भरकम मशीनें ही फ्लोर से बाहर निकाली गई हैं |किसी भी दिन की इसकी रिकार्डिंग हमारे कैमरे में चेक की जा सकती है | इसके बाद भी भ्रष्टाचार पूर्वक उस मीटर का लोड घटाकर बिजली बिल जीरो करके मीटर को फिर से घरेलू मीटर की श्रेणी में कर दिया गया है | इसके लिए बिजली बिल पर लिखे विजय कुमार के नाम के आवश्यक कागज़ भी लेने की आवश्यकता नहीं समझी गई है | 

       इस फस्ट फ्लोर में पहले भी उपयोग किए गए कई फर्जी मीटरों का बिल अभी भी बिल्डिंग के नाम बकाया पड़ा हुआ है |उसे बकाया रहते हुए भी इसी फ़ास्ट फ्लोर में भ्रष्टाचार पूर्वक नया मीटर लगाने की बात की जा रही है | 

    आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि इस पूरे भ्रष्टाचार की जाँच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करके सच्चाई से हमें अवगत करवाइए | 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83  

 

 भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संभावित साक्ष्य

1. वित्तीय दायित्वों का अनुचित हस्तांतरण:
BSES द्वारा प्रथम तल के उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए गए फर्जी मीटरों के बकाया बिल को व्यक्तिगत के स्थान 'सामूहिक भवन' (Building Common Name) के नाम हस्तांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में यह राशि लाखों में है। इसके अतिरिक्त, सतर्कता विभाग (Vigilance) द्वारा आरोपित दंड (Penalty) और पिछले सात महीनों के बकाया होने के बावजूद, उन पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उन्हें नया मीटर आवंटित किया जा रहा है। यह शेष निवासियों को दूसरों के बिजली बिल भुगतान हेतु विवश करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।
2. टैरिफ श्रेणी में संदिग्ध परिवर्तन:
सतर्कता विभाग द्वारा पूर्व में आरोपित 'वाणिज्यिक बिल' (Commercial Bill) को पुनः 'घरेलू श्रेणी' (Domestic) में परिवर्तित किया जा रहा है, जबकि धरातल पर व्यावसायिक गतिविधियाँ और मशीनें निरंतर संचालित हैं। यह राजस्व की हानि और नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है।
3. सतर्कता जांच की विश्वसनीयता पर प्रश्न:
यदि शिकायत के आधार पर की गई छापेमारी में कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी, तो पूर्व में जुर्माना क्यों लगाया गया और श्रेणी परिवर्तन क्यों किया गया? अब बिना किसी ठोस आधार के उस जुर्माने को माफ करना और श्रेणी को पुनः घरेलू करना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
4. दस्तावेजीकरण एवं प्रक्रियात्मक चूक:
नियमतः बिना वैध रजिस्ट्री या स्वामित्व प्रमाण पत्र के विद्युत कनेक्शन आवंटित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, प्रथम तल पर किसी अपरिचित व्यक्ति के नाम पर और संदिग्ध पते पर मीटर कैसे स्थापित कर दिया गया? यह विभाग के भीतरी भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
5. नवीन कनेक्शन नीति का उल्लंघन:
विद्युत विभाग के नियमानुसार, पुराने बकाये के पूर्ण भुगतान के बिना नया मीटर आवंटित नहीं किया जा सकता। यहाँ बिना किसी वसूली के नया कनेक्शन प्रदान करना सीधे तौर पर स्थापित दिशा-निर्देशों की अवहेलना है।
6. भुगतान चूक पर दोहरी नीति:
जहाँ एक ओर सामान्य उपभोक्ता का बिल दो महीने देय होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं यहाँ सात माह के बकाया और भारी जुर्माने के बावजूद न तो कनेक्शन विच्छेदित किया गया और न ही मीटर हटाया गया। यह पक्षपातपूर्ण रवैया प्रशासनिक भ्रष्टाचार का परिचायक है।
7. अवैध गतिविधियों को मौन संरक्षण:
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कनेक्शन लेकर आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक मशीनों का संचालन करना न केवल अवैध है, बल्कि ध्वनि और वायु प्रदूषण के माध्यम से अन्य निवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है। शिकायतों के उपरांत भी कोई दंडात्मक कार्रवाई न होना विभाग की संलिप्तता को दर्शाता है।
8. आवासीय नियमों का उल्लंघन:
आवासीय भवन की स्वीकृत सीमाओं के विपरीत प्रथम तल पर भारी मशीनों का संचालन किस विधिक अनुमति के अंतर्गत किया जा रहा है? यह स्पष्टतः आवासीय नियमों और नगरीय उप-विधियों (Bye-laws) का खुला उल्लंघन है।



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श्रीमान निदेशक महोदय 

                      सादर प्रणाम  ! 

 विषय: आवासीय परिसर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों एवं विद्युत अनियमितताओं के विरुद्ध की गई औपचारिक शिकायतों पर कार्यवाही न किए जाने के भ्रष्टाचारीय कारणों  से मुक्ति दिलाने हेतु ! 

     महोदय, 

      मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ |वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ निवास कर रहा हूँ।मैं लेखक हूँ | मेरे निवास के ठीक नीचे प्रथम तल पर किराएदार महेंद्र जैन द्वारा आवासीय बिल्डिंग में औद्योगिक मशीनें संचालित की जा रही हैं, जिनसे उत्पन्न होने वाले तीव्र कंपन से बिल्डिंग की संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में है, कंपन प्रदूषण आदि से मेरे रहन सहन बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके विरुद्ध  शिकायत करने पर  निगम ने कोई कार्यवाही नहीं की है |  इस पत्र के माध्यम से BSES के भ्रष्टाचार के एक अत्यंत गंभीर विषय की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ।

      इस फस्ट फ्लोर वाले लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगाए गए बिजली मीटर का उपयोग करते रहे हैं अभी भी कर रहे हैं | अधिक बिल हो जाने पर एक मीटर को छोड़कर दूसरा फर्जी मीटर उपयोग करते रहे हैं |उनके द्वारा छोड़ी गई उस बकाया राशि को उनसे वसूलने के बजाए  BSES भ्रष्टाचारपूर्वक उसे बिल्डिंग के नाम बकाया दर्ज कर देता रहा है | नया मीटर लगवाते समय या नाम बदलवाते समय उसे बिल्डिंग पर ड्यूज बताकर हम सभी लोगों  को जमा करने के लिए बाध्य किया जाता है |

      ऐसे ही फर्जी मीटर से महेंद्र जैन द्वारा फस्टफ्लोर में औद्योगिक मशीनें संचालित की जा रही हैं | इसमें उपयोग किया जा रहा बिजली मीटर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगा हुआ है | उसके मीटर पर लिखा नाम एड्रेस फ्लोर नंबर आदि हमारी बिल्डिंग की किसी भी रजिस्ट्री आदि कागजों में नहीं है | इसका बकाया बिल भी बिल्डिंग के  नाम डालकर BSES इन्हें नया  मीटर न दे दे | इस आशंका से मैंने इसकी लिखित शिकायत BSES में 7 मई 2025 को थी | इसके बाद कुछ और भी शिकायती पत्र देने पड़े |जिसके परिणाम 11 जुलाई 2025 को विजिलेंस वालों ने आकर इस फर्जी घरेलू मीटर को व्यावसायिक करके इसका लोड 7 किलोवाड  करके पेनाल्टी लगाकर चले गए  | 

     जो BSES दो महीने का बकाया होने पर ही कनेक्शन काट देता है | वही BSES यह जानते हुए भी कि यह फर्जी मीटर है | इसका गैरकानूनी उपयोग हो रहा है | इसके बाद भी  7 तक महीने तक बिजली बिल जमा किए बिना भी  न मीटर उतारा न मशीनें बंद करवाईं | हमारे बार बार शिकायत बड़े अधिकारियों से करने के बाद भी इसके विरुद्ध कोई  कार्यवाही नहीं की  गई | ये भ्रष्टाचार के बिना संभव न था | 

     भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण ये है कि अब उस फर्जीमीटर को फिर से घरेलू मीटर में बदलकर,उनके द्वारा उपयोग किए गए  बिल को कम करके, विजिलेंस वालों के द्वारा लगाई गई पेनाल्टी माफ करके,  फस्टफ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किए गए बिल्डिंग के नाम डाले गए पुराने बिलों  की वसूली किए बिना BSES फ़स्ट फ्लोर में नया मीटर लगाने जा रहा है | इस फर्जी मीटर का बिल फिर बिल्डिंग के नाम डाल दिया जाएगा |   इस प्रकार से  भ्रष्टाचारपूर्वक अभी की तरह आगे भी औद्योगिक मशीनें चलते रहने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है | विभागीय भ्रष्टाचार के कारण यह अवैध कार्य निर्बाध रूप से जारी है, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।

       अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस प्रकरण में हो रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जाँच सुनिश्चित की जाए | जिससे  अवैध मशीनों को तत्काल सील करके इस भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी अधिकारियों के विरुद्ध ऐसी  कार्रवाई की जाए !जिससे इस प्रकार के भ्रष्टाचारी उत्पीड़न पर अंकुश लगे | अतएव आपसे विनम्र निवेदन है कि भ्रष्टाचार को रोककर आवासीय फ्लैट में मशीनें बंद करवाने में आप मेरी मदद करें | (संबंधित सभी कागज़ संलग्न हैं ) 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83  

 

भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के संभावित साक्ष्य

1. वित्तीय दायित्वों का अनुचित हस्तांतरण:
BSES द्वारा प्रथम तल के उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किए गए फर्जी मीटरों के बकाया बिल को व्यक्तिगत के स्थान 'सामूहिक भवन' (Building Common Name) के नाम हस्तांतरित कर दिया गया है। वर्तमान में यह राशि लाखों में है। इसके अतिरिक्त, सतर्कता विभाग (Vigilance) द्वारा आरोपित दंड (Penalty) और पिछले सात महीनों के बकाया होने के बावजूद, उन पर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय उन्हें नया मीटर आवंटित किया जा रहा है। यह शेष निवासियों को दूसरों के बिजली बिल भुगतान हेतु विवश करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है।
2. टैरिफ श्रेणी में संदिग्ध परिवर्तन:
सतर्कता विभाग द्वारा पूर्व में आरोपित 'वाणिज्यिक बिल' (Commercial Bill) को पुनः 'घरेलू श्रेणी' (Domestic) में परिवर्तित किया जा रहा है, जबकि धरातल पर व्यावसायिक गतिविधियाँ और मशीनें निरंतर संचालित हैं। यह राजस्व की हानि और नियमों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है।
3. सतर्कता जांच की विश्वसनीयता पर प्रश्न:
यदि शिकायत के आधार पर की गई छापेमारी में कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी, तो पूर्व में जुर्माना क्यों लगाया गया और श्रेणी परिवर्तन क्यों किया गया? अब बिना किसी ठोस आधार के उस जुर्माने को माफ करना और श्रेणी को पुनः घरेलू करना विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
4. दस्तावेजीकरण एवं प्रक्रियात्मक चूक:
नियमतः बिना वैध रजिस्ट्री या स्वामित्व प्रमाण पत्र के विद्युत कनेक्शन आवंटित नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, प्रथम तल पर किसी अपरिचित व्यक्ति के नाम पर और संदिग्ध पते पर मीटर कैसे स्थापित कर दिया गया? यह विभाग के भीतरी भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
5. नवीन कनेक्शन नीति का उल्लंघन:
विद्युत विभाग के नियमानुसार, पुराने बकाये के पूर्ण भुगतान के बिना नया मीटर आवंटित नहीं किया जा सकता। यहाँ बिना किसी वसूली के नया कनेक्शन प्रदान करना सीधे तौर पर स्थापित दिशा-निर्देशों की अवहेलना है।
6. भुगतान चूक पर दोहरी नीति:
जहाँ एक ओर सामान्य उपभोक्ता का बिल दो महीने देय होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, वहीं यहाँ सात माह के बकाया और भारी जुर्माने के बावजूद न तो कनेक्शन विच्छेदित किया गया और न ही मीटर हटाया गया। यह पक्षपातपूर्ण रवैया प्रशासनिक भ्रष्टाचार का परिचायक है।
7. अवैध गतिविधियों को मौन संरक्षण:
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कनेक्शन लेकर आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक मशीनों का संचालन करना न केवल अवैध है, बल्कि ध्वनि और वायु प्रदूषण के माध्यम से अन्य निवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी है। शिकायतों के उपरांत भी कोई दंडात्मक कार्रवाई न होना विभाग की संलिप्तता को दर्शाता है।
8. आवासीय नियमों का उल्लंघन:
आवासीय भवन की स्वीकृत सीमाओं के विपरीत प्रथम तल पर भारी मशीनों का संचालन किस विधिक अनुमति के अंतर्गत किया जा रहा है? यह स्पष्टतः आवासीय नियमों और नगरीय उप-विधियों (Bye-laws) का खुला उल्लंघन है।

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 सेवा में, मुख्य सतर्कता अधिकारी एवं क्षेत्रीय उपायुक्त, दिल्ली।
विषय: आवासीय परिसर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों एवं विद्युत अनियमितताओं के विरुद्ध की गई औपचारिक शिकायतों पर कार्यवाही न किए जाने के भ्रष्टाचारीय कारण से मुक्ति दिलाने हेतु ,
महोदय,

     

         A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI  BAZAR,DELHI-110051 को मैंने 2017 में ख़रीदा था | बिजली का अपना नया मीटर अपने नाम से लगवा लिया था |इसी में परिवार के साथ रह रहा हूँ |

    मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी A -7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051  का निवासी हूँ | इसी में परिवार के साथ रह रहा हूँ |  इस पत्र के माध्यम से एक अत्यंत गंभीर विषय की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ। मैं पेशे से एक लेखक हूँ और वर्ष 2017 से सपरिवार यहाँ निवास कर रहा हूँ।मैं लेखक हूँ | 

    मेरे निवास के ठीक नीचे प्रथम तल पर किराएदार महेंद्र जैन द्वारा अवैध रूप से औद्योगिक मशीनें संचालित की जा रही हैं, जिनसे उत्पन्न होने वाले तीव्र कंपन और शोर के कारण न केवल पूरी बिल्डिंग की संरचनात्मक सुरक्षा खतरे में है, बल्कि मेरे बच्चों की शिक्षा और परिवार के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस संबंध में स्थानीय पुलिस, नगर निगम और विद्युत विभाग में कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, किंतु खेद का विषय है कि स्थानीय अधिकारियों ने कथित राजनीतिक संरक्षण का हवाला देते हुए कोई भी ठोस कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।

     कुछ उच्च अधिकारियों के यहाँ शिकायत करने पर 11 जुलाई 2025 को विजिलेंस टीम ने निरीक्षण के दौरान अवैध मशीनों को पकड़कर मीटर को व्यावसायिक श्रेणी में परिवर्तित करते हुए जुर्माना भी आरोपित किया था, जिसकी रसीद संलग्न है, तथापि पिछले सात महीनों से न तो जुर्माने की राशि जमा की गई और न ही बकाया बिजली बिल का भुगतान हुआ। इसके बावजूद बिजली विभाग के बिजनेस मैनेजर द्वारा कनेक्शन नहीं काटा गया, जबकि सामान्य नागरिकों के विरुद्ध एक माह का बिल लंबित होने पर भी कड़ी कार्रवाई कर दी जाती है। जाँच करने पर यह भी ज्ञात हुआ है कि उक्त परिसर में फर्जी नामों और दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से विद्युत कनेक्शन लिए जाते  रहे हैं और बिल अधिक होने पर पुराने मीटर छोड़कर पुनः कुछ दूसरे फर्जी कनेक्शन ले लिए जाते हैं।अभी भी ऐसा ही फर्जी कनेक्शन चलाया जा रहा है | यह भी फर्जीनाम से फर्जीबिल्डिंग नंबर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगा है |ऐसे ही फर्जी मीटर से  कनेक्शन जोड़कर    मशीनें  चलाई जा रही हैं |  

   विभागीय भ्रष्टाचार के कारण यह अवैध कार्य निर्बाध रूप से जारी है, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि इस प्रकरण में हो रहे भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जाँच सुनिश्चित की जाए | जिससे  अवैध मशीनों को तत्काल सील करके इस भ्रष्टाचार में लिप्त दोषी अधिकारियों के विरुद्ध ऐसी  कार्रवाई की जाए !जिससे इस प्रकार के भ्रष्टाचारी उत्पीड़न पर अंकुश लगे | 
 

भवदीय,

 

 

 

 

 

 

मान्यवरसादर नमस्कार 

                                                               सादर  नमस्कार !

  बिषय : भ्रष्टाचार के कारण किए जा रहे हमारे उत्पीड़न से सुरक्षा के बिषय में विनम्र निवेदन !

       महोदय        

         A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI  BAZAR,DELHI-110051 को मैंने 2017 में ख़रीदा था | बिजली का अपना नया मीटर अपने नाम से लगवा लिया था |इसी में परिवार के साथ रह रहा हूँ |मैं लेखक हूँ |

   इस आवासीय बिल्डिंग के फ़स्टफ्लोर वालों ने अपने फ्लोर में किराएदार महेंद्रजैन  रखा हुआ है | जिसने व्यावसायिक मशीनें लगाई हुई हैं | उन मशीनों के चलने से तेज कंपन होता है | दरवाजे बंद कर के कई बार देर रात रात तक मशीनें चला करती हैं | जिससे बिल्डिंग तो कमजोर होती ही है | मेरे बच्चों के पढ़ने लिखने सोने जागने में दिक्कत होती है | इसकी शिकायत मैंने पुलिस में की नगर निगम में की और बिजली विभाग में की थी किंतु किसी ने कुछ नहीं किया मशीनें अभी भी चल रही हैं |

     MCD के लोगों ने  कहा कि स्थानीय निगमपार्षद ने कहा है कि महेंद्र जैन दिन या रात्रि में  मशीनें चलावें तो भी  उन्हें मत रोको |उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही न करो| इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते | बिजलीविभाग के बिजिनेस मैनेजर अभिषेकशर्मा ने कहा कि हमें स्थानीय विधायक ने महेंद्रजैन  के विरुद्ध कार्यवाही करने से रोका है|इसलिए उनके विरुद्ध मैं कोई कार्यवाही नहीं कर सकता हूँ | 

     मैंने ऊपरी अधिकारियों के  यहाँ  कंप्लेन की तो 11 जुलाई 2025 को विजिलेंस की टीम आई चलती मशीनों को पकड़ा !और उस घरेलू मीटर को व्यावसायिक करके चली गई !उस पर पेनाल्टी  लगाई !जिसकी रसीद संलग्न कर रहा हूँ | 

   इसके सात महीने तक न तो पेनाल्टी जमा की गई न,  बिजली मीटर पर बना मासिक बिल जमा किया गया मशीनें दिन रात चलती रहीं किंतु 7 महीने तक न तो बिजली का कनेक्शन  काटा गया और न ही बिजली का मीटर उतारा गया ,जबकि पिछले वर्ष एक महीने का मेरा बिल पेंडिग होने पर मीटर काटने आ गए थे |7 महीने का बिल  बकाया होने पर भी यह मीटर क्यों  नहीं  काटा गया, यह पूछने पर बिजलीविभाग के बिजिनेस मैनेजर अभिषेकशर्मा ने कहा कि हमें स्थानीय विधायक ने रोका है | 

     इस फस्टफ्लोर के नाम से या फ्लोर मालिक के नाम से अपने रजिस्ट्री आदि कागजों को देकर कभी कोई मीटर लगाया ही नहीं गया है |इसमें रहने वाले लोग फर्जीनाम से फर्जीबिल्डिंग नंबर पर भ्रष्टाचार पूर्वक फर्जी कनेक्सन लेकर बिजली का उपयोग करते रहे हैं | जब बिल बहुत अधिक हो जाता रहा है तो उस मीटर को छोड़कर दूसरे फर्जी मीटर का उपयोग करने लगते रहे हैं |अभी भी BSES की कृपा से ऐसे ही फर्जी मीटर से  कनेक्शन जोड़कर    मशीनें  चलाई जा रही हैं | उस बिजली बिल पर लिखा नाम किसका है | बिल्डिंग नंबर कहाँ का है  | ये किसी को पता नहीं है | इस गैरकानूनी कार्य के लिए उन्हें दण्डित करने के बजाए बिजली विभाग के अफसर उनका साथ देते देखे जा रहे हैं |  

                                                  भ्रष्टाचार के कुछ परोक्ष संकेत 

 1.  BSES के द्वारा फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किए गए ऐसे फर्जी मीटरों का बकाया बिल बिल्डिंग के सामूहिक नाम पर डालकर हम सभी के लिए देय सिद्ध कर देते हैं | इस प्रकार का फस्टफ्लोर का वो पुराना बकाया बिल अब लाखों में बताया जा रहा है | उसके अतिरिक्त बिजिलेंस वालों के द्वारा इस बिल पर लगाई गई पेनाल्टी का भारी भरकम बिल एवं सात महीने का बकाया बिल भी बिल्डिंग के नाम पर डालकर उन्हें नया मीटर उपलब्ध करवाया जा रहा है |  इस प्रकार से  उनके द्वारा उपयोग किए गए मीटरों का बिल जमा करने के लिए हम सभी को बाध्य किया जा रहा है |   

   2. बिजिलेंस वालों के द्वारा किए गए उस व्यावसायिक बिल को फिर घरेलू किया जा रहा है | व्यवसायिक कार्य मशीनें आदि अभी भी वैसे ही चल रहे हैं |  

   3.   ऐसे में प्रश्न उठता है कि हमारी कंप्लेन पर बिजिलेंस वालों ने रेड की थी | वहाँ यदि व्यावसायिक कार्य नहीं हो रहे थे | मशीनें नहीं चल रही थीं तो पेनाल्टी काटी क्यों गई | घरेलू बिल को व्यवसायिक किया क्यों गया | अब ऐसा क्या हुआ कि उसी मीटर को फिर घरेलू  किया जा रहा है और पेनाल्टी माफ की जा रही है | ये खुला भ्रष्टाचार है | 

    4.  इसी प्रकार से  जो मीटर रजिस्ट्री के कागज़ दिए बिना लगाया ही नहीं जाता | फ़स्ट फ्लोर में रजिस्ट्री के  बिना किसी अजनवी के  नाम पर किसी अनजान मकान नंबर के पते का मीटर  फस्ट फ्लोर के लिए लगा कैसे दिया जाता है | 

  5. नियमानुसार पुराना बिल जमा किए बिना नया मीटर नहीं लगाया जा सकता है तो उनका पुराना तथा नया बिल उनसे वसूले बिना  उनके लिए नया मीटर  किस आधार पर लगाया जा रहा है |

  6. कोई यदि दो महीने तक बिजली बिल जमा न करे तो BSES के द्वारा उसका मीटर काट दिया जाता है | क्या कारण है | क्या कारण है कि 7 महीने तक बिजली बिल एवं बिजिलेंस वालों का वह पेनाल्टी वाला बिल जमा न करने पर भी न कनेक्शन काटा गया न मीटर उतारा गया | 

7.फर्जीनाम से फर्जीबिल्डिंग नंबर पर फर्जी कनेक्सन लेकर आवासीय बिल्डिंग में व्यवसायिक कार्य करने ,मशीनें चलाकर प्रदूषण पैदा करने एवं दूसरे फ्लोर वालों  के स्वास्थ्य को ख़राब करने जैसे सभी प्रकार के गैर कानूनी काम करने के बाद भी उनके विरुद्ध शिकायत करने के बाद भी कोई दंडनीय कार्यवाही का न किया जाना भ्रष्टाचार के बिना कैसे संभव है | 

 8 .आवासीय बिल्डिंग में यदि व्यवसायिक कार्य नहीं किए जा सकते तो इस आवासीय बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में मशीने कैसे चलाई जा रही हैं | 

 9.    

  9.

 निश्चित रूप से, शिकायत को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए आपको इन दस्तावेजों की प्रतियां (Photocopies) साथ लगानी चाहिए। यहाँ आवश्यक दस्तावेजों की सूची दी गई है:
संलग्न किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेज:
 * विजिलेंस रिपोर्ट/पेनल्टी रसीद: 11 जुलाई 2025 को विजिलेंस टीम द्वारा की गई कार्रवाई की रसीद या रिपोर्ट की प्रति, जिससे यह सिद्ध हो सके कि मशीनें अवैध रूप से चल रही थीं।
 * बिजली के बिलों का विवरण: अपना वर्तमान बिजली बिल और यदि संभव हो तो उस प्रथम तल (First Floor) के बकायेदार मीटर का नंबर या बिल की प्रति, जिससे भुगतान न किए जाने की पुष्टि हो सके।
 * शिकायत की पिछली रसीदें (Complaint Receipts): पूर्व में पुलिस (PCR या स्थानीय थाना), नगर निगम (MCD) और बिजली विभाग (BSES) को दी गई शिकायतों की रिसीविंग या ऑनलाइन शिकायत संख्या।
 * निवास एवं पहचान का प्रमाण: आपकी रजिस्ट्री के कागजात की प्रति और आधार कार्ड, जिससे यह प्रमाणित हो कि आप उस संपत्ति के वैध स्वामी और निवासी हैं।
 * साक्ष्य के रूप में फोटोग्राफ/वीडियो: यदि संभव हो, तो मशीनों के चलते समय का एक छोटा वीडियो (एक पेन ड्राइव या सीडी में) या उनकी फोटो, ताकि कंपन और व्यावसायिक गतिविधि स्पष्ट दिखाई दे।
सुझाव: इस पत्र की तीन प्रतियां तैयार करें। एक संबंधित विभाग को दें, एक डाक (Speed Post) से भेजें, और एक पर विभाग की मुहर (Stamp) लगवाकर अपने पास 'रिसीविंग' के तौर पर सुरक्षित रखें।

 

 

 

 

 

 

 

 

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इसी बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वालों ने फस्ट फ्लोर या अपने नाम से कभी कोई बिजलीमीटर नहीं लगवाया है |फर्जी नाम,फर्जी बिल्डिंगनंबर,फर्जी फ्लोरनंबर से मीटर लगवाकर उससे बिजली का उपयोग करते रहे हैं | जब बिल अधिक बकाया  हो जाता रहा है, तब बिजली विभाग की मदद से उसे बिल्डिंग के नाम पर डालकर अन्य फ्लोर वालों को भी भागीदार बता  दिया जाता रहा है | ऐसे ही दूसरे तीसरे चौथे आदि फर्जी मीटरों  का उपयोग कर कर के उन मीटरों को छोड़ दिया जाता रहा है | 

     फस्टफ्लोर वालों के द्वारा उपयोग कर कर के छोड़े गए ऐसे फर्जी मीटरों का बकाया पुराना बिल लाखों में बताया जा रहा है | नया मीटर लगवाने या नाम चेंज कराने के समय अन्य फ्लोर वालों से वह बकाया जमा करने को कहा जाता है | फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किए गए ऐसे अनेकों मीटरों का पेंडिग बिल बिजली विभाग की मदद से अभी भी बिल्डिंग के नाम बकाया पड़ा हुआ है |मुझे नहीं पता कि रजिस्ट्री आदि कागजों के बिन सही एड्रेस पता लगाए बिना विजली विभाग के द्वारा ऐसे मीटर किस आधार दिए जाते रहे हैं |

     वर्तमान समय में भी ऐसे ही एक फर्जी मीटर का व्यवसायिक उपयोग उन्हीं फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा  किया जा रहा है |उसके भी नाम बिल्डिंग नंबर आदि सबकुछ फर्जी है | जिसकी सूचना मई 2025 में मैंने बिजली विभाग को दी थी ,फिर भी  अभी तक मीटर का उपयोग उसी तरह किया जा रहा है |  

   ऐसी स्थिति में बिल्डिंग पर पुराने बिल एवं डेढ़ लाख से अधिक हो चुके नए बिल  के लिए बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वाले ही जिम्मेदार है | ये बिल उन्हीं से वसूला जाना चाहिए |  उसके लिए मैंने किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं हूँ | 

   हमारी बिल्डिंग में एक ऐसा मीटर लगा हुआ है | जिसके बिजली बिल पर लिखा  नाम एड्रेस हमारी  बिल्डिंग का नहीं है |हमारी  बिल्डिंग के रजिस्ट्री आदि  कागजों   में जो नाम एड्रेस है ही नहीं | उस नाम एड्रेस का बिजली मीटर हमारी बिल्डिंग में क्यों लगा हुआ है ? 

