श्री हर्ष मल्होत्रा जी,
माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री,
सड़क परिवहन राजमार्ग
एवं कारपोरेट कार्य मंत्रालय
भारत सरकार ,नई दिल्ली
विषय: (CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051) कामर्शियल मीटर की जगह लगाए गए नए मीटर की श्रेणी कॉमर्शियल करने हेतु !
2. इस मीटर पर बकाया पुराने सभी बिल जमा हो गए हैं बिलों के नाम नंबर सहित नोड्यूज देने हेतु !
महोदय
प्रसन्नता की बात है कि जून 2025 से जिन कार्यालयों अधिकारियों के चक्कर लगाते लगाते मैं थक चुका था | एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है | आपकी मदद से अब मेरी बात सुनी तो जा रही है मानी नहीं जा रही है | मुझसे कहा जा रहा है कि तुम कल्पना करो कि मशीनें अब वहाँ से बाहर निकाली जा चुकी हैं |इसीलिए कामर्शियल मीटर को डोमेस्टिक कर दिया गया है | इस झूठ को मानने के लिए हमें बाध्य किया जा रहा है | जिसके वीडियो एवं मशीनों समेत सारे साक्ष्य अभी भी विद्यमान हैं |
मैं कैसे विश्वास कर लूँ जबकि मशीनों के चलने से हो रहे कंपन के कारण हमारा एवं हमारे बच्चों का सोना जागना पढ़ना लिखना अभी भी बाधित हो रहा है |कारीगर अभी भी आ रहे हैं |इतना अवश्य है कि जबसे बिजली का विवाद हुआ तब से मशीनें प्रायः ड्यूटी टाइम के अलावा चलाई जा रही हैं |
मान्यवर ! इस बिषय में मेरा निवेदन मात्र इतना है कि मशीनें बाहर निकाले जाने तक इस मीटर की जगह लगाए गए मीटर की श्रेणी भी कामर्शियल रहने दी जाए | मशीनें हट जाएँ तो मीटर डोमेस्टिक किए जाने में हमें कोई आपत्ति नहीं होगी | श्रीमान जी ! इसके लिए मशीनें जिस किसी से अभी भी चेक करा ली जाएँ| झूठे सर्वे की सच्चाई सामने आ जाएगी |
2 :- 2 फरवरी 2026 को जिस बिल को जमा करने की ड्यू डेट थी | उसमें उपयोग किया हुआ बिल Rs 48930 है और इसी में लिखित इंफोर्स्मेंट का बिल 1,33,541.10 बकाया लिखा है | दोनों मिलाकर ये बिल 1,82,471 होता है |इस बिल के आगे पीछे के किसी भी बिल में इसके जमा होने के प्रत्यक्ष संकेत नहीं हैं जबकि ऐसा होता है ,फिर भी यदि ये बिल जिस किसी भी ढंग से ,जिस किसी भी माध्यम से जमा किए गए हैं तो वो विवरण मुझे भी उपलब्ध करवा दिया जाए | हमारी बिल्डिंग में अभी तक उपयोग किए जा रहे इस लावारिस मीटर का बिल जमा होने के सबूत मेरे पास भी होने चाहिए | बिल्डिंग पर बकाया ऐसे पुराने बिलों को माँगने BSES से अभी भी लोग आया करते हैं | ये किराएदार है ये तो चला जाएगा | भुगतना हमें पड़ेगा !इसलिए ये साक्ष्य मुझे मिलने आवश्यक हैं |
इस बात को ये कहकर टाला नहीं जा सकता है कि 5 किलो बाड से कम लोड होने के कारण उसे माफ कर दिया गया | यदि ऐसा भी है तो उसके लिखित साक्ष्य चाहिए | यद्यपि ये बात कानून सम्मत इसलिए नहीं है | क्योंकि जिस दिन छापा पड़ा था उसके आधार पर ये बिल बनाया गया था | श्रीमान जी ! ऐसे लोगों का बचाव करते समय ध्यान रहे कि इंफोर्स्मेंट ने गैरकानूनी काम रंगे हाथों पकड़ा था तब ये जुर्माना लगाया था | ऐसी स्थिति में क्या ऐसा संभव है कि कोई अपराध करने के बाद 6 महीने तक कोई दूसरा अपराध न करे तो उसे निर्दोष सिद्ध कर दिया जाएगा | ऐसे अधिकारियों से हम कानून सम्मत एवं नैतिक कर्तव्य पालन की अपेक्षा रखते हैं |
सादर,
डॉ. शेष नारायण वाजपेयी
ए-7/41, सेकेंड फ्लोर, शनिबाजार, लालक्वार्टर
कृष्णानगर, दिल्ली -110051
98 11 22 69 83
श्री हर्ष मल्होत्रा जी,
माननीय केंद्रीय राज्यमंत्री,
सड़क परिवहन राजमार्ग
एवं कारपोरेट कार्य मंत्रालय
भारत सरकार ,नई दिल्ली
विषय:
1.आवासीय क्षेत्र में 7 केवी के व्यावसायिक उपयोग होने पर भी पहले से कॉमर्शियल मीटर के स्थान पर नया डोमिस्टिक मीटर लगाना जबकि वर्तमान में हैवी मशीनें चल रही हैं जिससे पूरी बिल्डिंग में कंपन होता है।
2.बीएसईएस के अधिकारी श्री राहुल शर्मा जी ने आश्वस्त किया था कि उपयोग किए जा रहे पुराने मीटर पर बकाया बिल जमा कराए बिना नया मीटर नहीं लगाया जाएगा,किंतु विश्वस्त सूत्रों से मुझे पता लगा है कि पुराना बिल जमा करवाए बिना ही नया मीटर लगा दिया गया है |जनवरी 2025 में भी ऐसा ही किया गया था | इसलिए हटाये गये मीटर के जमाबिल की कॉपी एवं एन.ओ.सी. हमें उपलब्ध करायी जाए कि इस मीटर पर बीएसईएस का कोई बकाया नहीं है ताकि भविष्य में बिल्डिंग के किसी भी फ्लैट् के मालिक को नया कनेक्शन लेते या नाम बदलवाते समय बिल्डिंग पर पुराना बकाया जमा करने के लिए BSES के द्वारा बाध्य न किया जा सके |
