मंगलवार, 21 नवंबर 2023

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 पद पाने की इच्छा,पद चले जाने का भय और पद पर बने रहने का मोह व्यक्ति को सदाचारी नहीं रहने देता है |
सुंदरता जिसे जितनी बिलनी है उतनी ही मिलेगी !यदि कोई अत्यधिक श्रृंगार करके उससे सुंदर बनना चाहेगा तो उसे कोई ऐसा रोग हो जाएगा या घटना घट जाएगी |जिससे वो उतना सुंदर नहीं बन पाएगा | देखो सूर्पणखा को !
 
आदरणीय प्रधानमंत्री जी

                        सादर नमस्कार 

विषय : युवाओं में बढ़ती हार्टअटैक की घटनाओं को रोकने के लिए विनम्र सुझाव !
    
     महोदय,  
      
     चिकित्सकों के बलपर जो समाज बड़े बड़े स्वास्थ्य संकटों का सामना कर लिया करता था | डॉक्टरों को भगवान का दूसरा स्वरूप मानने वाला वही समाज अब डॉक्टरों पर भी भरोसा नहीं कर पा रहा है | उसका मानना है कि कोरोना जैसी कोई बड़ी महामारी यदि भविष्य में भी आई तो चिकित्सक उसकी कोई मदद कर पाएँगे | चिकिसावैज्ञानिकों से विश्वास टूटने के कारण समाज न तो खुलकर जीवन जी पा रहा है और न ही रोजी रोजगार  ठीक से व्यवस्थित कर पा रहा है| उसे दिनरात एक ही भय सता रहा है कि अगली महामारी न जाने कब आ जाए और अपने सगे संबंधियों का साथ न जाने कब छूट जाए !इस टूटे हुए भरोसे को मजबूत बनाने के लिए सरकार को कोई विश्वसनीय विकल्प प्रस्तुत करना चाहिए | 
    मान्यवर ! कोरोना जैसी इतनी भयंकर महामारी के अचानक आक्रमण कर देने एवं वैज्ञानिकों के उससे अनजान बने रहने से समाज को चिंता होनी स्वाभाविक ही है कि ऐसी कोई  महामारी कभी भी बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित करने या मारने लग सकती है|जिससे सुरक्षा के लिए वर्तमान वैज्ञानिकविश्व के पास प्रभावी तैयारियाँ क्या हैं | 
    महामारी आने से पहले समाज को सावधान किए जाने एवं महामारीनिरोधक (प्रिवेंटिव) प्रयत्न किए जाने के लिए पूर्वानुमान पता होना आवश्यक है |पूर्वानुमान  लगाने के लिए न तो विज्ञान है और न ही वैज्ञानिक |महामारी संबंधी पूर्वानुमान लगाने की जिम्मेदारी कोरोना के समय न वैज्ञानिकों को सौंपी गई थी !या जो सूत्रमॉडल गठित किया गया था | उसमें सम्मिलित कोई भी वैज्ञानिक महामारी आने से पहले न तो उसकी आहट पहचान सका था और न ही महामारी की किसी भी लहर के विषय में सही पूर्वानुमान लगाने में सफल हो पाया !इसके बिना समाज को यह विश्वास कैसे दिलाया जा सकता है कि ऐसी महामारी यदि भविष्य में फिर कभी आई तो उस पीड़ा से समाज को परेशान नहीं होने दिया जाएगा |ऐसे किसी मजबूत आश्वासन के बिना समाज को चिंता मुक्त रखा जा सकता है | 
   महोदय !अभी तक किए गए वैज्ञानिक अनुसंधानों के द्वारा महामारी जैसी आपदाओं से यदि बहुमूल्य मनुष्यजीवन की ही सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकी है तो बाकी सारी बहुमूल्य वैज्ञानिक सफलताएँ किस काम की !मनुष्य ही नहीं रहेंगे तो उन वैज्ञानिक सफलताओं का क्या होगा | इसलिए पहले मनुष्य जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए |
      ऐसी परिस्थिति में मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि भविष्य में यदि ऐसी कोई महामारी फिर  आती है तो उसके लिए पिछले तीस वर्षों से मैं अनुसंधान करता आ रहा हूँ | जिससे न केवल ऐसे पूर्वानुमान लगाए जा सकते हैं |उससे  प्राप्त अनुभव ऐसे अनुसंधानों में अत्यंत सहायक सिद्ध हो सकते हैं | यदि देश और समाज के हित की कामना से आप मुझे मिलने का अवसर देते हैं तो मैं इस विषय में अपने अनुसंधानों के साथ साथ कुछ ऐसे सार्थक एवं प्रभावी सुझाव देना चाहता हूँ | जो महामारियों  से निपटने की दृष्टि से भविष्य के लिए संजीवनी सिद्ध होंगे  |
 

 -निवेदक  भवदीय - 

  समय वैज्ञानिक :आचार्यडॉ.शेषनारायण वाजपेयी

संस्थापक :राजेश्वरीप्राच्यविद्याशोधसंस्थान(रजि.)

