भाजपा ने आखिर स्वभाव विरुद्ध ये समझौते किए ही क्यों ?
अथ श्री पासवान शरणागतिः
कार्यकर्ता संकल्प लें कि और कुछ भी हो किन्तु अब भाजपा को अपने मुद्दों से भटकने नहीं दिया जाएगा !
समाज में भाजपा के प्रति समर्पित साधकों से निवेदन है किsee more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html
व्यक्ति पूजा से व्यथित भाजपा के शिथिल पड़ते सिद्धांत !
सिद्धांतों और मूल्यों के लिए समर्पित भाजपा बदली बदली सी क्यों दिख रही है ?
भाजपा मूल्यों और सिद्धांतों की पार्टी है, कार्यकर्ताओं की पार्टी है मेरी जानकारी के अनुशार अटल अडवानी जी ने अपनी जाति और अपने क्षेत्र या अपने प्रदेश की प्रशंसा इस रूप में कभी नहीं की, देश के जिस कोने में गए या जिससे मिले उसी बयार में बह गए इससे झलकता है लोगोंsee more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/03/blog-post_5.html
क्या भाजपा सह पाएगी इन नए घुस पैठियों का बोझ ! जब ये लहर मारेंगे तब क्या होगा ?
उत्तर प्रदेश की ऐसी ही रेस में सम्मिलित होकर भाजपा ने जिन्हें खड़ा किया था उन्होंने ही वहाँ से भाजपा को खदेड़ दिया है !
भाजपा का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना ही तो नहीं होना चाहिए क्योंकि जनता तो भाजपा के दृढ़see more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_4198.html
लौह पुरुष की आँखों से अक्सर निकलने लगते हैं आँसू आखिर क्यों?
भाजपा ने अपने शीर्ष नेता से उत्तराधिकार लिया है या उन्होंने दिया है !और यदि अपनी इच्छा से दिया है तो उनकी आँखों में आँसू क्यों ? छलकने लगे हैं
इधर कुछ वर्षों महीनों से कई स्थलों पर देखा गया है कि अपनी प्रशंसा सुनते ही अडवाणी जी की आँखों में अक्सर आँसू आ ही जाते हैं ! मैं ये बात उस महापुरुष के विषय में निवेदन कर रहाsee more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_4814.html
दिल्ली भाजपा का यह कैसा चुनावी शंखनाद! !
दिल्ली भाजपा को न्यूटल गेयर में चलाने की तैयारी !
हमारे कहने का अभिप्राय मात्र इतना है कि दिल्ली की जनता जिनके व्यवहार से संतुष्ट नहीं है उन्हें ही घुमा घुमाकर जनता पर यदि थोपा जाएगा तो जनता भी दिल्ली में भाजपा को न मोटा होने देगी और न मरने देगी !भाजपा को अन्य पार्टियों से बड़ी पार्टी होने का गौरव मिल भी गयाsee more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_20.html
केवल हिन्दू मुश्लिम नाम के दो पहिये ही क्यों ?बाकी दूसरे क्यों नहीं ?
आखिर कब तक यों ही भटकती रहेगी दो पहियों वाली भाजपा ?
किन्तु केवल दो पहियों वाली गाड़ी चलती रही तब तक तो ठीक है उसका खड़ा होना खतरनाक होता है इसलिए दो पहियों वाली गाड़ी को खड़ा करते समय विशेष सावधानी रखनी होती है।इसलिए जितने अधिक से अधिक पहियों वाली गाड़ी बन सके उतना खतरा घट जाता है जैसेsee more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_7.html
किन्तु केवल दो पहियों वाली गाड़ी चलती रही तब तक तो ठीक है उसका खड़ा होना खतरनाक होता है इसलिए दो पहियों वाली गाड़ी को खड़ा करते समय विशेष सावधानी रखनी होती है।इसलिए जितने अधिक से अधिक पहियों वाली गाड़ी बन सके उतना खतरा घट जाता है जैसेsee more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_7.html
किसने क्या किया वो तो छोड़िए भाजपा क्या करेगी सो बताइए !
कौन पार्टी कितनी चोर भ्रष्टाचारी या घोटाले बाज है यह जनता को भी पता है उसे बार बार बताना क्यों ?
इसलिए यदि जनता आपकी या किसी की ऐसी बातें मान भी ले तो क्या होगा यदि आप या कोई और सरकार में आ भी गया तो भी उन घोटालों की जाँच तो होने से रही यदि हो भी गई तो उसके परिणाम सामने आने की आशा ही क्या !न तो वो परिणाम सामने आने हैं और न ही उनमेंsee more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/01/blog-post_24.html
बाबा के बहाव में बहते बहते बच गई भाजपा !