3. बीएसईएस के अधिकारी श्री राहुल शर्मा जी ने आश्वस्त किया था कि हम सर्वे कराएँगे जब तक वहाँ से व्यावसायिक मशीनें नहीं हटेंगी तब तक वहाँ लगे कॉमर्शियल श्रेणी के मीटर को हटाकर डोमेस्टिक मीटर नहीं लगाया जाएगा और न ही इस मीटर की श्रेणी डोमेस्टिक की जाएगी | इसके बाद भी इंफोर्समेन्ट की रेड के बाद बीएसईएस ने ऐसा कोई सर्वे नहीं कराया है|जिसमें वहाँ मशीनें चलती हुई न मिली हों | फर्जी सर्वे दिखाकर डोमेस्टिक श्रेणी का मीटर लगा दिया गया है | वहाँ मशीनें पूर्ववत बेरोकटोक अभी भी चल रही हैं |
महोदय,
हमारी बिल्डिंग ।.7?41 शनि बाजारए लाल क्वार्टर कृष्णानगर एदिल्ली .110051 के फ़स्ट फ्लोर में रह रहे किराएदार के द्वारा बड़ी मशीनें लगाकर आवासीय फ्लोर में गैर-कानूनी रूप से व्यावसायिक कार्य किया जा रहा है। इस बात की पूर्ण जानकारी बी.एस.ई.एस. के संबंधित अधिकारियों को है, लिखित तौर पर भी मैंने अनेक बार दिया है। जिस गैर कानूनी मीटर से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी उसकी पूर्ण जानकारी यह है&(CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051)
मैं बताना चाहता हूं कि जून 2025 में किए गए कंप्लेन पर 11जुलाई 2025 को इन्फोर्समेन्ट की पहली रेड पड़ी और 24 मार्च 2026 को दोबारा इंफोर्समेन्ट की रेड पड़ी, दोनो रेड में हैवी मशीनें चलती पाई गईं। जुर्माना लगाया गया, मीटर कमर्शियल किया गया, 2 महीने बकाया पर मीटर काट देने वाले अधिकारियों ने बिल और जुर्माना माफ करने के लिए 6 महीने तक न वसूली की और न ही मीटर काटा। मशीनें लगातार चलती रहीं फिर भी गैरकानूनी तौर पर इस मीटर की श्रेणी बदलकर डोमेस्टिक कर दिया गया और जुलाई 2025 से बकाया सारा बिल बीएसईएस द्वारा माफ कर दिया गया, कैसे माफ किया गया और क्यों किया गया-यह बी.एस.ई.एस ही जाने।
एक वर्ष के अंदर एक लावारिस मीटर की 4 बार श्रेणी बदला जाना, 2 बार मीटर बदला जाना, 2 बार इन्फोर्समेंट की रेड पड़ना और दो बार बिल माफ किया जाना, 2 बार पेनाल्टी बिल माफ किया जाना, मशीनें चलते रहने के बाद भी कमर्शियल मीटर हटाकर डोमेस्टिक मीटर लगा दिया जाना यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
इन हैवी मशीनों के चलने के कारण पूरी बिल्डिंग कम्पन करती है जिससे मेरा परिवार रात को सो नहीं पाता है तथा बच्चों की पढ़ाई में बहुत बाधा उत्पन्न हो रही है।
मंत्री जी, आपसे विनम्र निवेदन है कि उक्त मामले की निष्पक्षता से जांच करायी जाए तथा C.A.नंबर 100907780 की नोड्यूज उपलब्ध करवायी जाए की इस मीटर पर नया मीटर लगने की तारीख तक कोई बिल बाकी नहीं है ताकि भविष्य में कभी नया कनेक्सन लेने पर मुझे अथवा फ्लोर के किसी भी मालिक का आर्थिक शोषण न किया जा सके।
सादर,
डॉ. शेष नारायण वाजपेयी
ए-7/41, सेकेंड फ्लोर, शनिबाजार, लालक्वार्टर
कृष्णानगर, दिल्ली -110051
98 11 22 69 83
सड़क परिवहन राजमार्ग
एवं कारपोरेट कार्य मंत्रालय
भारत सरकार ,नई दिल्ली
बिषय : BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों की मिली भगत से किए जा रहे भ्रष्टाचार पूर्वक हमारे उत्पीड़न को रोकने हेतु |
महोदय
हमारी बिल्डिंग के फ़स्टफ्लोर में रह रहे किराएदार के द्वारा बड़ी मशीनें लगाकर आवासीय फ्लोर में गैरकानूनी रूप से व्यावसायिक कार्य किया जा रहा है| इस गैर कानूनी कार्य में BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों के द्वारा भ्रष्टाचारपूर्वक फर्जीनाम पते वाले इस लावारिस मीटर से बिजली की आपूर्ति की जाती रही है| ("CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051")
जून 2025 में किए गए कंप्लेन पर 11जुलाई 2025 को इन्फोर्समेन्ट की रेड पड़ी मशीनें चलती पाई गईं |जुर्माना लगाया गया | मीटर कमर्शियल किया गया | 2 महीने बकाया पर मीटर काट देने वाले अधिकारियों ने बिल और जुर्माना माफ करने के लिए 6 महीने तक न वसूली की न मीटर काटा मशीनें लगातार चलती रहीं फिर भी भ्रष्टाचार पूर्वक इस मीटर की श्रेणी बदलकर डोमेस्टिक कर दिया गया और जुलाई 2025 से बकाया सारा बिल भ्रष्टाचारपूर्वक माफ कर दिया गया |मशीनें लगातार चलती रहीं |
भ्रष्टाचार पूर्वक श्रेणी परिवर्तन करके बिल माफ किया गया था | इसकी पुष्टि इस बात से भी होती है कि जब 24 मार्च 2026 को दोबारा इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा फिर मशीनें चलती हुई पकड़ी गईं | इसका मतलब जब बिल माफकरके श्रेणी परिवर्तन किया गया था | उस समय भी मशीनें चल रही थीं | बड़ी मशीनें हटाना और फिर लगाना बार बार संभव न था |