उसका CA No. 100907780 ये है |उसके बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है -

Name : VIJAY KUMAR

 Billing Address : S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 

  उस बिजली  बिल की प्रति संलग्न कर रहा हूँ !   कृपया इसकी इन्क्वारी कराकर इसे हमारी बिल्डिंग से तुरंत हटाने की कृपा करें |

    

धन्यवाद !!  

 

 

 

 

 

 

 

 

आदरणीया मुख्यमंत्री जी (दिल्ली)   

                                                               सादर  नमस्कार !

  बिषय :हमारी बिल्डिंग पर बकाया पड़े बिजली बिलों के बिषय में विनम्र निवेदन ! 

       महोदय        

         A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI  BAZAR,DELHI-110051 को मैंने 2017 में ख़रीदा था | बिजली का अपना नया मीटर अपने नाम से लगवा लिया था |

     इसी बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वालों ने फस्ट फ्लोर या अपने नाम से कभी कोई बिजलीमीटर नहीं लगवाया है |फर्जी नाम,फर्जी बिल्डिंगनंबर,फर्जी फ्लोरनंबर से मीटर लगवाकर उससे बिजली का उपयोग करते रहे हैं | जब बिल अधिक बकाया  हो जाता रहा है, तब बिजली विभाग की मदद से उसे बिल्डिंग के नाम पर डालकर अन्य फ्लोर वालों को भी भागीदार बता  दिया जाता रहा है | ऐसे ही दूसरे तीसरे चौथे आदि फर्जी मीटरों  का उपयोग कर कर के उन मीटरों को छोड़ दिया जाता रहा है | 

     फस्टफ्लोर वालों के द्वारा उपयोग कर कर के छोड़े गए ऐसे फर्जी मीटरों का बकाया पुराना बिल लाखों में बताया जा रहा है | नया मीटर लगवाने या नाम चेंज कराने के समय अन्य फ्लोर वालों से वह बकाया जमा करने को कहा जाता है | फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किए गए ऐसे अनेकों मीटरों का पेंडिग बिल बिजली विभाग की मदद से अभी भी बिल्डिंग के नाम बकाया पड़ा हुआ है |मुझे नहीं पता कि रजिस्ट्री आदि कागजों के बिन सही एड्रेस पता लगाए बिना विजली विभाग के द्वारा ऐसे मीटर किस आधार दिए जाते रहे हैं |

     वर्तमान समय में भी ऐसे ही एक फर्जी मीटर का व्यवसायिक उपयोग उन्हीं फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा  किया जा रहा है |उसके भी नाम बिल्डिंग नंबर आदि सबकुछ फर्जी है | जिसकी सूचना मई 2025 में मैंने बिजली विभाग को दी थी ,फिर भी  अभी तक मीटर का उपयोग उसी तरह किया जा रहा है |  

   ऐसी स्थिति में बिल्डिंग पर पुराने बिल एवं डेढ़ लाख से अधिक हो चुके नए बिल  के लिए बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वाले ही जिम्मेदार है | ये बिल उन्हीं से वसूला जाना चाहिए |  उसके लिए मैंने किसी भी रूप में जिम्मेदार नहीं हूँ | 

   हमारी बिल्डिंग में एक ऐसा मीटर लगा हुआ है | जिसके बिजली बिल पर लिखा  नाम एड्रेस हमारी  बिल्डिंग का नहीं है |हमारी  बिल्डिंग के रजिस्ट्री आदि  कागजों   में जो नाम एड्रेस है ही नहीं | उस नाम एड्रेस का बिजली मीटर हमारी बिल्डिंग में क्यों लगा हुआ है ? 

उसका CA No. 100907780 ये है |उसके बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है -

Name : VIJAY KUMAR

 Billing Address : S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 

  उस बिजली  बिल की प्रति संलग्न कर रहा हूँ !   कृपया इसकी इन्क्वारी कराकर इसे हमारी बिल्डिंग से तुरंत हटाने की कृपा करें |

    

धन्यवाद !!  

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83 



 

 

 

 

आदरणीया मुख्यमंत्री जी (दिल्ली)   

                                                               सादर  नमस्कार !

  बिषय :हमारी बिल्डिंग में लगे बिजली के अवैध मीटर को हटाने हेतु !

       महोदय        

     मैं A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI  BAZAR,DELHI-110051 में रहता हूँ | 

   हमारी बिल्डिंग में एक ऐसा मीटर लगा हुआ है | जिसके बिजली बिल पर लिखा  नाम एड्रेस हमारी  बिल्डिंग का नहीं है |हमारी  बिल्डिंग के रजिस्ट्री आदि  कागजों   में जो नाम एड्रेस है ही नहीं | उस नाम एड्रेस का बिजली मीटर हमारी बिल्डिंग में क्यों लगा हुआ है ? 

उसका CA No. 100907780 ये है |उसके बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है -

Name : VIJAY KUMAR

 Billing Address : S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 

  उस बिजली  बिल की प्रति संलग्न कर रहा हूँ !   कृपया इसकी इन्क्वारी कराकर इसे हमारी बिल्डिंग से तुरंत हटाने की कृपा करें |धन्यवाद !!  

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83 




 

 

 

 


     हमारी ही बिल्डिंग में  एक फर्जी मीटर लगा हुआ है | उसके बिल पर जो नाम(विजय कुमार) एड्रेस बिल्डिंगनंबर,  फ्लोरनंबर आदि लिखा हुआ है | वो न हमारी बिल्डिंग की किसी रजिस्ट्री में अभी है और न ही कभी रहा है | इस मीटर में लिखा बिल्डिंग नंबर(A-7/41/2-A) न तो किसी रजिस्ट्री में है और न ही इस मकाननंबर की कहीं कोई बिल्डिंग है | इस मीटर को लगाए जाते समय  के रजिस्ट्री आदि कागजात BSES के पास भी नहीं मिलें हैं |     उसका CA No. 100907780 ये है |उसके बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है - 

 

 

 

 

 

 

 

 

आदरणीया मुख्यमंत्री जी (दिल्ली)   

                                                                सादर  नमस्कार !

  बिषय :हमारी बिल्डिंग में लगे बिजली के अवैध मीटर को हटाने हेतु !

       महोदय        

     मैं A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णानगर,दिल्ली  -110051 के सेकेंड फ्लोर में रहता हूँ |इसमें  टॉपफ्लोर और सेकेंडफ्लोर का बिजली मीटर A- 7\41 कृष्णानगर एड्रेस से लगा हुआ है | 

   इसी बिल्डिंग में एक ऐसा अवैध बिजली मीटर लगा हुआ है जिसके बिल  पर लिखा नाम ,बिल्डिंगनंबर, फ्लोर नंबर आदि सब कुछ फर्जी है | फर्जी इसलिए भी है क्योंकि इस मीटर को रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना ही फर्जी रूप से लगाया गया है |बिजली विभाग के पास भी  इस मीटर के कागज़ नहीं हैं | 

  A-7\41 कृष्णानगर हमारी बिल्डिंग का सही मकान नंबर है | A- 7\41,2-A, कृष्णानगर ये फर्जी मकान नंबर है | इस नंबर की न तो हमारी बिल्डिंग है और न ही इसके  आस पास इस नंबर का कोई दूसरा मकान है | A- 7\41,2-A, कृष्णानगर एड्रेस का बिजली मीटर A-7\41 कृष्णानगरमें फर्जी तरीके से लगा हुआ है | 

      इस फर्जी मीटर का उपयोग हमारी बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में लगे कपड़ा कारखाने की मशीनों को चलाने में किराएदार के द्वारा किया जा रहा है |  किराएदार यदि इसके भारी भरकम  बिल को बकाया छोड़कर भाग जाता है तो  BSES इस  बकाया बिल की वसूली किससे करेगा | 

     इसकी लिखित सूचना कई बार बिजली विभाग को देने के बाद भी यह अवैध बिजली मीटर अभी तक हटाया नहीं गया है | कृपया इसकी इन्क्वारी करवाकर इसे हटाने की कृपा करें | 


 

 

 

 

 

आदरणीया मुख्यमंत्री जी (दिल्ली)   

                                                                सादर  नमस्कार !

  बिषय :हमारी बिल्डिंग में लगे बिजली के अवैध मीटर को हटाने हेतु !

       महोदय        

     मैं A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI  BAZAR,DELHI-110051 में रहता हूँ |हम लोगों की रजिस्ट्री तथा  बिजली और फोन बिलों में यही एड्रेस लिखा हुआ है | मेरा CA.No.:153164270  है | मेरे बिजली बिल पर लिखा ये एड्रेस ये है -

   Dr. SHESH NARAYAN VAJPAYEE
   A-7/41 S/F KRISHNA NAGAR NEAR SHANI
   BAZAR,DELHI-110051 

     हमारी ही बिल्डिंग में  एक फर्जी मीटर लगा हुआ है | उसके बिल पर जो नाम(विजय कुमार) एड्रेस बिल्डिंगनंबर,  फ्लोरनंबर आदि लिखा हुआ है | वो न हमारी बिल्डिंग की किसी रजिस्ट्री में अभी है और न ही कभी रहा है | इस मीटर में लिखा बिल्डिंग नंबर(A-7/41/2-A) न तो किसी रजिस्ट्री में है और न ही इस मकाननंबर की कहीं कोई बिल्डिंग है | इस मीटर को लगाए जाते समय  के रजिस्ट्री आदि कागजात BSES के पास भी नहीं मिलें हैं |     उसका CA No. 100907780 ये है |उसके बिजली बिल पर लिखा एड्रेस ये है - 

 Name : VIJAY KUMAR

 Billing Address : S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051 

      कृपया इसकी इन्क्वारी कराकर इसे हमारी बिल्डिंग से तुरंत हटाने की कृपा करें |  

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83 



 

  

 

 

नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर दिल्ली   यह सके बिजली बिल पर एड्रेस A- 7\41,2-A, कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर दिल्ली -110051  लिखा  हुआ है  जबकि  इस बिल्डिंग का एड्रेस A-7\41कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर , दिल्ली  है    

     मशीनों को चलाने में फर्जी बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है | जिसका नाम एड्रेस फ्लोर नंबर आदि सबकुछ फर्जी है | वह मीटर किसने किस बिल्डिंग के किस फ्लोर के लिए लगवाया था ये किसी को पता ही नहीं है |बिजिलेंस वालों ने रेड डाली थी |उन्होंने इस मीटर को कॉमर्शियल कर दिया है ,किंतु ये मीटर है किसका ये किसी को पता नहीं है | जिस फ्लोर में जो इस मीटर का उपयोग कर रहा है उसका भी नहीं है | जिस बिल्डिंग में लगा है | मीटर पर लिखा एड्रेस उस बिल्डिंग का  नहीं है | इस मीटर पर डेढ़ लाख से अधिक बिल हो गया है | 7 महीनों से बिल जमा नहीं किया गया है | हर महीने बढ़ता जा रहा है |किराएदार बिल जमा किए बिना ही खाली करके चला  जाता है तो ये बिल किससे वसूला जाएगा |2 महीने का बिल बकाया होने पर जो BSES मीटर उतार लेता है | 7 महीने का बिल बकाया होने पर भी वो BSES मीटर चलने दे रहा है | इसकी शिकायत मैंने मई 2025 में BSES को दी थी किंतु अभी तक मीटर हटाया नहीं गया है | हमने पहले भी कई बार शिकायत की है (जो संलग्न कर रहे हैं )किंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है | 

      इस फ्लोर वालों ने अपने नाम से कभी कोई मीटर लगवाया नहीं !अपना काम ऐसे ही फर्जी मीटरों से चलाते रहे हैं | जब बिल अधिक पेंडिंग हो जाता रहा है तो BSESके सहयोग से वो बकाया बिल बिल्डिंग के नाम डालकर नया फर्जी मीटर लगवा लेते रहे हैं | इस फ्लोर का वही पुराना बकाया बिल BSES ने बिल्डिंग के नाम डाल रखा है | जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है | अब इस फर्जी मीटर का बिल भी डेढ़ लाख से अधिक हो गया है | 7 महीनों से अधिक हो गए हैं | बिल जमा नहीं किया गया है | उन रसीदों को यहाँ संलग्न कर रहा हूँ |इस फ्लोर के पुराने बकाया बिलों की तरह यदि  ये बिल भी बिल्डिंग के नाम डाल दिया जाता है तो इसके लिए फस्ट फ्लोर का मालिक एवं BSES स्वयं जिम्मेदार होगा | मै किसी भी रूप में उसका भुगतान नहीं करूँगा | इस फर्जी मीटर को तुरंत यहाँ से उतरवाया जाए | इसके साथ ही इस फ्लोर में उपयोग हुए पुराने बकाया बिल एवं इस बिल का भुगतान किए बिना इस फ्लोर पर नया मीटर न लगाया जाए !

