आदरणीय प्रधानमंत्री जी
सादर नमस्कार
बिषय : सन 2026 - 2027 में वैज्ञानिकों के द्वारा उड़ाई जा रही अलनीनो की अफवाह रोकने हेतु !
महोदय
विश्व वैज्ञानिकों के द्वारा वर्ष 2026 - 2027 में अलनीनो जैसी जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं तथा इसके परिणाम स्वरूप जिस प्रकार की डरावनी बातें बोली जा रही हैं | उनमें रंचमात्र भी सच्चाई नहीं है | ऐसी काल्पनिक बातों का कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है |
सादर नमस्कार
बिषय : सन 2026 - 2027 में वैज्ञानिकों के द्वारा उड़ाई जा रही अलनीनो की अफवाह रोकने हेतु !
महोदय
विश्व वैज्ञानिकों के द्वारा वर्ष 2026 - 2027 में अलनीनो जैसी जो अफवाहें उड़ाई जा रही हैं तथा इसके परिणाम स्वरूप जिस प्रकार की डरावनी बातें बोली जा रही हैं | उनमें रंचमात्र भी सच्चाई नहीं है | ऐसी काल्पनिक बातों का कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है |
विश्व वैज्ञानिकों के द्वारा बताया जा रहा है कि अलनीनो के प्रभाव से तापमान अधिक बढ़ जाएगा | वर्षा कम हो जाएगी | सूखा पड़ जाएगा | जिससे खाद्य वस्तुओं की कमी हो जाएगी एवं तरह तरह के रोग फैलेंगे |
मैं अपने गणितागत अनुसंधानों के आधार पर विश्वास पूर्वक कह सकता हूँ कि
अलनीनो जैसी कोई घटना होती ही नहीं है और हो भी नहीं सकती है | ये तर्कसंगत
भी नहीं है | समुद्र का जल किसी स्थान विशेष पर गर्म होने का प्रभाव वर्षा
और बादलों पर कैसे पड़ सकता है |
वैसे भी प्राचीन गणितविज्ञान के अतिरिक्त
विश्व में ऐसा कोई विज्ञान ही नहीं है | जिसके आधार पर भविष्य में घटित
होने वाली घटनाओं के बिषय में पूर्वानुमान लगाया जा सकता हो | ऐसा किया
जाना यदि संभव ही होता तो वैज्ञानिकों के द्वारा मौसम संबंधी दीर्घावधि या मध्यावधि
सही पूर्वानुमानों को लगा न लिया गया होता | जिन
विश्वमौसमवैज्ञानिकों के द्वारा एक सप्ताह के बिषय में लगाया गया मौसम
पूर्वानुमान बार बार बदलना पड़ता है ,फिर भी गलत निकल जाता है | वे 2026 -
2027 में अलनीनो जैसी भविष्यवाणी किस आधार पर कर रहे हैं | ये विश्वास करने
योग्य नहीं हैं | इस प्रकार की बातें अफवाह मात्र हैं |
श्रीमान जी ! प्राचीनभारत के गणितविज्ञान के आधार पर इसी बिषय में मैं पिछले 35 वर्षों से अनुसंधान करता आ रहा हूँ | वर्षा संबंधी अपने पूर्वानुमानों को मैं पिछले अनेकों वर्षों तक पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं | भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्व निदेशक श्री के जे रमेश जी भी मौसम पूर्वानुमान हमसे मँगवाते रहे हैं |जो सही निकलते रहे हैं | स्काईमेट में भी एक वर्षतक मुझसे पूर्वानुमान मँगवाए जाते रहे हैं | ये बातें पीटीआई के द्वारा अनेकों पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित की जा चुकी हैं |
हमारे प्राचीन गणितविज्ञान के आधार पर भविष्य के 10000 वर्षों तक का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |इन्हें अनुसंधान पूर्वक मैं कभी भी कहीं भी प्रमाणित करने को तैयार हूँ |
श्रीमान जी ! प्राचीनभारत के गणितविज्ञान के आधार पर इसी बिषय में मैं पिछले 35 वर्षों से अनुसंधान करता आ रहा हूँ | वर्षा संबंधी अपने पूर्वानुमानों को मैं पिछले अनेकों वर्षों तक पीएमओ की मेल पर भेजता रहा हूँ | जो सही निकलते रहे हैं | भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्व निदेशक श्री के जे रमेश जी भी मौसम पूर्वानुमान हमसे मँगवाते रहे हैं |जो सही निकलते रहे हैं | स्काईमेट में भी एक वर्षतक मुझसे पूर्वानुमान मँगवाए जाते रहे हैं | ये बातें पीटीआई के द्वारा अनेकों पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित की जा चुकी हैं |
हमारे प्राचीन गणितविज्ञान के आधार पर भविष्य के 10000 वर्षों तक का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है |इन्हें अनुसंधान पूर्वक मैं कभी भी कहीं भी प्रमाणित करने को तैयार हूँ |
निवेदक :
डॉ. शेष नारायण वाजपेयी
(फोन : 98 11 22 69 83)
A-7\41,सेकेंडफ्लोर ,शनिबाजार,लालक्वार्टर
कृष्णानगर ,दिल्ली -110051
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