24 मार्च 2026 को दोबारा इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा था इस बार भी मीटर कॉमर्शियल किया गया था | जुर्माना लगाया गया था | बिल की वसूली न करके क्षेत्रीय अधिकारियों ने पिछले बकाया का रिकार्ड समाप्त करने के लिए 23 जून 2026 को वो मीटर हटाकर उसकी जगह उसी नाम से नया मीटर लगा दिया और सिद्ध कर दिया कि अब कोई बकाया नहीं है | इसलिए नया मीटर लगाया जा सकता है |
इस प्रकार से इस मीटर के बकाया बिल को बकाया छोड़कर फ्लोर मालिक के नामपर नया मीटर 10 अगस्त 2026 को लगा दिया गया |अभी भी मशीनें वहीँ लगी हैं वीडियो साक्ष्य हैं | इसके बाद भी फर्जी सर्वे दिखाकर कमर्शियल मीटर हटाकर डोमेस्टिक मीटर लगा दिया गया है और उस मीटर का पिछला सारा बकाया बिल बिल्डिंग पर डालकर उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए भ्रष्टाचार पूर्वक ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं |
इसकी जाँच किसी भी स्वतंत्र संस्था या बिजिलेंस से कराई जाए सारा भ्रष्टाचार खुलकर सामने जाएगा | मशीनें अभी भी वहीं मिलेंगी |मेरे पास सारे वीडियो फुटेज सुरक्षित हैं |भावी विकल्पों के लिए मेरे पास सारे साक्ष्य सुरक्षित हैं |
एकवर्ष के अंदर एक लावारिस मीटर की 4 बार श्रेणी बदली जाना ,2 बार मीटर बदला जाना,2 बार इन्फोर्स मेंट की रेड पड़नी और दो बार बिल माफ किया जाना,2 बार पेनाल्टी बिल माफ किया जाना | मशीनें चलते रहने के बाद भी कमर्शियल मीटर हटाकर डोमेस्टिक मीटर लगा दिया जाना BSES के क्षेत्रीय अधिकारियों के भ्रष्टाचार की खुली किताब है |
अतएव आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी बिल्डिंग में लगाए गए इस फर्जी मीटर के जमा हुए बिलों की कॉपी मुझे दिलाई जाए एवं BSES के अधिकारियों के द्वारा किए जाते रहे ऐसे भ्रष्टाचार से बिल्डिंग पर जितना भी बकाया तैयार किया गया हो | वो उनकी जिम्मेदारी है | मुझे नोड्यूज उपलब्ध करवाया जाए ताकि भविष्य में हमारा उत्पीड़न न किया जा सके |
हमारी बिल्डिंग में फर्जी नाम एवं फर्जी एड्रेस से लगे फर्जीबिजली मीटर का गैर कानूनी उपयोग रोकने एवं इसके बिलों की बिजिलेंस से जाँच करने हेतु |
,
A
-7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दि
कुल मिलाकर रीतूजैन के फ्लोर के द्वारा इस आवासीय फ्लोर में किए जा रहे व्यापारिक कार्य में इसी गैर क़ानूनी बिजलीकनेक्शन से बड़ी व्यासायिक मशीनें पिछले कई वर्षों से चलाई जा रही हैं |
1. 11 जुलाई 2025 को रीतूजैन के आवासीय फ्लोर में इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा तो बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलती पकड़ी गईं | जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| जिसका बिल Rs.1,27,426 बनाया गया था | जो आज तक जमा नहीं किया गया है | उस बिल की प्रति संलग्न है -
इसका जुलाई से जनवरी तक उपयोग किया बिल 48,930 रुपए बना |जिसकी देय तिथि 2 फरवरी 2026 थी | ये बिल आज तक बकाया पड़ा है | उस बिल की प्रति संलग्न है | ये दोनों बिल कहाँ हैं, जमा क्यों नहीं किए गए, इनके जमा न होने पर भी उनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई पता नहीं |
2. 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने दूसरी बार भी छापा डाला | उसमें भी मशीनें चलती हुई पकड़ी गईं जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है | जिसका बिल Rs. 90.781 बनाया गया था| वो बिल अभी तक बकाया पड़ा हुआ है | उस बिल की प्रति संलग्न है |
24 मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक उपयोग किया हुआ बिल 25,440 अभी तक बकाया पड़ा हुआ है |इनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ?बिल की प्रति संलग्न है |
विशेष बात ये है कि लंबे समय तक बिल बकाया रहने के कारण यह अवैध बिजली मीटर 22 जून 2026 को उतार कर बकाया जमा करवाए बिना ही 23 जून 2026 को उसी फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से नया मीटर लगा दिया गया | मीटर की फोटो संलग्न है | वास्तविक मीटर मालिक के आवेदन,साइन,आधारकार्ड रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना नया मीटर कैसे लगाया जा सकता है |दूसरी बात जिस बकाया बिल को जमा करने के लिए पुराना मीटर उतारा गया था | वह बिल वसूले बिना ही नया मीटर कैसे लगा दिया गया ?
