शनिवार, 8 मार्च 2014

गरीबों को अपमानित करने वाले ऐसे गरीब विरोधी डिनर! रोके जाने चाहिए !!!

     केजरीवाल के साथ 20000 का डिनर !शाबाश!!आम आदमी पार्टी !!!

1. जो पूर्व मुख्य मंत्री आम जनता के साथ खाना खाने के बीस बीस  हजार रूपए माँग रहा हो जिसमें उसका कुछ लगता ही नहीं है और कुछ करना भी नहीं पड़ता है तो जहाँ कुछ करना पड़ता होगा वहाँ वह क्या माँगता होगा!

2. आम आम करता करता जो आदमी अपने को इतना खास समझने लगा हो कि अब अपने साथ उसी को खाना खाने देगा जो बीस हजार रुपए देगा इसमें आम आदमी तो बेचारे पहुँच नहीं पाएँगे बड़े बड़े उद्योगपति ही पहुँचेंगे उनके साथ होगी कोई बड़ी व्यापारिक डील कि तुम हमें चुनावी फंड दो हम तुम्हें व्यापारिक भ्रष्टाचार करने की छूट देंगे !

3.  सबको पता है कि केजरीवाल को खाँसी आती है वो भी ऐसी भयंकर कि बोलने नहीं देती है वो भी ऐसी कि जब वो मुख्य मंत्री होकर नहीं ठीक करवा सके तो और कोई कैसे भगा पाएगा ऐसी खतरे की खाँसी !हमने सुना है कि ऐसी खाँसी एक दूसरे को खानपान के संपर्क से फैलती है इसलिए मुख पर कपड़ा लगा कर बात  करने की सलाह दी जाती है इतने झंझट में पड़े ही क्यों अपना दूर से ही राम राम कर लेता है !इसलिए यहाँ तो साथ खाना खाने की बात ही जोखिम भरी है उसमें भी बीस हजार रुपए देकर कोई खाँसी लेने जाएगा !इसलिए खाना तो बहाना है वस्तुतः हमें तो यहाँ किसी बड़ी व्यापारिक डील की संभावना लगती है!

4. लोक सभा चुनावों का पार्टी फंड जुटाने के लिए जो पूर्व मुख्यमंत्री साथ खाना खाने के बीस बीस हजार रूपए माँग रहा हो तो यह क्यों न मान जाए कि वह पार्टी फंड जुटाने के लिए ही मुख्य मंत्री बना होगा !

5. जो पूर्व मुख्य मंत्री साथ में खाना खाने के बीस हजार रूपए माँग रहा है वो मुशीबत में साथ देने का क्या लेता होगा  ये तो खुला भ्रष्टाचार है इसकी तो जाँच होनी चाहिए अभी दूध का दूध पानी का पानी हो जाए! 

        इसलिए मैं तो कहता हूँ कि इस सम्भावित इतने बड़े भ्रष्टाचार की जाँच वो सब राजनैतिक पार्टियाँ  क्यों नहीं करवाती हैं ?क्यों नहीं करती हैं चुनाव आयोग से इसकी शिकायत ?आम आदमी पार्टी ,काँग्रेस ,भाजपा आदि सभी बड़ी बड़ी पार्टियाँ आपस में मिली हुई हैं मिलजुल कर लूटना चाह रहे हैं देश तभी तो मनाए जा रहे हैं गरीब विरोधी ऐसे भयंकर डिनर! इसीलिए नहीं करवाई जा रही है  जाँच ?(केजरीवालकीशैलीमेंहीआरोप )  

केजरीवाल का है यह काम ।  सबको कर दूँगा  बदनाम॥   

इससे बनेगा अपना काम ।   सबका होगा काम तमाम॥

  इसलिए  आखिर कोई क्यों दे केजरीवाल के ही प्रश्नों के उत्तर ! वो क्यों न दें ?
अरविन्द केजरीवाल जी से जनता को चाहिए इन सत्रह(17)प्रश्नों के उत्तर ! 

1. क्या अन्ना जी के त्याग बलिदान के सिद्धांतों को केजरीवाल जी पसंद नहीं करते थे फिर भी अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए आपने अन्ना जी का उपयोग किया ?
2. आम आदमियों की पीड़ा आपको कब से हुई क्या आप एक मकान में नहीं रहते थे क्या आप के घरमें गाड़ी नहीं हैं क्या आपके see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/03/17.html

कोई टिप्पणी नहीं: