बुधवार, 16 अप्रैल 2014

सोनियाँ जी !

सोनियाँ जी !जब आपको भारत के अस्पतालों पर भरोसा ही नहीं है तो भारत की बहू किस बात की !



सोनियाँ जी ! भारत ने तो सत्ता की सारी चाभी ही जब आपको सौंप दी थी तो बनवा लेतीं अपने मन का कोई अस्पताल ! कम से काम भारत की इज्जत तो बची रह जाती ! ऐसे वहाँ के लोग भारत के विषय में क्या सोचते होंगे !


सोनियाँ जी ! काँग्रेस ने नारा दिया की काँग्रेस का हाथ गरीब के साथ फिर अकेले  अपना इलाज विदेशों में क्यों गरीबों  को किसके भरोसे छोड़ा ?


सोनियाँ जी ! यदि देश में गैस सिलेण्डरों की कमी नहीं थी तो आपने कटौती क्यों करवाई? जनता शोर मचाती रही तब आपने क्यों नहीं सुना !और जब  राहुल ने अपने मधुर मुख से सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने को कहा तो बढ़ा दिए गए तब कमी आखिर कहाँ से पूरी हो गई? क्या आपकी नजर में राहुल का मुख ही  मुख है जनता बेचारी पागल है  क्या जो चिल्लाती रही !

प्रियंका जी !जो बात राहुल और वरुण के बीच थी माना कि आप राहुल की बहन हैं तो आप वरुण की भी बहन ही हैं आपका स्नेह तो दोनों को चाहिए दोनों भाई आपस में बात कर रहे थे करने देते ! उसमें आप इतना गुस्सा क्यों हो गईं ?कहीं इसलिए तो नहीं कि वरुण उस भाजपा सरकार की पैरवी कर रहे हैं जिसकी नेता उमा भारती जी ने अपनी सरकार आने पर जेल वेल  की बात बोल दी थी !किन्तु मोदी जी तो कह चुके हैं राजनैतिक द्वेष से कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी फिर आप इतना क्यों परेशान हैं ?

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