 पीएच.डी हिंदी (ज्योतिष)-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU )वाराणसी

A -7 \41,लालक्वार्टर मार्केट, कृष्णा नगर, दिल्ली -110051

मोबाइल नं  9811226983

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी

                        सादर नमस्कार 

विषय : उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे 41 श्रमिकों  के विषय में विनम्र निवेदन !
    
     महोदय,  
        
     मैं वैदिक विज्ञान के आधार पर प्राकृतिक घटनाओं के विषय में पूर्वानुमान लगाने  के विषय में पिछले तीस वर्षों से अनुसंधान करता आ रहा हूँ | हमारे द्वारा लगाए जा रहे पूर्वानुमान प्रायः सही निकलते अनुभव किए जाते हैं |
     इसी दृष्टि से सुरंग हादसे में फँसे 41 श्रमिकों  के बाहर निकलने के लिए जितने भी प्रयत्न किए जा रहे हैं | उन्हें लेकर मैं भी वैदिकविज्ञान के आधार पर अनुसंधान करता आ रहा हूँ | इसी अनुसंधान के आधार पर मेरे अनुभव में आया है कि 15 \16 नवंबर 2023 की रात्रि को वहाँ कुछ ऐसे लोगों का प्रवेश हुआ हो सकता है जो वहाँ फँसे 41 श्रमिकों  को सुरंग से बाहर निकालने संबंधी प्रयत्नों को विफल करने के लिए काम कर रहे हो सकते हैं | इस बात के संकेत मुझे उस रात्रि को वहाँ आए भूकंप से मिले हैं | इसलिए वहाँ अधिक सतर्कता बरते जाने  की आवश्यकता है | 
       इसमें विशेष बात एक और है कि 24 नवंबर 2023 तक मजदूरों के बाहर निकलने की संभावना अधिक थी | यदि आज तक नहीं निकाले जा सके हैं तो अब अगले 4 दिन रुकावट एवं तनाव पैदा करने वाले हैं | इसलिए संभव है कि आने वाले 28 नवंबर तक के लिए यह कार्य रुक जाए | आशंका यह भी है कि आगामी चार दिन  कोई तनाव न तैयार कर दें !इसलिए विशेष सावधानी एवं सतर्कता पूर्वक बिना किसी जल्दबाजी के आगामी चार दिनों के पार किए जाने की आवश्यकता है |
     
 

 -निवेदक  भवदीय - 

  समय वैज्ञानिक :आचार्यडॉ.शेषनारायण वाजपेयी

संस्थापक :राजेश्वरीप्राच्यविद्याशोधसंस्थान(रजि.)

 पीएच.डी हिंदी (ज्योतिष)-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU )वाराणसी

A -7 \41,लालक्वार्टर मार्केट, कृष्णा नगर, दिल्ली -110051

मोबाइल नं  9811226983

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी

                        सादर नमस्कार 

विषय : महामारी संबंधी पूर्वानुमान लगाने  संबंधी समयवैज्ञानिक  पूर्वानुमान के विषय में विनम्र निवेदन !
    
     महोदय,  
   

 -निवेदक  भवदीय - 

  समय वैज्ञानिक :आचार्यडॉ.शेषनारायण वाजपेयी

संस्थापक :राजेश्वरीप्राच्यविद्याशोधसंस्थान(रजि.)

 पीएच.डी हिंदी (ज्योतिष)-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU )वाराणसी

A -7 \41,लालक्वार्टर मार्केट, कृष्णा नगर, दिल्ली -110051

मोबाइल नं  9811226983

 

 

 

आदरणीय प्रधानमंत्री जी

                        सादर नमस्कार 

विषय : महामारी संबंधी पूर्वानुमान लगाने  संबंधी समयवैज्ञानिक  पूर्वानुमान के विषय में विनम्र निवेदन !
    
     महोदय,  
   

 -निवेदक  भवदीय - 

  समय वैज्ञानिक :आचार्यडॉ.शेषनारायण वाजपेयी

संस्थापक :राजेश्वरीप्राच्यविद्याशोधसंस्थान(रजि.)

 पीएच.डी हिंदी (ज्योतिष)-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU )वाराणसी

A -7 \41,लालक्वार्टर मार्केट, कृष्णा नगर, दिल्ली -110051

मोबाइल नं  9811226983

 

 

 

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