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83 



 आदरणीय प्रधानमंत्री जी

                            सादर नमस्कार 

विषय : वेदविज्ञान की दृष्टि से दिल्ली की सुरक्षा के बिषय में विनम्र निवेदन !

महोदय, 

    वेदविज्ञान संबंधी गणना के आधार पर देखा जाए तो 19 जनवरी 2026 के दिन तड़के (प्रातःकाल) उत्तरी दिल्ली में एक अप्रिय घटना घटित हुई है | जिसमें कुछ आतंकी गतिविधियों में सम्मिलित लोगों ने उत्तरी दिल्ली की ओर से दिल्ली में प्रवेश किया हो सकता है | जो अस्त्र शस्त्रों से युक्त तो थे ही इसके साथ ही उनके पास विस्फोटक सामग्री भी हो सकती है | ऐसे संकेत मिलते हैं | वे दिल्ली में कभी भी कोई कहीं भी विस्फोट कर सकते हैं | उन आतंकियों  का लक्ष्य तो देश के राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री जी को बड़ी क्षति पहुँचाना हो सकता है |  

    अतएव आपसे विनम्र  निवेदन है कि वैसे तो संपूर्ण दिल्ली की सुरक्षा  के लिए  अत्यधिक सतर्कता बरते जाने की आवश्यकता है | उसमें भी उत्तरी दिल्ली  के क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरते जाने की आवश्यकता है | उत्तरी दिल्ली से जुड़े  दूसरे प्रदेशों की बस्तियों  में भी सतर्कता बरतकर समाज को ऐसे उपद्रवों से  समाज को सुरक्षित बचाया जा सकता है  |                                                                                                                                                                           

                              निवेदक -

    डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

             Ph. D.  By  BHU 

      A -7\41,कृष्णानगर,दिल्ली -51  

    मो.9811226983

 

 

 

 

आदरणीय उपायुक्त महोदय (नार्थ एमसीडी )  

                                                                सादर  नमस्कार !

 बिषय :हमारे से नीचेवाले फ्लोर में लगी मशीनों के चलने से होरहे कंपन को रोकने के लिए मशीनें बंद करवाने हेतु !

       महोदय        

     मैं A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर -110051 बिल्डिंग में तीन फ्लोर हैं |ये आवासीय बिल्डिंग है | इसके  थर्ड फ्लोर में कोई रहता नहीं है | सेकेंड फ्लोर में मैं परिवार के साथ रहता हूँ |फस्ट फ्लोर वालों ने किराएदार रखा हुआ है | उसने मशीनें अंदर लगा रखी हैं जिनके चलने से बिल्डिंग में कंपन होता है | मशीनों के झटके बार बार लगने से बिल्डिंग भी कमजोर हो रही है | 

     मशीनें अक्सर दिन में तो चलती ही हैं ,कई बार देर रात तक चला करती हैं | मशीनों के चलने से मेरे फ्लोर में बार बार कंपन  होता है | भूकंप जैसे  झटके लगते हैं | जिससे मेरे बच्चे डर जाते हैं |इससे हम लोग एवं हमारे बच्चों का सोना जागना तक बाधित हो जाता है |मशीनों के चलने से होने वाले कंपन के कारण बच्चों को पढ़ने में बाधा होती है |पढ़ाई पूरी न हो पाने  के कारण उनका मानसिक चिड़चिड़ापन बढ़ता जा रहा है | बच्चों की परीक्षा का समय चल रहा है | मशीनों के चलने के कारण हमारा एवं हमारे बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है | रात रात भर बच्चे सो नहीं पा रहे हैं | दिन में पढ़ नहीं पा रहे हैं | मशीनों के चलने के कारण मेरा बेटा 1 महीने तक बीमार रहा | उसे अस्पताल में एडमिट करना पड़ा है |  

     मेरा ब्लडप्रेशर बढ़ा रहता है | फस्ट फ्लोर में मशीनों से होने वाले कंपन से मुझे तेज चक्कर आता है उलटी लगती है | एक दिन सीढ़ी पर गिर भी पड़ा था काफी चोट लग गई थी | डॉक्टर अच्छी नींद लेने से वीपी कम होने की बात  करते हैं | मशीनों से होने वाले कंपन  के कारण  न दिन में रेस्ट हो पा रहा है और न ही रात्रि में | मेरे स्वास्थ्य की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है |     

     मैं बिजिलेंस की रसीद संलग्न कर रहा हूँ | जिससे यह प्रमाणित भी हो जाता है कि इस आवासीय बिल्डिंग के आवासीय फ्लोर में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियाँ  चलाई जा रही हैं |

    हमारी बिल्डिंग की आवासीय संरचना होने के कारण या व्यावसायिक कार्यों के लिए उपयुक्त  नहीं है | कपड़ों का काम होता है कपड़ों के टुकड़े पाइपों में डाल दिए जाते हैं |  जिससे सीवर के पाइप जाम हो जाते हैं | उससे निकलकर रास्ते में मलबा फैल जाता है दुर्गन्ध होती है | जिससे हम लोग अक्सर बीमार हो जाते हैं | जो हम सभी के स्वास्थ्य के लिए हितकर नहीं है |मेरा बेटा बीमार होने के कारण अभी तक एडमिट रहा है | इसमें व्यवसाय के लिए आने वाले ग्राहकों के लिए न तो पार्किंग की जगह है | देर रात तक अपरिचित ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है |उनसे सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है| अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है |इससे हमारा एवं हमारे परिवार का नुक्सान हो रहा है | बच्चों की शिक्षा बाधित हो रही है | हमसे अनापत्ति(NOC)ये मशीनें चलाने दी जा रही हैं | हमने पहले भी कई बार शिकायत की है (जो संलग्न कर रहे हैं )किंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है |     

   अतएव आपसे से विनम्र निवेदन है कि इस फ्लोर से मशीनें हटवाकर व्यावसायिक गतिविधि बंद करवाएँ !इस आवासीय बिल्डिंग को आवासीय ही बनी रहने दें | ये सारी समस्याएँ फ़स्ट फ्लोर वाले तैयार कर रहे हैं किंतु उन्हें सहना हमें एवं हमारे परिवार के लोगों को पड़ रहा है | 

 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051 

 फोन : 98 11 22 69  83 

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आदरणीया मुख्यमंत्री जी (दिल्ली)   

                                                                सादर  नमस्कार !

  बिषय :हमारे से नीचेवाले फ्लोर में उपयोग किए जा रहे अवैध मीटर को हटवाने हेतु !

       महोदय        

     मैं A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर -110051 बिल्डिंग में तीन फ्लोर हैं |ये आवासीय बिल्डिंग है | इसके  थर्ड फ्लोर में कोई रहता नहीं है | सेकेंड फ्लोर में मैं परिवार के साथ रहता हूँ |फस्ट फ्लोर वालों ने किराएदार रखा हुआ है | उसने मशीनें अंदर लगा रखी हैं जिनके चलने से बिल्डिंग में कंपन होता है | मशीनों के झटके बार बार लगने से बिल्डिंग भी कमजोर तो हो ही रही है | 

     मशीनों को चलाने में फर्जी बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है | जिसका नाम एड्रेस फ्लोर नंबर आदि सबकुछ फर्जी है | वह मीटर किसने किस बिल्डिंग के किस फ्लोर के लिए लगवाया था ये किसी को पता ही नहीं है |बिजिलेंस वालों ने रेड डाली थी |उन्होंने इस मीटर को कॉमर्शियल कर दिया है ,किंतु ये मीटर है किसका ये किसी को पता नहीं है | जिस फ्लोर में जो इस मीटर का उपयोग कर रहा है उसका भी नहीं है | जिस बिल्डिंग में लगा है | मीटर पर लिखा एड्रेस उस बिल्डिंग का  नहीं है | इस मीटर पर डेढ़ लाख से अधिक बिल हो गया है | 7 महीनों से बिल जमा नहीं किया गया है | हर महीने बढ़ता जा रहा है |किराएदार बिल जमा किए बिना ही खाली करके चला  जाता है तो ये बिल किससे वसूला जाएगा |2 महीने का बिल बकाया होने पर जो BSES मीटर उतार लेता है | 7 महीने का बिल बकाया होने पर भी वो BSES मीटर चलने दे रहा है | इसकी शिकायत मैंने मई 2025 में BSES को दी थी किंतु अभी तक मीटर हटाया नहीं गया है | हमने पहले भी कई बार शिकायत की है (जो संलग्न कर रहे हैं )किंतु उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है | 

      इस फ्लोर वालों ने अपने नाम से कभी कोई मीटर लगवाया नहीं !अपना काम ऐसे ही फर्जी मीटरों से चलाते रहे हैं | जब बिल अधिक पेंडिंग हो जाता रहा है तो BSESके सहयोग से वो बकाया बिल बिल्डिंग के नाम डालकर नया फर्जी मीटर लगवा लेते रहे हैं | इस फ्लोर का वही पुराना बकाया बिल BSES ने बिल्डिंग के नाम डाल रखा है | जिसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है | अब इस फर्जी मीटर का बिल भी डेढ़ लाख से अधिक हो गया है | 7 महीनों से अधिक हो गए हैं | बिल जमा नहीं किया गया है | उन रसीदों को यहाँ संलग्न कर रहा हूँ |इस फ्लोर के पुराने बकाया बिलों की तरह यदि  ये बिल भी बिल्डिंग के नाम डाल दिया जाता है तो इसके लिए फस्ट फ्लोर का मालिक एवं BSES स्वयं जिम्मेदार होगा | मै किसी भी रूप में उसका भुगतान नहीं करूँगा | इस फर्जी मीटर को तुरंत यहाँ से उतरवाया जाए | इसके साथ ही इस फ्लोर में उपयोग हुए पुराने बकाया बिल एवं इस बिल का भुगतान किए बिना इस फ्लोर पर नया मीटर न लगाया जाए !

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

 फोन : 98 11 22 69  83 


 

 

 

 

 

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 मान्यवर नमस्कार ,

    बिजली विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों की लापरवाही या भ्रष्टाचार के कारण इस फर्जी मीटर को  हटाया क्यों नहीं जा रहा है | पिछले वर्ष मेरा एक महीने का बिजली बिल जमा नहीं हुआ था तो बिजली विभाग के लोग  मेरा मीटर  काटने आ गए थे !जबकि उस फर्जी मीटर का बिल कई महीने का बाकी हो गया है जो अब डेढ़ लाख से भी अधिक है !उस मीटर को क्यों नहीं हटाया जा रहा है | 

    वह मीटर लावारिस है जिसके BSES के पास न तो कोई कागज़ हैं न कोई मालिक है उस बिजली बिल पर जो नाम एड्रेस फ्लोर नंबर आदि लिखा है वो पूरी तरह गलत है | उसका उपयोग किराएदार कर रहा है | किराएदार यदि खाली करके चला जाता है तो ये बिल किससे वसूला जाएगा  ?इतनी अनियमितताएँ होने पर भी इसे हटाया क्यों नहीं जा रहा है |

    इस फ्लोर वालों ने अपने नाम कभी कोई मीटर लिया नहीं ऐसे ही फर्जी  मीटर लगाकर अपना काम करते हैं फिर वो मीटर छोड़कर नया मीटर लगवा लेते हैं | उनके द्वारा छोड़े गए मीटर का पेंडिंग बिजली बिल पूरी बिल्डिंग पर  डाल दिया  जाता है जो हम तीनों फ्लोर वालों के लिए देय बता दिया जाता है | इस फ्लोर के द्वारा पहले उपयोग किया कई लाख का पुराना  बिल BSESवालों की मदद से बिल्डिंग के नाम डाल दिया गया था | वो अभी तक जमा नहीं किया गया है |इसके बाद इस नए मीटर का बिल भी डेढ़ लाख से अधिक हो गया है | इतने महीनों का बिल बाक़ी होने पर भी इस रिहायसी  बिल्डिंग में दिन रात मशीनें चलाई जा रही हैं |जिससे हमें बहुत डिस्टर्ब होता है | 

     इस बिल की सूचना BSES को मैंने मई 2025 में दी थी तब से 7 महीने बीत गए बिल बढ़ता जा रहा है | मेरा विनम्र निवेदन है कि इस फर्जी मीटर को तुरंत हटाया जाए | इस फ्लोर का बिल्डिंग पर बकाया पुराना बिल इस फ्लोर वालों से ही वसूलकर उनके अपने नाम से नया मीटर लगाया जाए , ताकि  ये बिजली का हमारी बिल्डिंग के नाम से मिसयूज बंद हो !

