कहीं ऐसा तो नहीं है कि पूर्व की टीम अन्ना भी अन्ना हजारे के लिए और अन्ना हजारे आम आदमी पार्टी के लिए ही काम कर रहे हों !
अन्ना हजारे की पटरी केजरीवाल से ठीक ठीक खाती दिख रही है अन्यथा केजरीवाल क्यों जाते उनसे मिलने और अन्ना क्यों करते उनसे बात !दूसरी बात अन्ना जी केजरीवाल की बुराई भी नहीं कर रहे हैं और अरविन्द केजरीवाल तो उन्हें अपना गुरू मानते ही हैं इसलिए अन्ना जी और केजरीवाल के बीच कोई अनबन है यह बात मानने योग्य ही नहीं है ।
आगामी चुनावों में अन्ना की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत वर्त्तमान में आम आदमी पार्टी के नाम से जाना जाने वाले टीम अन्ना के ही एक धड़े का राजनैतिक नेतृत्व अरविन्द केजरीवाल कर रहे हैं तो दूसरी ओर गैर राजनैतिक टीम अन्ना का नेतृत्व अन्ना हजारे स्वयं सँभाल रहे हैं!इस प्रकार से अन्ना और अरविन्द मिलजुल कर चला रहे हैं टीम अन्ना का चुनावी अभियान !
देश में N.D.A. और U.P.A सरकार बनाते रहे हैं कभी कभी संयुक्त मोर्चा की सरकारें भी बनी हैं किन्तु अबकी बार पूर्व टीम अन्ना का ही आम आदमी पार्टी नाम का राजनैतिक संगठन देश में अधिक से स्थानों से चुनाव लड़ रहा है! ऐसी परिस्थिति में N.D.A. और U.P.A से दूर रहने वाले जिन दलों ने अभी तक संयुक्त मोर्चे में जाने के लिए अपने पत्ते न खोले हों उन्हें ईमानदार वाद के झंडे के तले अन्ना जी संगठित कर सकते हैं ! अन्ना की जेब में पड़ी आम आदमीपार्टी भी बाद में उसी छतरी के नीचे जोड़ ली जाएगी और इस प्रकार से पूर्व की गैर राजनैतिक टीम अन्ना वर्त्तमान में राजनैतिक टीम अन्ना का स्वरूप धारण कर ले !धन्यवाद !!
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