कुल मिलाकर BSES के द्वारा जिन कानूनों का पालन करने के लिए सभी लोगों को बाध्य किया जाता है | उन कानूनों को ताख पर रखकर इस गैरकानूनी काम करने वाले को बार बार मदद क्यों पहुँचाई जा रही है | ऐसा करके बाक़ी लोगों से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है |
श्रीमान जी ! ये मीटर फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से लगा है | इंफोर्स्मेंट के चालान में भी फर्जी नाम लिखवाए जाते हैं | इसके इतने इतने बड़े बिल भ्रष्टाचार पूर्वक गायब कर दिए जा रहे हैं | अंततः ये किराएदार यदि भाग जाता है तो ये बिल किससे वसूले जाएँगे |हम BSES के इस फर्जीबाड़े से परेशान हैं | इस ऐसे फर्जीमीटर का एक बिल हमें पहले भुगतना पड़ चुका है | इसलिए मेरा विनम्र निवेदन है कि इस फर्जीवाड़े की जाँच बिजिलेंस से करवाकर इनका पूरा बिल रीतूजैन से वसूल कर उनके नाम से नया मीटर लगाया जाए |
निवेदक :
हमारी आवासीय बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में चलाई जा रहीं व्यावसायिक मशीनों को बंद कराने एवं इनके फर्जी बिजली मीटर का बिल जमा करवाने हेतु |
महोदय,
मैं A -7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दिल्ली-110051 के सेकेंड फ्लोर में रहता हूँ | मेरे नीचे वाला फस्ट फ्लोर रीतूजैन का है | रीतूजैन का किराएदार महेंद्रजैन इसमें परिवार के साथ रहता है और बड़ी व्यावसायिक मशीनें लगाकर इसी में व्यावसायिक कार्य भी करता है | मशीनें चलाने के लिए कारीगर लगाए हुए हैं | स्वयं भी मशीनें चलाता है | कई बार घर के लोग ही सारी सारी रात मशीनें चलाते हैं | इससे हमें दो परेशानियाँ होती हैं |
1. मशीनों के चलने से हमारे वाले फ्लोर में कंपन होता है | जिससे समय से सोने जागने में दिक्कत होती है | स्वास्थ्य खराब होता है | बच्चे समय से स्कूल नहीं पहुँच पाते हैं | बच्चों की पढ़ाई में बाधा होती है | हमारी बेटियों को भी स्कूल जाना आना होता है | बिल्डिंग के अंदर अपरिचित ग्राहकों का आना जाना दिन रात लगा रहता है | जिससे हमारी सुरक्षा प्रभावित होती है |प्राइवेसी ख़त्म होती है | कुछ कहने पर ये लोग हमसे लड़ते हैं |मैं चाहता हूँ कि इसमें होने वाली सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि बंद करवाकर मशीनें बाहर निकाल दी जाएँ |
2.इस फस्ट फ्लोर का अपना कोई बिजली मीटर नहीं है न पहले कभी रहा है | ये दूसरे के मीटरों से बिजली चोरी करके अपनी मशीनें चलाते आ रहे हैं | कई बार बिजली चोरी करते पकड़े गए हैं | जबसे फर्जी नाम और फर्जी पते के मीटर उपयोग करने लगे | उन मीटरों का बकाया जब अधिक हो जाता रहा है या उनका मिस यूज पकडे जाने पर जो जुर्माना लगाया जाता रहा है | वो बकाया बिल्डिंग के नाम डलवाकर खुद फर्जी नाम और फर्जी पते का दूसरा मीटर लगवाकर उसका उपयोग करने लगते रहे हैं | इनके उपयोग किए ऐसे पुराने दो मीटरों का बिल हमसे भी वसूला गया है | ये अभी भी ऐसे ही एक फर्जी नाम और फर्जी पते के मीटर का उपयोग करते आ रहे हैं |हम चाहते हैं कि इसके वर्तमान बिजली मीटर के बकाया बिलों की जाँच करवाकर वो इनसे वसूला जाए | इसके बाद इनकी रजिस्ट्री में लिखे नाम पर इनके लिए नया मीटर लगवाने की अनुमति दी जाए |
इनके वर्तमान बिजली बिल पर ये फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस लिखा आता है | जो न किसी का है न कहीं है और न किसी रजिस्ट्री में है -("CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051")
मीटर का असली मालिक न होने पर भी मीटर कैसे बदला गया एवं ये चारों बिल बकाया होने पर भी वसूले क्यों नहीं गए -
1. - 11 जुलाई 2025 को इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा था | जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| जिसका बिल Rs.1,27,426 बकाया है |
2.- 11 जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक का उपयोग किया बिल 48,930 रुपए बना |जो बकाया है |
3.- 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने दूसरी बार भी छापा डाला | जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है | जिसका बिल Rs. 90.781 बकाया पड़ा है |
4. - 24 मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक उपयोग किया हुआ बिल 25,440 अभी तक बकाया पड़ा हुआ है |
इन्हें वसूले बिना ही बिजली विभाग ने इनका पुराना मीटर हटाकर नया लगा दिया है |
मैं चाहता हूँ कि इन बिलों की जाँचकरके इनसे ये बिल वसूला जाए | इसके बाद इनके नाम सेनया मीटर लगा दिया जाए |
निवेदक :
हमारी आवासीय बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में चलाई जा रहीं व्यावसायिक मशीनों को बंद कराने एवं इनके फर्जी बिजली मीटर का बिल जमा करवाने हेतु |
महोदय,
मैं A -7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दिल्ली-110051 के सेकेंड फ्लोर में रहता हूँ | मेरे नीचे वाला फस्ट फ्लोर रीतूजैन का है | रीतूजैन का किराएदार महेंद्रजैन इसमें परिवार के साथ रहता है और बड़ी व्यावसायिक मशीनें लगाकर इसी में व्यावसायिक कार्य भी करता है | मशीनें चलाने के लिए कारीगर लगाए हुए हैं | स्वयं भी मशीनें चलाता है | कई बार घर के लोग ही सारी सारी रात मशीनें चलाते हैं | इससे हमें दो परेशानियाँ होती हैं |