एजेंडे के खींच तान में उलझा भाजपा हाईकमान !
बात बस इतनी है कि काले धन का मुद्दा किसका है,इसी प्रकार से भ्रष्टाचार एवं टैक्स मुक्ति आदि से जुड़े मुद्दे भाजपा के हैं या किसी और के ?और यदि किसी और के हैं तो क्या भाजपा उनके लिए उस और की मदद कर रही है !और यदि यह सच है तो भाजपा क्या इतने दिन में अपनेsee more....http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/01/blog-post_5.html
अब सशक्त भाजपा का साथ देना चाहते हैं लोग ! ढुलमुल रवैया लोगों को पसंद नहीं है!!!
अब भाजपा को किसी की शर्त के सामने घुटने नहीं टेकने चाहिए अपने बल पर चुनाव लड़ना चाहिए।
कुछ हो न हो किन्तु भाजपा को एक बात तो समाज के सामने स्पष्ट कर ही देनी चाहिए कि उसे आम समाज के सहारे चलना है या साधू समाज के ? जो चरित्रवान विरक्त तपस्वी एवं शास्त्रीय स्वाध्यायी संत हैं उनके धर्म एवं वैदुष्य में सेवा भावना से सहायक होकर विनम्रता सेsee more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/01/blog-post_4.html
केंद्र तक पहुँचते पहुँचते भाजपा पीछे क्यों रह जाती है ?-ज्योतिष
भाजपाकी ज्योतिषीय एक और बड़ी समस्या -
आखिर क्या कारण है कि अटल जी जैसे विराट व्यक्तित्व के रहते हुए भी भारतवर्ष में भाजपा अपने बल और नाम पर भारत के सत्ता शीर्ष पर नहीं पहुँच पाई है इसीलिए उसे राजग का गठन करना पड़ा जबकि भाजपा से कम सदस्य संख्या वाले अन्यलोग see more...http://snvajpayee.blogspot.in/2013/09/blog-post_5668.html
चुनावी भविष्य 2013 -14
आगामी चुनावों के समय किस राजनेता का है कैसा ग्रह योग ?
वर्तमान
समय में भारतीय राजनैतिक महापुरुषों की कुंडलियों में आगामी चुनावों के
समय किस राजनेता का कैसा ग्रह योग चल रहा है उसका शास्त्रीय ढंग से विवेचन
किया गया है इसमें बिना किसी पार्टी या पक्ष का ध्यान दिए हुए शास्त्रीय
बात को स्पष्ट रूप से रखा गया है।वैसे आगामी चुनावों में धर्म एवं सिद्धांत वादी राजनेताओं पर ग्रहों का विशेष अच्छा प्रभाव रहेगा! विशेष बात यह है कि सभी राजनेताओं की
डेट ऑफ बर्थ एवं डेट ऑफ़ टाइम कीsee more...http://snvajpayee.blogspot.in/2013/10/sunday-september-17-1950-time-of-birth.html
2014 चुनावों में मोदी जी बन पाएँगे पी.एम. ?
नरेन्द्र मोदी जी-
Sunday, September 17, 1950 Time of Birth:
11:00:00 Place of Birth:
Mehsana
मोदी जी की जन्म कुंडली के
अनुसार उनमें एक कुशल प्रशासक की उत्तम क्षमता है जिसके अनुसार ही उन्होंने
प्रतिपक्षियों को पराजित करके कई बार चुनाव जीते हैं।वर्तमान में ग्रह
संयोग ही कहा जाएगा कि अब तक परिश्रम पूर्वक बनाई गई राजनैतिक साख एवं
सामाजिक प्रतिष्ठा इस समय यदि सुरक्षित रखी जा सकी तो इसे भी बड़ी
उपलब्धि के तौर पर देखा जाना चाहिए।निस्संदेह
समय अब तक उनका सहयोगी रहा है किन्तु अब से 30-11-2021तक का समय धीरे
धीरे क्रमिक रूप से इतना अधिक राजनैतिक शैथिल्य दे देगा कि इस
समयsee more...http://snvajpayee.blogspot.in/2013/09/2014.html
ज्योतिषीय ग्रह योग और श्री राम मंदिर अयोध्या !
श्री
राम की जन्म कुंडली और श्री राम मंदिर
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