 

सूचना का अधिकार (RTI) - आवेदन पत्र

सेवा में, लोक सूचना अधिकारी (PIO) कार्यालय उपायुक्त, शाहदरा दक्षिण क्षेत्र (MCD), कड़कड़डूमा, दिल्ली।

विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत जानकारी प्राप्त करने हेतु आवेदन।

महोदय/महोदया,

मैं डॉ. शेष नारायण वाजपेयी, मकान संख्या A-7/41, द्वितीय तल, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051 का निवासी हूँ। हमारी बिल्डिंग के प्रथम तल पर अवैध रूप से चल रही व्यावसायिक गतिविधियों (सिलाई-कढ़ाई मशीनों) और उससे होने वाले कंपन/उत्पीड़न के संबंध में निम्नलिखित जानकारी चाहता हूँ:

  1. यह स्पष्ट करें कि क्या A-7/41, कृष्णा नगर जैसी आवासीय बिल्डिंग के प्रथम तल पर भारी सिलाई-कढ़ाई मशीनों का व्यावसायिक उपयोग करने की अनुमति MCD द्वारा दी गई है? यदि हाँ, तो लाइसेंस की प्रति प्रदान करें।

  2. दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के नियमों के अनुसार, क्या एक आवासीय क्षेत्र (Residential Area) में ऐसी मशीनों का संचालन मान्य है जिनसे पूरी बिल्डिंग में कंपन पैदा हो? संबंधित नियमों की प्रति प्रदान करें।

  3. क्या विभाग को इस पते (A-7/41, प्रथम तल) पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि और अवैध बिजली मीटर के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त हुई है? यदि हाँ, तो उस शिकायत पर अब तक की गई कार्रवाई (Action Taken Report) का विवरण दें।

  4. यदि विभाग ने शिकायत के बावजूद अब तक मशीनों को जब्त करने या सील करने की कार्रवाई नहीं की है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी का नाम और पद स्पष्ट करें।

  5. क्या संबंधित विभाग ने इस परिसर का 'अग्नि सुरक्षा'और 'बिल्डिंग स्टेबिलिटी' के मानकों पर निरीक्षण किया है? यदि किया है, तो निरीक्षण रिपोर्ट की प्रति प्रदान करें।

  6. व्यावसायिक गतिविधियों के कारण होने वाले ध्वनि और कंपन प्रदूषण को रोकने के लिए विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रदान करें।

निवेदक : 

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी पता: A-7/41, सेकेंड फ्लोर, शनि बाजार, लाल क्वार्टर, कृष्णा नगर, दिल्ली-110051 मोबाइल: 9811226983  दिनांक: 1-1-2026  

संलग्नक (Enclosures):

  • 10 रुपये का RTI शुल्क (पोस्टल ऑर्डर संख्या: ____________)

  • बिजली विभाग द्वारा डाली गई रेड की रसीद की छायाप्रति।


 


 

 

 

 

 

 आदरणीय उपायुक्त महोदय (नार्थ एमसीडी )  

                                                                सादर  नमस्कार !

 बिषय :हमारे से नीचेवाले फ्लोर में लगी सिलाई कढ़ाई की  मशीनों के चलने से होरहे कंपन को रोकने के लिए मशीनें हटवाने हेतु ! 

       महोदय        

     मैं A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर -110051 बिल्डिंग के सेकेंड फ्लोर में रहता हूँ | ये आवासीय बिल्डिंग है |यही देखकर मैंने इसमें रहने के लिए फ्लैट खरीदा था | उसके बाद  बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वाले ने अपना फ्लोर किराए पर जिसे दिया है उसने सिलाई कढ़ाई  आदि  की मशीनें  लगा रखी हैं | जिनसे मेरे बिल्डिंग में बहुत कंपन होता है |मशीनों के कंपन से मशीनों के झटके बार बार लगने से बिल्डिंग भी कमजोर हो रही है | 

     मशीनें अक्सर दिन में तो चलती ही हैं ,कई दिनों में देर देर रात तक चला करती हैं | मशीनों के चलने से मेरे फ्लोर में बार बार कंपन  होता है | भूकंप जैसे  झटके लगते हैं | जिससे मेरे बच्चे डर जाते हैं |इससे हम लोग एवं हमारे बच्चों का सोना जागना तक बाधित हो जाता है |मशीनों के चलने से होने वाले कंपन के कारण बच्चों को पढ़ने में बाधा होती है |पढ़ाई पूरी न हो पाने  के कारण उनका मानसिक चिड़चिड़ापन बढ़ता जा रहा है | बच्चों की परीक्षा का समय चल रहा है | मशीनों के चलने के कारण हमारा एवं हमारे बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है | रात रात भर बच्चे सो नहीं पा रहे हैं | दिन में पढ़ नहीं पा रहे हैं | मशीनों के चलने के कारण मेरा बेटा 1 महीने तक बीमार रहा | उसे अस्पताल में एडमिट करना पड़ा है | अब उसे बेडरेस्ट बताया गया है | इन मशीनों के चलने से जो झटके लगते हैं उससे उसका रेस्ट भी  नहीं हो पा रहा है |  

     मेरा ब्लडप्रेशर बढ़ा ही रहता है सर्दी में बहुत अधिक बढ़ जाता है | ऐसे में इन मशीनों से होने वाले कंपन से मुझे तेज चक्कर आता है उलटी लगती है | एक दिन सीढ़ी पर गिर भी पड़ा था काफी चोट लग गई थी | डॉक्टर अच्छी नींद लेने से वीपी कम होने की बात  करते हैं | मशीनों से होने वाले कंपन  के कारण  अच्छी नींद कहाँ आ  पाती है | मेरे स्वास्थ्य की समस्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है |

     इस आवासीय फ्लोर में मशीनों को चलाने में अवैध बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है |जिसका एड्रेस मेरी बिल्डिंग का नहीं है |बिजली बिल में लिखा पता नाम फ्लोर नंबर आदि सबकुछ गलत है | बिजली विभाग वालों के पास भी उस मीटर के कोई  कागज़ नहीं हैं | वह मीटर किसने किस बिल्डिंग के किस फ्लोर के लिए लगवाया था ये किसी को पता ही नहीं है |इसलिए बिजलीविभाग  वालों ने रेड डाली थी | उस रसीद को यहाँ संलग्न कर रहा हूँ | जिससे यह प्रमाणित भी हो जाता है कि इस आवासीय बिल्डिंग के आवासीय फ्लोर में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियाँ  चलाई जा रही हैं |

    इस आवासीय बिल्डिंग में आने वाले ग्राहकों के लिए न तो पार्किंग की जगह है | अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है |देर रात तक अपरिचित ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है |उनसे सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है | अतएव आपसे से विनम्र निवेदन है कि इस फ्लोर से मशीनें हटवाकर व्यावसायिक गतिविधि बंद करवाएँ !इस आवासीय बिल्डिंग को आवासीय ही बनी रहने दें | 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051




 

 

 

 

श्री हर्ष मल्होत्रा 
माननीय मंत्री, 
सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं कारपोरेट मामले 
भारत सरकार 
नई दिल्ली 

विषय: बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड द्वारा मेरी बिल्डिंग में लगे मीटर के संदर्भ में नियमानुसार कार्यवाई किए जाने के संदर्भ में -

     सेवा में -

      A-7/41 के  सेकेंडफ्लोर शनिबाजार कृष्णानगर में मैं रहता हूँ | मेरी बिल्डिंग में एक ऐसा बिजली मीटर लगा हुआ है | जिसके बिल पर लिखा मकान नंबर मेरी बिल्डिंग का नहीं है | उस पर लिखा नाम मेरी बिल्डिंग में किसी का न अभी है और न पहले कभी रहा है | उस पर ग्राउंड फ्लोर लिखा है | हमारी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में दुकानें हैं | वहाँ रहने लायक कोई जगह ही नहीं है | यह रिहायसी बिल्डिंग है | इसके फस्ट फ्लोर में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर इसका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है | वो यह बिजली मीटर है |

( CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051 )

1.    A-7/41/2-A  नंबर बिल्डिंग वाला ये मीटर A-7/41 नंबर बिल्डिंग में चलाया जा  रहा है | यहाँ  A-7/41/2-A  नंबर  की कोई बिल्डिंग नहीं है | यह बिल्डिंग नंबर तथा विजय कुमार नाम किसी रजिस्ट्री में भी दर्ज नहीं है | 

 2. इस बिल में ग्राउंडफ्लोर दर्ज है जबकि यह फस्ट फ्लोर में चलाया जा रहा है |  

 2. इस आवासीय बिल्डिंग  में लगा यह मीटर घरेलू उपयोग के लिए पंजीकृत है किंतु बिजिलेंस विभाग द्वारा मारे गए छापे में इसका व्यावसायिक उपयोग देखकर इस घरेलू मीटर को व्यावसायिक कर दिया गया है |

  3. इस मीटर से मशीनें चला रहा व्यक्ति किराएदार है |   

   ऐसे बिजली मीटरों पर जो बिल बकाया रह जाता रहा है | वो BSES के द्वारा बिल्डिंग के नाम पर डाल दिया जाता रहा है | वो बकाया अब लाखों में हो गया है | जो BSES के द्वारा हम तीनों फ्लोर वालों के लिए  देय बताया जाता है ,जबकि सेकेण्ड और थर्ड  वालों का अपने अपने फ्लोर नंबर से अपने अपने नाम से मीटर लगा हुआ है | 

    इन  फस्ट  फ्लोर वालों का अपने नाम कभी कोई मीटर नहीं रहा है | A-7/41 के फस्टफ्लोर वाले ही करते रहे हैं | जब जब बिल अधिक हो जाता रहा है तो उस मीटर को हटाकर दूसरा गुमनाम मीटर लगाकर उसका उपयोग करते रहे हैं | ऐसे मीटरों में  न तो किसी फ्लोर के रजिस्ट्री आदि कागज़ लगाए जाते रहे हैं, न बिल्डिंग नंबर होता रहा है और न अपना फ्लोर नंबर होता रहा है और न ही अपने नाम से बिजली कनेक्शन लिया जाता रहा है | ये मीटरों का उपयोग करते जब बिल अधिक हो जाता तो उस मीटर को छोड़कर दूसरा तीसरा चौथा आदि ऐसा ही गुमनाम मीटर लगवा लेते रहे हैं |इस पर आए हुए भारी भरकम बिल बिल्डिंग के नाम पर बकाया के रूप में डालकर हम तीनों फ्लोर वालों के नाम देय सिद्ध कर देते रहे हैं |BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिली भगत के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार किया जाना संभव न था | | 


इस मीटर के बिषय में मेरा निवेदन यह है कि इस मीटर पर आए हुए अधिक बिल को दिए बिना ही यदि किराएदार यह फ्लोर छोड़कर चला जाता है तो बिजली विभाग ये बिल किससे वसूलेगा ? इसलिए बिजलीविभाग इस मीटर को जिस फ्लोरमालिक की जिम्मेदारी में डालना चाहे उस फ्लोरमालिक के नाम इस मीटर को करे  ताकि इसके जमा करने की उसकी जिम्मेदारी हो | 

      अतएव आपसे विनम्र निवेदन है कि बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड को निर्देशित करें कि उक्त संदर्भ में निष्पक्ष जाँच करें और नियमानुसार करवाई करें।     

 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051


आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : वायुप्रदूषण बढ़ने के बिषय में पूर्वानुमान उपलब्ध कराने हेतु विनम्र निवेदन !

      महोदया 

    वायुप्रदूषण बढ़ने का दुष्प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है| इसलिए वायुप्रदूषण मुक्त वातावरण बनाया जाना सरकार एवं समाज दोनों का कर्तव्य है|इसमें सबसे अधिक सहायक वायुप्रदूषण बढ़ने संबंधी पूर्वानुमान हो सकते हैं | पूर्वानुमानों के आधार पर जब पता लगे कि वायुप्रदूषण बढ़ने का समय आ चुका है तो सरकार एवं समाज दोनों और से संयम एवं सतर्कतावरतकर वायुप्रदूषण  बढ़ने से रोका जा सकता है | 

      वायुप्रदूषण बढ़ने का समय कब आएगा !इस बिषय का पूर्वानुमान लगाना यदि मौसमविभाग आदि सरकारी विभागों के द्वारा संभव हो तो उससे मदद ली जा सकती है | सरकार चाहे तो ऐसे पूर्वानुमान मुझसे भी खरीदे जा सकते हैं | मैं  ऐसे पूर्वानुमान लगाने के लिए पिछले 35 वर्षों से अनुसंधान करता आ रहा हूँ | जिसके आधार पर मैं भविष्य के दस हजारवर्ष आगे तक का पूर्वानुमान लगा सकता हूँ |

   इसका परीक्षण करने के लिए मैं निकट भविष्य के वायुप्रदूषण बढ़ने संबंधी दो पूर्वानुमान भेज रहा हूँ | वे सही निकलें तो यह  भरोसा कर लिया जाना चाहिए कि मैं  दस हजारवर्ष आगे तक का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम हूँ |इसके साथ यही यह भी भरोसा किया जाना चाहिए कि वायुप्रदूषण बढ़ने के वास्तविक कारणों को खोजने में सफल हो गया हूँ |  इसके साथ ही विश्वास इस बात का भी किया जाना चाहिए कि वायुप्रदूषण बढ़ने का कारण केवल धुआँ और धूल उड़ाने वाले कारक ही जिम्मेदार नहीं हैं |इसके कारक कुछ दूसरे भी हैं जिनका  धुआँ और धूल बढ़ने से दूर दूर तक कोई संबंध नहीं है | 