1. मशीनों के चलने से हमारे वाले फ्लोर में कंपन होता है | जिससे समय से सोने जागने में दिक्कत होती है | स्वास्थ्य खराब होता है | बच्चे समय से स्कूल नहीं पहुँच पाते हैं | बच्चों की पढ़ाई में बाधा होती है | हमारी बेटियों को भी स्कूल जाना आना होता है | बिल्डिंग के अंदर अपरिचित ग्राहकों का आना जाना दिन रात लगा रहता है | जिससे हमारी सुरक्षा प्रभावित होती है |प्राइवेसी ख़त्म होती है | कुछ कहने पर ये लोग हमसे लड़ते हैं |मैं चाहता हूँ कि इसमें होने वाली सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि बंद करवाकर मशीनें बाहर निकाल दी जाएँ |
2.इस फस्ट फ्लोर का अपना कोई बिजली मीटर नहीं है न पहले कभी रहा है | ये दूसरे के मीटरों से बिजली चोरी करके अपनी मशीनें चलाते आ रहे हैं | कई बार बिजली चोरी करते पकड़े गए हैं | जबसे फर्जी नाम और फर्जी पते के मीटर उपयोग करने लगे | उन मीटरों का बकाया जब अधिक हो जाता रहा है या उनका मिस यूज पकडे जाने पर जो जुर्माना लगाया जाता रहा है | वो बकाया बिल्डिंग के नाम डलवाकर खुद फर्जी नाम और फर्जी पते का दूसरा मीटर लगवाकर उसका उपयोग करने लगते रहे हैं | इनके उपयोग किए ऐसे पुराने दो मीटरों का बिल हमसे भी वसूला गया है | ये अभी भी ऐसे ही एक फर्जी नाम और फर्जी पते के मीटर का उपयोग करते आ रहे हैं |हम चाहते हैं कि इसके वर्तमान बिजली मीटर के बकाया बिलों की जाँच करवाकर वो इनसे वसूला जाए | इसके बाद इनकी रजिस्ट्री में लिखे नाम पर इनके लिए नया मीटर लगवाने की अनुमति दी जाए |
इनके वर्तमान बिजली बिल पर ये फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस लिखा आता है | जो न किसी का है न कहीं है और न किसी रजिस्ट्री में है -("CA No. 100907780 VIJAY KUMAR, S/O Mr. KULDEEP KUMAR A-7/41/2-A,G/F KRISHNA NGR DELHI NEAR SHANI BAZAR DELHI--110051")
मीटर का असली मालिक न होने पर भी मीटर कैसे बदला गया एवं ये चारों बिल बकाया होने पर भी वसूले क्यों नहीं गए -
1. - 11 जुलाई 2025 को इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा था | जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| जिसका बिल Rs.1,27,426 बकाया है |
2.- 11 जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक का उपयोग किया बिल 48,930 रुपए बना |जो बकाया है |
3.- 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने दूसरी बार भी छापा डाला | जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है | जिसका बिल Rs. 90.781 बकाया पड़ा है |
4. - 24 मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक उपयोग किया हुआ बिल 25,440 अभी तक बकाया पड़ा हुआ है |
इन्हें वसूले बिना ही बिजली विभाग ने इनका पुराना मीटर हटाकर नया लगा दिया है |
मैं चाहता हूँ कि इन बिलों की जाँचकरके इनसे ये बिल वसूला जाए | इसके बाद इनके नाम सेनया मीटर लगा दिया जाए |
निवेदक :
माननीय हर्ष मल्होत्रा जी (राज्यमंत्री भारत सरकार)
सादर नमस्कार
बिषय : हमारी बिल्डिंग में फर्जी नाम एवं फर्जी एड्रेस से लगे फर्जीबिजली मीटर का गैर कानूनी उपयोग रोकने एवं इसके बिलों की बिजिलेंस से जाँच करने हेतु |
महोदय,
A
-7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दि
कुल मिलाकर रीतूजैन के फ्लोर के द्वारा इस आवासीय फ्लोर में किए जा रहे व्यापारिक कार्य में इसी गैर क़ानूनी बिजलीकनेक्शन से बड़ी व्यासायिक मशीनें पिछले कई वर्षों से चलाई जा रही हैं |
1. 11 जुलाई 2025 को रीतूजैन के आवासीय फ्लोर में इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा तो बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलती पकड़ी गईं | जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| जिसका बिल Rs.1,27,426 बनाया गया था | जो आज तक जमा नहीं किया गया है | उस बिल की प्रति संलग्न है -
इसका जुलाई से जनवरी तक उपयोग किया बिल 48,930 रुपए बना |जिसकी देय तिथि 2 फरवरी 2026 थी | ये बिल आज तक बकाया पड़ा है | उस बिल की प्रति संलग्न है | ये दोनों बिल कहाँ हैं, जमा क्यों नहीं किए गए, इनके जमा न होने पर भी उनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई पता नहीं |
2. 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने दूसरी बार भी छापा डाला | उसमें भी मशीनें चलती हुई पकड़ी गईं जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है | जिसका बिल Rs. 90.781 बनाया गया था| वो बिल अभी तक बकाया पड़ा हुआ है | उस बिल की प्रति संलग्न है |
24 मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक उपयोग किया हुआ बिल 25,440 अभी तक बकाया पड़ा हुआ है |इनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ?बिल की प्रति संलग्न है |
विशेष बात ये है कि लंबे समय तक बिल बकाया रहने के कारण यह अवैध बिजली मीटर 22 जून 2026 को उतार कर बकाया जमा करवाए बिना ही 23 जून 2026 को उसी फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से नया मीटर लगा दिया गया | मीटर की फोटो संलग्न है | वास्तविक मीटर मालिक के आवेदन,साइन,आधारकार्ड रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना नया मीटर कैसे लगाया जा सकता है |दूसरी बात जिस बकाया बिल को जमा करने के लिए पुराना मीटर उतारा गया था | वह बिल वसूले बिना ही नया मीटर कैसे लगा दिया गया ?
