मोदी जी के नामांकन में भद्रा का भ्रम क्यों ?ये तो शत्रु पराजय का उत्तम योग था !
मोदी जी के नामांकन के लिए भद्रा का भय भरने वाले ज्योतिषियों में शास्त्रीय गंभीरता का अभाव !
मैंने सुना है कि अपनी काशी के कुछ ज्योतिषकर्मियों का कहना है कि 24 अप्रैल की तिथि मोदी जी के नामांकन के लिए ठीक नहीं थी इसलिए रुकावटें आ रही हैं क्योंकि उस दिन भद्रा थी और किसी भी शुभ कार्य के लिए भद्रा के समय को त्याग देना चाहिए इसलिए इस दिन मोदी जी को अपना नामांकन दाखिल नहीं करना चाहिए था !
इस विषय में मेरा शास्त्रीय निवेदन मात्र इतना है कि जब ज्योतिष शास्त्र के आकर ग्रंथों में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि कोई शुभ कर्म भद्रा में नहीं करना चाहिए तो क्या यह जानना जरूरी नहीं हो जाता है कि चुनावी नामांकन शुभ कर्म की श्रेणी में आता है क्या ?या हमारे ऊपर चूँकि धार्मिक होने का लेबल लगा हुआ है इसका मतलब ही यह होता है कि हम जो कुछ भी करते या करना चाहते हैं वो सब कुछ शुभ ही होगा !
मैं पूछना चाहता हूँ कि इस विषय में यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि चुनावी समर में अपने विरोधियों को पराजित करने के लिए उनसे संघर्ष करने की शुरुआत करना क्या शुभ कर्म है !बात अलग है कि उसका परिणाम शुभ हो किन्तु कर्म तो कठोर और क्रूर ही है! ये जो नेताओं की गाली गलौच चल रही हैं ये क्या किसी शुभ कर्म में होती हैं ?
शुभ कर्म से आशय जो सबके लिए सुखद हो जैसे किसी का राज्याभिषेक ,विवाह ,यज्ञोपवीत , गृह प्रवेश,यज्ञ कर्म आदि जहाँ किसी के साथ कोई वैर विरोध न हो किन्तु जहाँ वैर विरोध की बात का शुभारम्भ करना हो उसे शुभकर्म कैसे कहा जा सकता है यहाँ तो सत्ता संघर्ष की शुरुआत करने का मुहूर्त देखना होगा जहाँ केजरीवाल जी एवं अजयराय जैसे प्रबल प्रत्याशियों को पराजित करके ही अपनी विजय का सपना सच करना होगा तो ये किसी युद्ध से कम है क्या ?और इसमें उन तथाकथित शुभ मुहूर्तों से काम चलेगा क्या !यहाँ तो शत्रुओं को पराजित करने वाला मुहूर्त चाहिए।श्री राम ने भी विवाह शुभ मुहूर्त उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में भले ही किया था किन्तु धनुष तो उन्होंने भी तिर्यक मुख नक्षत्र में ही तोड़ा था !ऐसे ही मोदी जी भी चुनाव लड़ने की शुरुआत भद्रा में कर लेंगे और यदि ईश्वर ने चाहा तो प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते समय शुभ मुहूर्त भी देख लिया जाएगा।
इसका यह मतलब कतई नहीं है कि किसी मजबूरी बश अच्छे मुहूर्त के अभाव में भद्रा जैसे अशुभ मुहूर्त से ही काम चलाया जा रहा है अपितु यहाँ यह समझना बहुत जरूरी है कि प्रबल विरोधियों को पराजित करने जैसे कठोर कर्म के लिए मुहूर्त भी कठोर ही चाहिए और जब शुभ कर्म करना होगा तब शुभ मुहूर्त देखा जाएगा !
मैंने सुना है कि ऐसी शंका कुछ काशी के ज्योतिष कर्मियों ने उठाई है किन्तु काशी के ज्योतिषी होने की ठसक में क्या शास्त्र पढ़ना मना है?या शास्त्रीय बात कहना मना है? मैं भी तो काशी का ही हूँ किन्तु काशी की शास्त्रीय गरिमा के साथ लापरवाही या खिलवाड़ करना अपने स्वभाव में ही नहीं है !
भद्रा के विषय में मैं शास्त्रीय प्रमाण देना चाहता हूँ आप भी देखें -
"न सिद्धिमायाति कृतं च विष्ट्यां विषारि घातादिकमत्र सिद्धम् |" निर्णयसिंधौ
अर्थात भद्रा में किए गए शुभ कार्य तो सिद्ध नहीं होते हैं जबकि विषारि अर्थात विष और अरि (शत्रु )को पराजित करने से जुड़े कार्य भद्रा में ही सिद्ध होते ही हैं !
कल वही ज्योतिषी जी एक टी.वी.चैनल पर बैठकर लोगों को समझा रहे थे कि मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने का क्या होगा ।भविष्य वाणी करने के नाम पर घर से लिखकर लाया हुआ जो वो पन्ना पढ़ रहे थे वह सुनकर किसी को नहीं समझ में आ रहा था कि ऐसे स्वयं कन्फ्यूज लोग आखिर कहना क्या चाह रहे हैं वो मोदी जी की कुंडली में एक तरफ तो अनेकों प्रकार के राजयोग बताए जा रहे थे दूसरी तरफ कठिनाइयाँ गिनाते जा रहे थे अगर राजयोग है तो कठिनाइयाँ कैसी और कठिनाइयाँ हैं तो राजयोग कैसा? आखिर ये लोग ज्योतिष जैसे गंभीर विषय में ऐसी गर्भिणी बात बोलते ही क्यों हैं इसीलिए न कि जब बात बिगड़ेगी तब इसी बहाने पाला बदल लेंगे !न जाने क्यों ऐसे लोग काशी की ज्योतिष शास्त्रीय गरिमा के साथ खिलवाड़ करते ही क्यों हैं जो बात नहीं पता है वो न ही बोलें तो परिश्रमी ज्योतिष वैज्ञानिक परिश्रम पूर्वक शास्त्रीय सबल पक्ष रखने में स्वतन्त्र तो रहेंगे !ऐसे इनका बचाव भी करना पड़ता है क्योंकि अपनी काशी के हैं !
यदि आप को ठीक लगे तो मेरा यह लेख भी पढ़ें -
जिसमे चुनावों के बाद आडवाणी जी,सुषमा जी ,जोशी जी ,जेटली जी,नितिन जी एवं उमा जी का ग्रह पक्ष विशेष प्रबल होता दिख रहा है!ईश्वर करे कि सब कुछ अच्छा अच्छा ही हो !
कौन बनेगा प्रधानमंत्री ?एक ज्योतिष वैज्ञानिक की भविष्य वाणियाँ राजनेताओं के विषय में !
आगामी चुनावों के समय किस राजनेता का है कैसा ग्रह योग ?
डॉ.मनमोहन सिंह जी - Mon,September 26, 1932Time of Birth: 14:00:00Place: Jhelum
यद्यपि मनमोहन सिंह जी का 8-8-2014 तक राजनीति करने का समय अभी है see more...http://snvajpayee.blogspot.in/2013/10/sunday-september-17-1950-time-of-birth.html
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