                                                              परीक्षणार्थ पूर्वानुमान :

पूर्वानुमान नं -1 :- 

   18 दिसंबर 2025 को जो वायुप्रदूषण बहुत अधिक बढ़ा हुआ है | ये 19, 20 और 21 दिसंबर तक बढ़ता रहेगा | 22 दिसंबर 2025 से वायुप्रदूषण का स्तर घटना प्रारंभ होगा | जो धीरे धीरे घटता चला जाएगा |  

 पूर्वानुमान नं -2 :-

     30 दिसंबर 2025 से वायुप्रदूषण का स्तर बढ़ना प्रारंभ हो जाएगा | जो 3 जनवरी 2026 तक बढ़ता चला जाएगा | इसके बाद 4 जनवरी 2026 से वायु प्रदूषण का स्तर घटना प्रारंभ हो  जाएगा | जो धीरे धीरे घटता चला जाएगा | 

                                                       सर्दी बढ़ने संबंधी पूर्वानुमान : 

 29 दिसंबर 2026 से तापमान अधिक गिरना प्रारंभ हो जाएगा | इसलिए  सर्दी काफी अधिक बढ़ने लगेगी |

     6 जनवरी 2026 से 9 जनवरी 2026 के बीच सर्दी की मात्रा काफी अधिक बढ़ जाएगी | उसके बाद कुछ तापमान बढ़ जाएगा | इसके बाद 18 और 19 जनवरी को वर्षा होगी !यदि एक प्रतिशत वर्षा न भी हुई तो भी 18  से 24 जनवरी तक तापमान घटता एवं सर्दी का स्तर दिनों दिन बढ़ता चला जाएगा | 25 जनवरी से सर्दी की मात्रा कुछ कम होनी प्रारंभ होगी | 

निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

 98 11 22 69 83 

 

 

 

     A- 7\41 कृष्णानगर ,नियर शनिबाजार,लालक्वार्टर कृष्णा नगर -110051 के तीनों फ्लोर आवासीय हैं ,फिर भी फस्ट फ्लोर में व्यावसायिक कार्य कर रहे महेंद्रजैन ने अवैध रूप से मशीनें  लगा रखी हैं | जिसमें इस आवासीय फ्लोर में अवैध बिजली मीटर का उपयोग किया जा रहा है |जो इस बिल्डिंग के अलावा किसी ऐसे एड्रेस के नाम लगा है जो बिल्डिंग कहीं है ही नहीं | इस नाम का व्यक्ति  इस बिल्डिंग में कभी रहा ही नहीं है | इसलिए बिजलीविभाग  वालों ने अभी रेड डाली है | उस रसीद को संलग्न कर रहा हूँ | जिससे प्रमाणित होता है कि इस आवासीय बिल्डिंग के आवासीय फ्लोर में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियाँ  चलाई जा रही हैं |जिसमें ग्राहकों के लिए न तो पार्किंग की जगह है | अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है |देर रात तक अपरिचित ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है |उनसे सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है |  

  इसमें किराएदार दिन रात मशीनें चलाता है | मशीनों के कंपन से मेरे सेकेंड फ्लोर में इतना अधिक कंपन होता है कि हमेंशा भूकंप आने जैसे झटके लगते रहते हैं | इसके कारण हम लोगों का सोना जगाना तक बाधित हो जाता है | इस कंपन से मेरे सिर में तेज चक्कर आता है उलटी लगती है |बच्चों को पढ़ने में बाधा होती है | ऐसे झटके बार बार लगने से बिल्डिंग कमजोर होते जा  रही है |इसमें अवैध बिजली मीटर का उपयोग हो रहा है | 


______________________________________________________________________________

 

 

का सेकेंड फ्लोर मेरा है|इसमें मैं परिवार के साथ रहता हूँ |इसके तीनों फ्लोर आवासीय हैं | इसके बाद भी मेरे से नीचे वाले  


 


 

 

 

 

chairman@derc.gov.in 


  "CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051| " इस एड्रेस वाला बिजली बिल संलग्न है |इस बिल पर लिखा हुआ यह एड्रेस पूरी तरह गलत है | A-7/41/2-A  बिल्डिंग कहीं है नहीं | विजय कुमार नाम का कोई व्यक्ति यहाँ कभी रहा नहीं है | बिल्डिंग की  किसी रजिस्ट्री में विजय कुमार नाम नहीं है | 

     इस लावारिस  मीटर का उपयोग A-7/41 बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में रह रहा किराएदार कर रहा है | इसके द्वारा मशीनें चलाई जा रही हैं | बिजिलेंस वालों ने इस आवासीय बिल को व्यावसायिक करके जो जुर्माना लगाया है | जो अभी तक जमा नहीं किया गया है |बिल बढ़ता जा रहा है मशीनें अभी भी चला करती हैं |

 1. किराएदार यदि फ्लोर को खाली कर जाता है तो बिजली विभाग इस बिल की वसूली किससे करेगा ?

 2. रजिस्ट्री आदि कागज़ के बिना यह मीटर किन कागजों के  आधार पर लगाया गया है ?

 3. फ्लोर मालिक के नाम यह मीटर नहीं है इसलिए वह भी इस बिल का भुगतान नहीं करता है तो इस बिल का क्या होगा  ?

  4. यह बिल यदि बकाया छूट जाता है तो अन्य फ्लोर वालों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा  ?  

 

बिल अधिक हो जाने पर इसे जमा किए बिना किराएदार यदि खाली करके चला जाता है |   

   

 इसके साथ संलग्न बिजली मीटर पर ये एड्रेस लिखा हुआ है |    CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051 जिस बिजली मीटर पर दर्ज है | 

 

 में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है |विजिलेंसविभाग ने अवैध उपयोग पाकर इसके विरुद्ध आर्थिक दंड तो लगा दिया किंतु इस जुर्माने की राशि की वसूली BSES किससे करेगा ?"

     A-7/41 बिल्डिंग  का  2-A पार्ट कहीं नहीं है 


जिसकी जानकारी BSES

   " बिजली विभाग के द्वारा यह अवैधमीटर अवैधपते पर अवैधनाम से अवैध उपयोग के लिए लगाया गया था |  



 

 

 

सेवा में -

 बिजली विभाग के द्वारा यह अवैधमीटर अवैधपते पर अवैधनाम से अवैध उपयोग के लिए लगाया गया था |

  CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051, में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है | 

1.    A-7/41/2-A  नंबर बिल्डिंग वाला ये मीटर A-7/41 नंबर बिल्डिंग में चलाया जा  रहा है | यहाँ  A-7/41/2-A  नंबर  की कोई बिल्डिंग नहीं है | यह बिल्डिंग नंबर तथा विजय कुमार नाम किसी रजिस्ट्री में भी दर्ज नहीं है |  

 2. इस आवासीय बिल्डिंग  में लगा यह मीटर घरेलू उपयोग के लिए पंजीकृत है किंतु बिजिलेंस विभाग द्वारा मारे गए छापे में इसका व्यावसायिक उपयोग देखकर इस घरेलू मीटर को व्यावसायिक कर दिया गया है |

  3. इस मीटर से मशीनें चला रहा व्यक्ति किराएदार है |   

  प्रश्न न. 1 इस मीटर पर आए हुए अधिक बिल को दिए बिना ही यदि किराएदार चला जाता है तो बिजली विभाग ये बिल किससे वसूलेगा ?

 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 


 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 

 

 

 

 

 

 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 

    महोदय

       महामारी की प्रत्येक लहर के बिषय में पूर्वानुमान लगाकर मैं आगे से आगे पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं |वे मेलें मेरी ईमेल पर अभी भी सुरक्षित हैं | जो मेरी अनुसंधानपद्धति द्वारा लगाए गए पूर्वानुमानों का समर्थन करती हैं | अतिरिक्त प्रमाण के तौर पर मेरी मेलों में दिए गए पूर्वानुमानों का कोरोना ग्राफ से मिलान करने पर मेरे पूर्वानुमान सही घटित होते हैं |मेरी मेलों में जब संक्रमण बढ़ने को लिखा था कोरोना ग्राफ में भी तभी संक्रमण बढ़ने का संकेत है और जब संक्रमण कम होने के लिए लिखा था तभी संक्रमण कम हुआ था | महामारी की सभी लहरों में ऐसा हुआ है | इससे ये प्रमाणित होता है कि कोरोना महामारी के बिषय में सही अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाने की यह सही पद्धति है | 

     इसके द्वारा मैंने यह भी खोज लिया है कि महामारी मनुष्यकृत है या प्राकृतिक है | इसका विस्तार कितना है !प्रसार माध्यम क्या है ! इसमें अंतर्गम्यता कितनी है |इस पर मौसम का प्रभाव कितना पड़ता है !तापमान का प्रभाव पड़ता है या नहीं ! वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ता है या नहीं | चिकित्सा का प्रभाव पड़ता है या नहीं, आदि आदि !!

    इसलिए आपसे  मेरा विनम्र आग्रह है कि  मैंने महामारी बिषयक पहले जो अनुमान पूर्वानुमान पीएमओ की मेल पर भेजे थे !उनका परीक्षण कर लिया जाए | इस बिषय में विस्तृत जानकारी देने  साथ चर्चा के लिए मैं तैयार हूँ |       

     मैं अपने अनुसंधानों के बिषय में विश्वासपूर्वक कह सकता हूँ कि मेरे द्वारा लगाए गए महामारी बिषयक अनुमान पूर्वानुमान आदि सही निकलते रहे हैं |उन्हें यदि समय पर  शासन प्रशासन को  उपलब्ध करा दिया जाता तो महामारी संबंधी संक्रमण की रोकथाम करने में बहुत मदद मिल सकती थी |महामारी से समाज को सुरक्षित बचाए रखने के लिए पहले से सतर्कता बरती जा  सकती थी | इसके साथ ही साथ  मेरे पूर्वानुमानों के आधार पर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उसप्रकार की कार्य योजना बनाई जा सकती थी | इससे स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिल सकती थी |मेरे द्वारा लगाए गए सही पूर्वानुमान पहले से चिकित्सकों को मिल जाते तो वे पहले से ही आवश्यक औषधीय द्रव्यों एवं औषधियों  का भंडारण कर सकते थे | ऐसे सही पूर्वानुमान यदि लोगों को मिल जाते तो लोग आत्मसंयम पूर्वक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं भी सावधानी बरत सकते थे |

      विशेष बात यह है कि मेरे द्वारा वैज्ञानिकपद्धति का उपयोग करके लगाए गए  पूर्वानुमान प्राकृतिक घटनाओं से संबंधित अध्ययनों पर आधारित होते हैं | इनमें नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके भविष्य में महामारी के प्रसार का और अधिक बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |

       मेरा विश्वास है कि मैं भविष्य में भी इस पद्धति का उपयोग करके ऐसी प्राकृतिक घटनाओं के बिषय में अधिक सटीक पूर्वानुमान लगा सकता हूँ| इसलिए  मेरे पूर्वानुमानों को आपके द्वारा मान्यता मिलनी आवश्यक है | मुझे इस पद्धति को और अधिक विकसित करने के लिए आपसे मदद चाहिए |जिससे भविष्य के स्वास्थ्य संकटों से निपटने की तैयारी  और अधिक बेहतर ढंग से पहले से करके रखी जा सके |

 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 

 

भाई साहब प्रणाम !

      मेरी बिल्डिंग रिहायसी है फिर भी मेरे फ्लोर से नीचेवाले फ्लोर वाले ने जो किराएदार रखा है | उसने उसमें मशीनें भी लगा रखी हैं |मशीनें अक्सर दिन रात चला करती हैं |मशीनों के चलने से जो कंपन होता है |अक्सर   झटके लगते हैं | जिससे बिल्डिंग  दिनोंदिन कमजोर होती जा रही है | हमारे घर में स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं | वैसे भी मशीनों के चलने से हमें एवं हमारे परिवार को बहुत दिक्कत होती है |एक महीने से मेरा बेटा बीमार है | पुलिस में कंप्लेन करने पर भी इसका समाधान नहीं निकाला जा सका है | 

       मेरा विनम्र निवेदन है कि इस रिहायसी बिल्डिंग में मशीनों का चलना बंद करवाया जाए !    

 

किराएदार ने गली में लगे एक लावारिस बिजली मीटर से बिजली ले रखी है |जो न उसके नाम है | न फ्लोर मालिक के नाम है | उस बिजली बिल पर इस बिल्डिंग का एड्रेस भी नहीं है | उसी से मशीनें भी चलती हैं | मेरे कंप्लेन करने पर बिजिलेंस वालों ने उसपर छपा डालकर पेनाल्टी लगा दी है | जो बढ़ते बढ़ते एक लाख साठ हजार हो चुका है|वो किराएदार बिजली बिल जमा नहीं कर रहा है | फ्लोर का मालिक कह रहा कि वो हमारा मीटर नहीं है | बिजली वाले न वो बिल वसूल रहे हैं और न ही वो मीटर  काट रहे हैं |बिजिलेंस वालोंकी रेड पड़े 4 महीने हो चुके हैं |  ये सारा  बिल बाद में बिल्डिंग पर डाल दिया जाएगा | जिसमें तिहाई हमसे भी वसूला जाएगा | बिजलीविभाग के लोग कहते हैं कि मीटर काटने के लिए हमें विधायक अनिल गोयल ने मना कर रखा है |

       जिस किसी भी तरह से संभव हो यह अवैध बिजली मीटर  यहाँ से हटा दिया  जाए एवं इस रिहायसी बिल्डिंग से मशीनें हटवा दी जाएँ | यह तभी संभव है जब मीडिया कुछ मदद कर दे |संभव हो तो आप हमारी कुछ मदद कर दें | 

 

 

 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 


 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

 A-7\41,शनिबाजार,लालक्वार्टर       

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 

आदरणीय श्रीमान  जी !