कुल मिलाकर BSES के द्वारा जिन कानूनों का पालन करने के लिए सभी लोगों को बाध्य किया जाता है | उन कानूनों को ताख पर रखकर इस गैरकानूनी काम करने वाले को बार बार मदद क्यों पहुँचाई जा रही है | ऐसा करके बाक़ी लोगों से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है |
श्रीमान जी ! ये मीटर फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से लगा है | इंफोर्स्मेंट के चालान में भी फर्जी नाम लिखवाए जाते हैं | इसके इतने इतने बड़े बिल भ्रष्टाचार पूर्वक गायब कर दिए जा रहे हैं | अंततः ये किराएदार यदि भाग जाता है तो ये बिल किससे वसूले जाएँगे |हम BSES के इस फर्जीबाड़े से परेशान हैं | इस ऐसे फर्जीमीटर का एक बिल हमें पहले भुगतना पड़ चुका है | इसलिए मेरा विनम्र निवेदन है कि इस फर्जीवाड़े की जाँच बिजिलेंस से करवाकर इनका पूरा बिल रीतूजैन से वसूल कर उनके नाम से नया मीटर लगाया जाए |
निवेदक :
आदरणीय उपायुक्त महोदय
सादर नमस्कार
बिषय : हमारी आवासीय बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में चलाई जा रहीं व्यावसायिक मशीनों को बंद कराने हेतु |
महोदय,
A -7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दिल्ली-110051 का फस्ट फ्लोर रीतूजैन का है | इसमें परिवार के साथ किराए पर रह रहे महेंद्रजैन बड़ी व्यावसायिक मशीनें लगाकर उनसे व्यावसायिक कार्य करते हैं | मशीनें चलाने के लिए कारीगर लगाए हुए हैं | स्वयं भी मशीनें चलाते हैं |
इसमें व्यावसायिक कार्य होने के कारण ही इंफोर्स्मेंट वालों ने दो बार आकस्मिक छापा डाला | दोनों बार मशीनें चलती पकड़ी गईं हैं | दोनों बार भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है | बिजली बिल भी कॉमर्शियल कर दिया गया है |इसमें व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही हैं | इस साक्ष्य के रूप में बिजली बिल एवं इंफोर्स्मेंट वालों के द्वारा बनाए गए बिलों की कॉपी संलग्न कर रहा हूँ |
इंफोर्स्मेंट वालों ने जब से छापा डाला, पेनाल्टी लगाई तब से अंदर से बड़ा सा काउंटर निकालकर नीचे पार्किंग में रख दिया गया है |मशीनें ऑफिस टाइम के अलावा या फिर छुट्टी के दिन या कई बार सारी सारी रात चलाई जाती हैं | बाहर से देखने में लगता ही नहीं है कि अंदर व्यावसायिक कार्य हो रहा है |
इनके पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है | कन्वर्जन शुल्क नहीं जमा किया गया है | एग्रीमेंट में व्यावसायिक अनुमति नहीं ली गई है | प्रदूषण रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है | ग्राहकों के लिए पार्किंग व्यवस्था नहीं है | अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है | ऐसी स्थिति में मशीनें लगाना गैर क़ानूनी है |
इनके फ्लोर के ऊपर वाले सेकेण्ड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ | मुझसे अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है |कभी कभी कई कई कारीगर होते हैं तो कई बार घर के लोग ही सारी सारी रात मशीनें चलाते हैं | जिससे ऊपरी फ्लोर में कंपन होता है | हम लोगों को सोने में परेशानी होती है |स्वास्थ्य खराब होता है |अपरिचित ग्राहकों का दिन रात आना जाना लगा रहता है | जिससे हमारी भी सुरक्षा प्रभावित होती है |इसलिए इस आवासीय फ्लोर से व्यावसायिक मशीनें हटाई जाएँ और इसका व्यावसायिक उपयोग बंद कराया जाए | बहुत कृपा होगी |
निवेदक :
माननीय हर्ष मल्होत्रा जी (राज्यमंत्री भारत सरकार)
सादर नमस्कार
बिषय : हमारी बिल्डिंग में फर्जी नाम एवं फर्जी एड्रेस से लगे फर्जीबिजली मीटर का गैर कानूनी उपयोग रोकने एवं इसके बिलों की बिजिलेंस से जाँच करने हेतु |
महोदय,
A
-7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दि
कुल मिलाकर रीतूजैन के फ्लोर के द्वारा इस आवासीय फ्लोर में किए जा रहे व्यापारिक कार्य में इसी गैर क़ानूनी बिजलीकनेक्शन से बड़ी व्यासायिक मशीनें पिछले कई वर्षों से चलाई जा रही हैं |
1. 11 जुलाई 2025 को रीतूजैन के आवासीय फ्लोर में इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ा तो बड़ी व्यावसायिक मशीनें चलती पकड़ी गईं | जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| जिसका बिल Rs.1,27,426 बनाया गया था | जो आज तक जमा नहीं किया गया है | उस बिल की प्रति संलग्न है -
इसका जुलाई से जनवरी तक उपयोग किया बिल 48,930 रुपए बना |जिसकी देय तिथि 2 फरवरी 2026 थी | ये बिल आज तक बकाया पड़ा है | उस बिल की प्रति संलग्न है | ये दोनों बिल कहाँ हैं, जमा क्यों नहीं किए गए, इनके जमा न होने पर भी उनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई पता नहीं |
2. 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने दूसरी बार भी छापा डाला | उसमें भी मशीनें चलती हुई पकड़ी गईं जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है | जिसका बिल Rs. 90.781 बनाया गया था| वो बिल अभी तक बकाया पड़ा हुआ है | उस बिल की प्रति संलग्न है |
24 मार्च 2026 से जुलाई 2026 तक उपयोग किया हुआ बिल 25,440 अभी तक बकाया पड़ा हुआ है |इनके विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है ?बिल की प्रति संलग्न है |
विशेष बात ये है कि लंबे समय तक बिल बकाया रहने के कारण यह अवैध बिजली मीटर 22 जून 2026 को उतार कर बकाया जमा करवाए बिना ही 23 जून 2026 को उसी फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से नया मीटर लगा दिया गया | मीटर की फोटो संलग्न है | वास्तविक मीटर मालिक के आवेदन,साइन,आधारकार्ड रजिस्ट्री आदि कागजों के बिना नया मीटर कैसे लगाया जा सकता है |दूसरी बात जिस बकाया बिल को जमा करने के लिए पुराना मीटर उतारा गया था | वह बिल वसूले बिना ही नया मीटर कैसे लगा दिया गया ?
कुल मिलाकर BSES के द्वारा जिन कानूनों का पालन करने के लिए सभी लोगों को बाध्य किया जाता है | उन कानूनों को ताख पर रखकर इस गैरकानूनी काम करने वाले को बार बार मदद क्यों पहुँचाई जा रही है | ऐसा करके बाक़ी लोगों से नियमों के पालन की अपेक्षा कैसे की जा सकती है |
श्रीमान जी ! ये मीटर फर्जी नाम और फर्जी एड्रेस से लगा है | इंफोर्स्मेंट के चालान में भी फर्जी नाम लिखवाए जाते हैं | इसके इतने इतने बड़े बिल भ्रष्टाचार पूर्वक गायब कर दिए जा रहे हैं | अंततः ये किराएदार यदि भाग जाता है तो ये बिल किससे वसूले जाएँगे |हम BSES के इस फर्जीबाड़े से परेशान हैं | इस ऐसे फर्जीमीटर का एक बिल हमें पहले भुगतना पड़ चुका है | इसलिए मेरा विनम्र निवेदन है कि इस फर्जीवाड़े की जाँच बिजिलेंस से करवाकर इनका पूरा बिल रीतूजैन से वसूल कर उनके नाम से नया मीटर लगाया जाए |
निवेदक :
माननीय हर्ष मल्होत्रा जी (राज्यमंत्री भारत सरकार)
सादर नमस्कार
बिषय : हमारी बिल्डिंग में फर्जी नाम एवं फर्जी एड्रेस से लगे फर्जीबिजली मीटर का गैर कानूनी उपयोग रोकने एवं इसके बिलों की बिजिलेंस से जाँच करने हेतु |
महोदय,
A
-7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दि
लगातार व्यावसायिक मशीनें चलाए जाने के कारण 11 जुलाई 2025 को एवं 24 मार्च 2026 को दो बार इंफोर्स्मेंट का छापा पड़ चुका है -जिसकी "Case Id - YM110725SE033 है| दूसरी बार 24 मार्च 2026 को इंफोर्स्मेंट वालों ने छापा मारा फिर मशीनें चलती पाई गईं | जिसकी "Case Id -YM24032 6SE011 है |
कुल मिलाकर मशीनें लगातार चलते रहने पर भी इंफोर्स्मेंट के छापे का सारा बिल माफ करके इस कॉमर्शियल बिल को एकबार डोमेस्टिक किया जा चुका है |दूसरा बिल भी माफ करके इस कॉमर्शियल मीटर को भी डोमेस्टिक करने की तैयारी चल रही है |बिना ट्रेड लाइसेंस के गैर कानूनी रूप से मशीनें चलाने वाले महेंद्रजैन के बिरुद्ध कार्यवाही की जाए |
1. इस गैर क़ानूनी मीटर का दुरुपयोग बार बार पकड़े जाने पर भी इसका पिछले बिल माफ करके कॉमर्शियल बिल को डोमेस्टिक किए जाने का कारण यदि भ्रष्टाचार नहीं तो और दूसरा क्या है ?
2.दो बिल न जमा होने पर जो BSES कनेक्शन काटकर मीटर उतार लेता है | इस मीटर के लगातार तीन बिल बकाया होने पर भी अभी तक ये कनेक्शन काटकर मीटर क्यों नहीं उतारा गया है|
3. इसी में परिवार भी रहता है | 2 बड़ी व्यावसायिक मशीनें भी लगातार चलती हैं फिर भी महीने में केवल 607 यूनिट का खर्च ! कैसे संभव है ? 1 कूलर,2 AC,4 पंखे बत्तियाँ मोटर एवं 2 बड़ी व्यावसायिक मशीनें 607 यूनिटबिजली में कैसे चल सकती हैं |ये मीटर में छेड़छाड़ के बिना कैसे संभव है ?
4.किसी कॉमर्शियल मीटर की सिक्योरिटी 4500 रुपए पर किलोवाड जमा कराई जाती है !इस कॉमर्शियल मीटर का लोड 7 किलोवाड है तो इनसे 31500 रुपए सिक्योरिटी न जमा कराए जाने का कारण क्या है ?