             आपको सादर नमस्कार  

 बिषय : मेरे द्वारा महामारी के बिषय में लगाए गए पूर्वानुमान बिल्कुल सही निकले!इस बिषय में महत्वपूर्ण पत्र ! 

    महोदय

       महामारी की प्रत्येक लहर के बिषय में पूर्वानुमान लगाकर मैं आगे से आगे पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं |वे मेलें मेरी ईमेल पर अभी भी सुरक्षित हैं | जो मेरी अनुसंधानपद्धति द्वारा लगाए गए पूर्वानुमानों का समर्थन करती हैं | अतिरिक्त प्रमाण के तौर पर मेरी मेलों में दिए गए पूर्वानुमानों का कोरोना ग्राफ से मिलान करने पर मेरे पूर्वानुमान सही घटित होते हैं |मेरी मेलों में जब संक्रमण बढ़ने को लिखा था कोरोना ग्राफ में भी तभी संक्रमण बढ़ने का संकेत है और जब संक्रमण कम होने के लिए लिखा था तभी संक्रमण कम हुआ था | महामारी की सभी लहरों में ऐसा हुआ है | इससे ये प्रमाणित होता है कि कोरोना महामारी के बिषय में सही अनुमान पूर्वानुमान आदि लगाने की यह सही पद्धति है | 

     इसके द्वारा मैंने यह भी खोज लिया है कि महामारी मनुष्यकृत है या प्राकृतिक है | इसका विस्तार कितना है !प्रसार माध्यम क्या है ! इसमें अंतर्गम्यता कितनी है |इस पर मौसम का प्रभाव कितना पड़ता है !तापमान का प्रभाव पड़ता है या नहीं ! वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ता है या नहीं | चिकित्सा का प्रभाव पड़ता है या नहीं, आदि आदि !!

    इसलिए आपसे  मेरा विनम्र आग्रह है कि  मैंने महामारी बिषयक पहले जो अनुमान पूर्वानुमान पीएमओ की मेल पर भेजे थे !उनका परीक्षण कर लिया जाए | इस बिषय में विस्तृत जानकारी देने  साथ चर्चा के लिए मैं तैयार हूँ |       

     मैं अपने अनुसंधानों के बिषय में विश्वासपूर्वक कह सकता हूँ कि मेरे द्वारा लगाए गए महामारी बिषयक अनुमान पूर्वानुमान आदि सही निकलते रहे हैं |उन्हें यदि समय पर  शासन प्रशासन को  उपलब्ध करा दिया जाता तो महामारी संबंधी संक्रमण की रोकथाम करने में बहुत मदद मिल सकती थी |महामारी से समाज को सुरक्षित बचाए रखने के लिए पहले से सतर्कता बरती जा  सकती थी | इसके साथ ही साथ  मेरे पूर्वानुमानों के आधार पर संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उसप्रकार की कार्य योजना बनाई जा सकती थी | इससे स्वास्थ्य प्रणालियों को और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिल सकती थी |मेरे द्वारा लगाए गए सही पूर्वानुमान पहले से चिकित्सकों को मिल जाते तो वे पहले से ही आवश्यक औषधीय द्रव्यों एवं औषधियों  का भंडारण कर सकते थे | ऐसे सही पूर्वानुमान यदि लोगों को मिल जाते तो लोग आत्मसंयम पूर्वक अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं भी सावधानी बरत सकते थे |

      विशेष बात यह है कि मेरे द्वारा वैज्ञानिकपद्धति का उपयोग करके लगाए गए  पूर्वानुमान प्राकृतिक घटनाओं से संबंधित अध्ययनों पर आधारित होते हैं | इनमें नवीनतम तकनीकों का उपयोग करके भविष्य में महामारी के प्रसार का और अधिक बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |

       मेरा विश्वास है कि मैं भविष्य में भी इस पद्धति का उपयोग करके ऐसी प्राकृतिक घटनाओं के बिषय में अधिक सटीक पूर्वानुमान लगा सकता हूँ| इसलिए  मेरे पूर्वानुमानों को आपके द्वारा मान्यता मिलनी आवश्यक है | मुझे इस पद्धति को और अधिक विकसित करने के लिए आपसे मदद चाहिए |जिससे भविष्य के स्वास्थ्य संकटों से निपटने की तैयारी  और अधिक बेहतर ढंग से पहले से करके रखी जा सके |

     

विशेष : इसके समर्थन में महामारी के बिषय में अपने पूर्वानुमानों से संबंधित मेलों के साथ साथ उनसे संबंधित ग्राफ्स भी संलग्न हैं ! 


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सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
दिल्ली नगर निगम,शाहदरा उत्तरी क्षेत्र कार्यालय, दिल्ली !
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत जानकारी हेतु आवेदन।कृपया मुझे सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी प्रदान करें।
आवेदित जानकारी का विवरण:
  1. क्या A-7/41, कृष्णानगर, नियर शनिबाजार, लाल क्वार्टर, कृष्णा नगर-110051 स्थित संपत्ति के प्रथम तल पर सिलाई-कढ़ाई आदि से संबंधित वाणिज्यिक/औद्योगिक गतिविधियाँ चलाने की कोई अनुमति विभाग द्वारा प्रदान की गई है? यदि हाँ, तो कृपया उस अनुमति की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएँ।
  2. आवासीय क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों और ध्वनि प्रदूषण एवं  मशीनों के चलने से होने वाले कंपन के संबंध में विभाग के क्या नियम हैं? कृपया नियमों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराएँ।
  3. क्या विभाग को उक्त पते पर अवैध वाणिज्यिक गतिविधि या ध्वनिप्रदूषण ,कंपन के संबंध में कोई शिकायत मिली है? यदि हाँ, तो उन शिकायतों की तिथि और विवरण दें और उन पर अब तक की गई कार्रवाई की प्रमाणित रिपोर्ट प्रदान करें।
  4. 8 सितंबर 2025 को बिजली विभाग द्वारा की गई रेड (छापेमारी) के आधार पर, क्या विभाग ने संपत्ति के मालिक के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की है? यदि हाँ, तो कार्रवाई की वर्तमान स्थिति की प्रमाणित प्रति दें।
  5. उक्त अवैध गतिविधियों को बंद कराने के लिए विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं और इसके लिए समय सीमा क्या निर्धारित की गई है?
मैं आवेदन शुल्क के रूप में 10/- रुपये की नकद रसीद संलग्न कर रहा हूँ।
कृपया जानकारी मेल पर अथवा दिए गए पते पर स्पीड पोस्ट/पंजीकृत पोस्ट के माध्यम से भेजें।
धन्यवाद।
भवदीय,
(डॉ.शेष नारायण वाजपेयी  )
ईमेल :vajpayeesn@gmail.com 
पता: K -71,दुग्गल बिल्डिंग,फ्लोर नं 3, छाछी बिल्डिंग चौक,   कृष्णानगर-110051
मोबाइल नंबर: 9811226983 
दिनांक: 26-दिसंबर 2025  


महोदय,
आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर, यह स्पष्ट है कि आपको और आपके परिवार को आपके पड़ोसी की अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के कारण गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
इस स्थिति से निपटने के लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

    स्थानीय पुलिस में शिकायत: आप अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन (कृष्णा नगर) में लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह शिकायत ध्वनि प्रदूषण, उपद्रव (nuisance) पैदा करने और स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न करने से संबंधित होनी चाहिए। पुलिस भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर सकती है।
    नगर निगम/MCD में शिकायत: आप पूर्वी दिल्ली नगर निगम (East Delhi Municipal Corporation - EDMC, यदि लागू हो) या संबंधित नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग और भवन विभाग में शिकायत करें। आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधि और अवैध निर्माण/उपयोग नियमों का उल्लंघन है।
    दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) में शिकायत: मशीनों से होने वाले कंपन और ध्वनि प्रदूषण के संबंध में आप DPCC में भी शिकायत कर सकते हैं। वे ध्वनि प्रदूषण के मानकों की जांच कर सकते हैं।
    बिजली विभाग में अनुवर्ती कार्रवाई: चूंकि बिजली विभाग पहले ही रेड डाल चुका है और अनियमितताएं मिली हैं, इसलिए आप उस रसीद के साथ एक और पत्र बिजली विभाग को दें और उनसे अनुरोध करें कि वे अवैध व्यावसायिक कनेक्शन को पूरी तरह से काट दें या उचित कानूनी कार्रवाई करें।
    सिविल कोर्ट में मुकदमा: यदि प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई अपर्याप्त रहती है, तो आप स्थायी निषेधाज्ञा (permanent injunction) के लिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर सकते हैं ताकि उन्हें उस स्थान पर मशीनें चलाने से रोका जा सके।
    साक्ष्य इकट्ठा करें: आपके पास पहले से ही बिजली विभाग की रसीद है। इसके अलावा, कंपन, ध्वनि स्तर और आपके बेटे की मेडिकल रिपोर्ट (बेडरेस्ट की सलाह वाली) जैसे अन्य साक्ष्य इकट्ठा करें। ये सभी दस्तावेज़ आपकी शिकायत को मजबूत करेंगे।

आप अपनी शिकायतें ऑनलाइन पोर्टल या व्यक्तिगत रूप से जाकर, दोनों तरीकों से दर्ज कर सकते हैं। सभी शिकायतों की एक प्रति (acknowledgement copy) अपने पास अवश्य रखें।

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श्री हर्ष मल्होत्रा 
माननीय मंत्री, 
सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं कारपोरेट मामले 
भारत सरकार 
नई दिल्ली 

विषय: बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड द्वारा मेरी बिल्डिंग में लगे मीटर के संदर्भ में नियमानुसार कार्यवाई किए जाने के संदर्भ में -

     सेवा में -

      A-7/41 के  सेकेंडफ्लोर शनिबाजार कृष्णानगर में मैं रहता हूँ | मेरी बिल्डिंग में एक ऐसा बिजली मीटर लगा हुआ है | जिसके बिल पर लिखा मकान नंबर मेरी बिल्डिंग का नहीं है | उस पर लिखा नाम मेरी बिल्डिंग में किसी का न अभी है और न पहले कभी रहा है | उस पर ग्राउंड फ्लोर लिखा है | हमारी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में दुकानें हैं | वहाँ रहने लायक कोई जगह ही नहीं है | यह रिहायसी बिल्डिंग है | इसके फस्ट फ्लोर में किराएदार के द्वारा मशीनें  लगाकर इसका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है | वो यह बिजली मीटर है |

( CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन  A-7/41/2-A G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051 )

1.    A-7/41/2-A  नंबर बिल्डिंग वाला ये मीटर A-7/41 नंबर बिल्डिंग में चलाया जा  रहा है | यहाँ  A-7/41/2-A  नंबर  की कोई बिल्डिंग नहीं है | यह बिल्डिंग नंबर तथा विजय कुमार नाम किसी रजिस्ट्री में भी दर्ज नहीं है | 

 2. इस बिल में ग्राउंडफ्लोर दर्ज है जबकि यह फस्ट फ्लोर में चलाया जा रहा है |  

 2. इस आवासीय बिल्डिंग  में लगा यह मीटर घरेलू उपयोग के लिए पंजीकृत है किंतु बिजिलेंस विभाग द्वारा मारे गए छापे में इसका व्यावसायिक उपयोग देखकर इस घरेलू मीटर को व्यावसायिक कर दिया गया है |

  3. इस मीटर से मशीनें चला रहा व्यक्ति किराएदार है |   

   महोदय ,ऐसे बिजली मीटरों पर अभी तक जो बिल बकाया रह जाता रहा है | वो बिल्डिंग के नाम पर डाल दिया जाता रहा है | जो हम तीनों फ्लोर वालों के लिए देय मान लिया जाता है | इस मीटर के बिषय में मेरा निवेदन यह है कि इस मीटर पर आए हुए अधिक बिल को दिए बिना ही यदि किराएदार चला जाता है तो बिजली विभाग ये बिल किससे वसूलेगा ? इसलिए बिजलीविभाग इस मीटर को जिस फ्लोरमालिक की जिम्मेदारी में डालना चाहे उस फ्लोरमालिक के नाम इस मीटर को करे  ताकि इसके जमा करने की उसकी जिम्मेदारी हो | 

      अतएव आपसे विनम्र निवेदन है कि बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड को निर्देशित करें कि उक्त संदर्भ में निष्पक्ष जाँच करें और नियमानुसार करवाई करें।     

 निवेदक :

डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

कृष्णानगर ,दिल्ली -110051



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  • चूंकि बिजली विभाग पहले ही रेड डाल चुका है और अनियमितताएं मिली हैं, इसलिए आप उस रसीद के साथ एक और पत्र बिजली विभाग को दें और उनसे अनुरोध करें कि वे अवैध व्यावसायिक कनेक्शन को पूरी तरह से काट दें या उचित कानूनी कार्रवाई करें।

  • बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड

    विषय: बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड द्वारा मेरी बिल्डिंग में लगे मीटर के संदर्भ में नियमानुसार कार्यवाई किए जाने के संदर्भ में -