5.रजिस्ट्री, आधारकार्ड एवं आवेदक के हस्ताक्षर में बिना ये मीटर लगाया कैसे गया !चलाया कैसे जा रहा है | कॉमर्शियल श्रेणी से इसे डोमेस्टिक कैसे किया गया ?फिर कॉमर्शियल क्यों करना पड़ा !
इस प्रकार से संपूर्ण भ्रष्टाचार की विस्तृत जाँच करके इस मीटर पर बकाया धनराशि की इनसे तुरंत वसूली की जाए अन्यथा बकाया धनराशि को इस फ्लैट एवं फ्लैट मालिक रीतूजैन के नाम डालकर इस मीटर को स्थाई रूप से उतार जाए !इस बकाया राशि को वसूले बिना इस फ्लैट मालिक रीतूजैन को नया मीटर न दिया जाए | इन्फोर्समेंट के बिल एवं उपयोग किया हुआ करेंट का बिजली बिल इसी पत्र के साथ संलग्न है |
निवेदक :
आदरणीय उपायुक्त महोदय
सादर नमस्कार
बिषय : हमारी आवासीय बिल्डिंग के फस्ट फ्लोर में चलाई जा रहीं व्यावसायिक मशीनों को के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने हेतु निवेदन !
महोदय,
A -7\41,लालक्वार्टर,कृष्णानगर,दिल्ली-110051के फस्ट फ्लोर में परिवार के साथ किराए पर रह रहे महेंद्रजैन बड़ी व्यावसायिक मशीनें भी लगाए हुए हैं| जिनसे व्यावसायिक कार्य करते हैं |मशीनें चलाने के लिए कारीगर लगाए हुए हैं | स्वयं भी मशीनें चलाते हैं |इंफोर्स्मेंट वालों ने दो बार आकस्मिक छापा डाला | दोनों बार मशीनें चलती पकड़ी गईं हैं | दोनों बार भारी भरकम जुर्माना लगाया गया है | बिजली बिल भी कॉमर्शियल कर दिया गया है |इसमें व्यावसायिक मशीनें चलाई जा रही हैं | इस साक्ष्य के रूप में बिजली बिल एवं इंफोर्स्मेंट वालों के द्वारा बनाए गए बिल की कॉपी संलग्न कर रहा हूँ |
इंफोर्स्मेंट वालों ने दो बार आकस्मिक छापा डाला पेनाल्टी लगाई तब से मशीनें ऑफिस टाइम के अलावा या फिर छुट्टी के दिन अधिक चलाई जाती हैं |कई बार सारी सारी रात मशीनें चलाई जाती हैं | बाहर से देखने में लगता ही नहीं है कि अंदर व्यावसायिक कार्य हो रहा है | इंफोर्स्मेंट वालों ने जब से छापा डाला तब से अंदर से बड़ा सा काउंटर निकालकर नीचे पार्किंग में रख दिया गया है |मशीनें चलती रहती हैं | ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है | उन्हें अपने परिचित या रिस्तेदार बता दिया जाता है |
इस आवासीय बिल्डिंग में व्यावसायिक मशीनें लगाकर व्यावसायिक कार्य क्यों करने दिया जा रहा है |इनके पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है | कन्वर्जन शुल्क नहीं जमा किया गया है | एग्रीमेंट में व्यावसायिक अनुमति नहीं ली गई है | प्रदूषण रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है | ग्राहकों के लिए पार्किंग व्यवस्था नहीं है | अग्निशमन के लिए कोई व्यवस्था नहीं है | ऐसी स्थिति में मशीनें लगाना गैर क़ानूनी है |
इनके फ्लोर के ऊपर वाले सेकेण्ड फ्लोर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूँ | मुझसे अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया है |हमारी आवासीय बिल्डिंग में व्यावसायिक मशीनें चलाने से हमें एवं हमारे बच्चों को बहुत परेशानी होती है | इससे स्वास्थ्य एवं शिक्षा दोनों प्रभावित होती है | कभी कभी कई कई कारीगर होते हैं तो कई बार घर के लोग ही सारी सारी रात मशीनें चलाते हैं | जिससे ऊपरी फ्लोर में कंपन होता है | हम लोगों को सोने में परेशानी होती है |स्वास्थ्य खराब होता है |अपरिचित ग्राहकों का दिन रात आना जाना लगा रहता है | जिससे हमारी भी सुरक्षा प्रभावित होती है |इसलिए यहाँ से व्यावसायिक मशीनें हटाई जाएँ या फिर महेंद्र जैन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए | बहुत कृपा होगी |
निवेदक :
BSES का भ्रष्टाचार नं -1
दो महीने का बिजली बिल बकाया होने पर उसका कनेक्शन काट दिया जाता है | ये किसी कारखाने का बिल है | 13 जनवरी 2026 के बाद बिल जमा न करने पर भी कारखाना चल रहा है | ये भ्रष्टाचार के बिना संभव है क्या ?देखिए -
BSES का भ्रष्टाचार नं - 2
डोमेस्टिक मीटर से कारखाना चलाने पर इंफोर्स्मेंट ने जुलाई 2025 में छापा डाला जुर्माना लगाया ताकि दोबारा ऐसा कार्य न हो | जुर्माना माफ कर दिया गया क्यों और जमा कराया गया तो कब ?ये बिना भ्रष्टाचार के बिना कैसे संभव है ?
BSES का भ्रष्टाचार नं - 3
इंफोर्स्मेंट ने जुलाई 2025 में छापा डाला, जुर्माना लगाया और फिर माफ कर दिया ! 24 मार्च 2026 को फिर इंफोर्स्मेंट ने छापा डाला फिर कारखाना चलता पाया गया फिर जो डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया गया था | अब वो माफ किया जा रहा है | क्या ये भ्रष्टाचार के बिना संभव है ?
BSES का भ्रष्टाचार नं - 4
जिस मीटर का कोई मालिक नहीं है | भारी
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