         सेवा में -

          A-7/41 के  सेकेंडफ्लोर शनिबाजार कृष्णानगर में मैं रहता हूँ | मेरा बिजली मीटर मेरे और मेरे फ्लोर के नाम से लगा हुआ है | इस बिल्डिंग के थर्डफ्लोर वालों का मीटर उनके एवं उनके फ्लोर के नाम से लगा हुआ है | इन दोनों मीटरों का कोई बिल बकाया नहीं है | 

         इसी बिल्डिंग के फस्ट  फ्लोर वालों का अपने नाम कभी कोई बिजलीमीटर नहीं रहा है | वे ऐसे मीटरों का उपयोग करते रहे हैं जिन्हें लगाने में न तो किसी फ्लोर की रजिस्ट्री आदि कागज़ लगाए जाते रहे हैं, न बिल्डिंग नंबर सही होता रहा है और न अपना फ्लोर नंबर सही होता रहा है और न ही अपना सही  नाम लिखवाकर बिजली कनेक्शन लिया जाता रहा है | ये मीटरों का उपयोग करते जब बिल अधिक हो जाता तो उस मीटर को छोड़कर दूसरा तीसरा चौथा आदि ऐसा ही गुमनाम मीटर लगवा लेते रहे हैं |A-7/41 के फस्टफ्लोर का अभी तक  ऐसे ही गुमनाम मीटरों से काम चलता आ रहा है |  ऐसे मीटरों पर आए भारी भरकम बकाया बिलों को BSES फस्टफ्लोर वालों से न वसूल कर बिल्डिंग के नाम पर बकाया के रूप में डालकर हम  तीनों फ्लोर वालों को उस बकाया राशि के लिए देनदार बना दिया जाता रहा है | ऐसे फस्टफ्लोर वालों के प्रयोग किए गए बिलों पर बकाया धनराशि  लाखों में बताई जा रही है | 

         वर्तमान समय में भी A-7/41 के फस्टफ्लोर में ऐसे ही एक गुमनाम मीटर से मशीनें चलाई जा रही हैं |इसके बिल पर लिखा मकान नंबरफ्लोर सही नहीं है | उस पर लिखा नाम  मेरी बिल्डिंग में किसी का न अभी है और न पहले कभी रहा है |यह रिहायसी बिल्डिंग है |A-7/41/2-A G/F, CA No. 100907780 विजयकुमार नाम से बिजलीकनेक्सन है | जिसका उपयोग  A-7/41/2-A F/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI-110051 में किराएदार व्यवसायिक उपयोग करते हुए इसी मीटर से मशीनें  चला रहा है |  

    (      इसकी शिकायत मैंने 7 मई 2025 को बिजलीविभाग (BSES) के क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर की थी | उसके 42 दिन बाद (11-7-2025) को  बिजिलेंस विभाग वालों ने रेड करके ड्यूडेट 8 सितंबर 2025 की दी थी रेड किए हुए 173  दिन बीत गए हैं |अभी तक न तो  बिल की वसूली की गई है और न ही उस गुमनाम मीटर को हटाया गया है | बिल दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है | बिजलीविभाग (BSES) के क्षेत्रीयअधिकारियों की मिली भगत से पहले भी ऐसी बकाया राशि फस्ट फ्लोर वालों से न वसूलकर बिल्डिंग के नाम पर डाल दी जाती रही है | मुझे आशंका है कि भ्रष्टाचार पूर्वक अबकी बार भी ऐसा किया जा सकता है | 

         इसलिए  बिजलीविभाग (BSES) के उच्चाधिकारियों से मेरा विनम्र निवेदन है कि इस मीटर पर बकाया बिलों की वसूली करते हुए ऐसे अवैधमीटर को हटाया जाए | यदि तुरंत ऐसा नहीं किया जाता है तो  मैं केवल अपने मीटर पर आए बिल ही जमा करूँगा | उसके अतिरिक्त बिल्डिंग के नाम पर जो भी बकाया होगा उसके लिए न तो मैं अभी देनदार हूँ और न ही भविष्य में होऊँगा | यदि मेरे अपने फ्लोर के मीटर में भविष्य में कभी कोई परिवर्तन की आवश्यकता पड़ती है या मीटर क्षतिग्रस्त होता है तो तो बिल्डिंग पर बकाया राशि का मैं देनदार नहीं होऊंगा | 

         

    बिल्डिंग के नाम पर बकाया ऐसी बड़ी से बड़ी धनराशि की वसूली BSES  को A-7/41 के केवल फस्टफ्लोर वालों से करनी चाहिए | इसके साथ ही साथ  BSES के उन क्षेत्रीय अधिकारियों को भी इसके लिए जिम्मेदार मानकर इसकी वसूली उनसे की जानी चाहिए | जिनके सहयोग के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार किया जाना संभव ही न था | 



    इस मीटर के बिषय में मेरा निवेदन यह है कि इस मीटर पर आए हुए अधिक बिल को दिए बिना ही यदि किराएदार यह फ्लोर छोड़कर चला जाता है तो बिजली विभाग ये बिल किससे वसूलेगा ? इसलिए बिजलीविभाग इस मीटर को जिस फ्लोरमालिक की जिम्मेदारी में डालना चाहे उस फ्लोरमालिक के नाम इस मीटर को करे  ताकि इसके जमा करने की उसकी जिम्मेदारी हो | 

          अतएव आपसे विनम्र निवेदन है कि बीएसईएस यमुना पॉवर लिमिटेड को निर्देशित करें कि उक्त संदर्भ में निष्पक्ष जाँच करें और नियमानुसार करवाई करें।    

     

     

    सेवा में

    बरिष्ठअधिकारीगण , बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) दिल्ली 

    विषय: अवैध बिजली कनेक्शन एवं अन्य उपभोक्ताओं पर बकाया राशि थोपने के संदर्भ में शिकायत!

    महोदय/महोदया,

          मैं A-7/41 के  सेकेंडफ्लोर  , शनि बाजार, कृष्णानगर का निवासी हूँ। मेरा बिजली मीटर लगाते समय मुझसे रजिस्ट्री की कॉपी माँगी गई !बिल्डिंग की ऊँचाई  नापी गई | बिल्डिंग में पहले से लगे दो मीटरों का बिल जमा करवाया गया | कई बार जाँच पड़ताल करने  के बाद मेरे नाम और फ्लोर पर पंजीकृत मीटर लग पाया  था ।उसका बिल समय से मैं भरता आ  रहा हूँ | इसी बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर वालों को बीएसईएस नियमों के विरुद्ध जाकर  भी बिजली की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है | इस पत्र के माध्यम से मैं आपका ध्यान फस्टफ्लोर  पर हो रही अनियमितताओं की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ | 

      अवैध एवं गुमनाम कनेक्शन:  इसी बिल्डिंग के फस्टफ्लोर वालों के नामपर कभी कोई वैध बिजली मीटर नहीं रहा है | उन्हें बीएसईएस बिना दस्तावेजों के गलत पते (मकान/फ्लोर नंबर) पर फर्जी नाम से बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाता रहा है।एक मीटर पर बिजलीबिल अधिक हो जाने पर उस बकायाबिल को बिल्डिंग के नाम पर डालकर फस्टफ्लोर वालों को दूसरा तीसरा आदि कनेक्शन उपलब्ध करवा दिया जाता रहा है | वो उपयोग कर करके छोड़ते रहे हैं |वर्तमान समय में भी CA No. 100907780 विजय कुमार के नाम पर जिस मीटर का फस्टफ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किया जा रहा है | वह भी गलत बिल्डिंग नंबर, गलत फ्लोर के लिए ,गलत नाम से आवासीय परिसर में व्यवसायिक कार्यों (मशीनें चलाने ) में  अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा है | 7 मई 2025 को मेरे द्वारा की गई  शिकायत के  42 दिन बाद (11-7-2025) बिजिलेंस विभाग वालों ने रेड की थी | उसके बाद 170  दिन बीत गए हैं |अभी तक न तो  बिल की वसूली की गई है और न ही उस गुमनाम मीटर को हटाया ही गया है |     

      बीएसईएस की मजबूरी या लापरवाही :जो बीएसईएस मीटर लगाने के लिए इतनी सघन जाँच पड़ताल करता है |वही बीएसईएस इन अवैध मीटरों के दुरुपयोग को सह कैसे रहा है | जो बीएसईएस दो महीने का बिल बकाया होते ही मीटर काटने पहुँच जाता है | वही बीएसईएस इतने  महीनों के बकाया  बिल की अनदेखी कैसे कर रहा है |  

     वसूली में लापरवाही: इस फस्ट फ्लोर में उपयोग किए गए विभिन्न मीटरों का लाखों रुपयों  का बिल BSES के द्वारा बिल्डिंग के नाम पर डाल दिया जाता रहा है। इससे मुझ जैसे ईमानदार उपभोक्ताओं पर अनुचित वित्तीय बोझ पड़ता है।फस्टफ्लोर वालों का पुराना बकाया तो बिल्डिंग के नाम पर पड़ा ही हुआ है |वर्तमान समय उपयोग किए जा रहे मीटर पर भी डेढ़लाख से अधिक का बिल बकाया हो चुका है |फस्ट फ्लोर में रह रहा  किराएदार यदि इस बिल का भुगतान किए बिना ही चला जाता है ,तो इस बकाया धनराशि की वसूली किससे की जाएगी ? 

         आपसे मेरा विनम्र निवेदन है कि उक्त अवैध गुमनाम मीटर को तत्काल काटकर बकाया राशि की वसूली सीधे फस्ट  फ्लोर वालों से की जाए। इसके साथ ही बिल्डिंग पर डाली गई पुरानी बकाया राशि भी इसी फ्लोर की है | उसे भी फस्ट फ्लोर वालों से वसूल कर हमारी बिल्डिंग को पिछले बकाया से मुक्त किया जाए | 

       मैं स्पष्ट करना चाहता हूँ कि अपने  मीटर का बिल मैं समय से  भर रहा हूँ | फस्ट फ्लोर वालों के द्वारा उपयोग किए जाते  रहे ऐसे अवैध मीटरों का जो बिल बिल्डिंग पर डाला गया है या भविष्य में डाला जाएगा | उसके लिए मैं जिम्मेदार नहीं हूँ | मैं उसका भुगतान भी नहीं करूँगा | 

    भवदीय

    डॉ. शेष नारायण वाजपेयी 

    A-7\41,सेकेंडफ्लोर,शनिबाजार,लालक्वार्टर    

    कृष्णानगर ,दिल्ली -110051

    उस कमरे में एक मशीन हो या पाँच मेरी शिकायत वो नहीं है | उससे हमें परेशानी होती है | मेरा बेडरूम इन मशीनों के बिल्कुल ऊपर है |इसलिए इनके चलने से जो कंपन होता है

       महोदय ,

          मेरा निवेदन मात्र इतना है कि मेरे फ्लोर के नीचे वाले फ्लोर में चल रही मशीनों से मेरे फ्लोर में जो कंपन होता है | उससे हमें परेशानी होती है | मैं ब्लड प्रेशर का रोगी हूँ इन मशीनों के चलने  से मुझे चक्कर आता है और उलटी लगती है | मेरा पूरा दिन ख़राब हो जाता है | ऐसे ही कारणों से मेरा बेटा अभी बीमार हुआ जिसे कई दिनों तक अस्पताल में एडमिट करना पड़ा |  मेरे चारों बच्चे पढ़ने वाले हैं उन्हें समय से स्कूल जाना होता है | परीक्षा का समय चल रहा है | इन मशीनों के चलने से बहुत डिस्टर्ब होता है| इस कंपन को हर हाल में रोका जाए | मशीन एक हो दो हो कोई न हो आखिर उस घर में ऐसा क्या हो रहा है जिससे इतना कंपन होता है |

         काम करने के लिए दो दो तीन तीन कारीगर आते जाते हैं | उसके अतिरिक्त एक दो मैकेनिक अक्सर आते जाते हैं |ये लोग स्वयं भी मशीनें  चलाते हैं |कई बार बाहर गेट बंद करके देर रात तक  मशीनें चला करती हैं|इससे हमारी  रात बर्बाद हो जाती है |     

       जो मशीनें विजिलेंस वालों के द्वारा विद्युद विभाग में जमा किए गए वीडियो में हैं |जिन्हें आधार बनाकर  उन्होंने पेनाल्टी लगाई थी |बिजली का लोड 3 किलोबाड से बढ़ाकर 7 किलोबाड किया था | वो मशीनें इस फोटो में नहीं हैं | सिलाई की एक मशीन होती तो न इतना कंपन होता और न ही एक मशीन पर  बिजिलेंस वालों ने इतनी पेनाल्टी लगाई होती न लोड बढ़ाया होता | 

        बिजिलेंस वाले जब रेड डालने आए थे तब उन्होंने मुझे भी बुलाया था | मेरे सामने नीचे वालों को समझाया था कि इन तीन मशीनों में से बड़ी एम्ब्रोडरी वाली मशीन हटा दो उसी से कंपन होता है | यदि नहीं हटाओगे तो मैं अगली बार कारवाही करूँगा | ऐसा कहकर चले गए थे | दूसरी बार भी 5 लोग आए तब भी मशीनों को चलते हुए देखा तब पेनाल्टी लगाकर गए थे |  

      इसलिए संभव है कि एम्ब्रोडरी मशीन को बचाकर  ये फोटो खींची गई हो | फोटो खींचते समय कुछ मशीनें  वहाँ से हटा भी दी गई हों |ऐसा भी संभव है |वैसे भी उस कमरे के केवल एक कोने की फोटो खींची गई है |उस समय मशीनों के इधर उधर करने की आवाज आ रही थी | 

         निवेदक -

    डॉ।  शेष नारायण वाजपेयी   

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