रविवार, 2 मार्च 2014

bhajpaa aarakshan


भाजपा ने आखिर स्वभाव विरुद्ध ये समझौता किया  ही  क्यों ?  "अथ श्री पासवान शरणागतिः" 


    कार्यकर्ता संकल्प लें कि और कुछ भी हो किन्तु अब भाजपा को अपने मुद्दों से भटकने नहीं दिया जाएगा !समाज में भाजपा के प्रति समर्पित साधकों से निवेदन है कि कई बार हो सकता है कि पार्टी के

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html




भाजपा ने क्या समझकर किया यह बेमेल समझौता !धन्य हो !!!
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


जो सी. एम. के रूप में मोदी जी को नहीं पचा पाया वो पी.एम.के रूप में कैसे पचा पाएगा ?
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 


यह समझौता भाजपा ने केवल धोखा खाने के लिए किया है क्या ?
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html





भाजपा और लोजपा ने गठबंधन करते समय कौन कौन से मुद्दे पकडे और क्या क्या छोड़ा ?
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html





जिसकी सरकार में आरक्षण के नाम पर सवर्णों के साथ और  राम भक्तों पर इतना अत्याचार हुआ हो तब मौन देखते  रहे हों  किन्तु  गुजरात के नाम पर राजग छोड़कर भाग गए !आश्चर्य !!
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html




भाजपा और लोजपा  का समझौता सैद्धांतिक तो नहीं ही कहा जा सकता है !
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html





भाजपा जैसी पार्टी लोजपा के साथ समझौता करके सवर्णों को आखिर क्या सन्देश देना चाहती है ?
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html



वी पी सिंह जी की सरकार में क्या आरक्षण इतना जरूरी था कि किसी पर गोली चला दी जाए !
see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html




कार्यकर्ता संकल्प लें कि और कुछ भी हो किन्तु अब भाजपा को अपने मुद्दों से भटकने नहीं दिया जाएगा !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html



भाजपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी है जो सभी जातियों सम्प्रदायों क्षेत्रों वर्गों को समान रूप से न्याय दिलाने की प्रतिज्ञा से बँधी हुई है

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html



 

भाजपा को कोई प्रकोष्ठ  बनाना चाहिए जहाँ पार्टी से जुड़े लोगों की भी पार्टी विरोधी गतिविधियों की सूचना दी जा सकती हो

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html



 

    प्रत्याशी के किन गुणों से प्रभावित होकर पार्टी ने उसे टिकट दिया है यह प्रक्रिया भी पारदर्शी होनी चाहिए

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

भाजपा किसी खानदान दान विशेष की जागीर पार्टी नहीं है जहाँ केवल एक परिवार के आगे हाथ जोड़कर  खड़े रहना होता है और मुट्ठी भर नेता लोग ले लेते हैं बड़ा से बड़ा निर्णय! बाक़ी असंख्य कार्यकर्ताओं को केवल हाँ जी!हाँ जी!करना होता है बस !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

       भारतीय जनता पार्टी बनी कैसे ?

       दुर्गा सप्तशती में जैसे वर्णन मिलता है कि असुरों के आतंक से हैरान परेशान होकर जब देवता मारे मारे फिर रहे थे और असुर अपनी मनमानी करते जा रहे थे उस समय सभी देवताओं के शरीर से तेज निकला और उसी तेज से भगवती दुर्गा का प्राकट्य हुआ !खैर ,ये तो बात हुई माता दुर्गा की किन्तु इस बात को वर्त्तमान परिदृश्य में देखते हैं तो लगता है कि आजादी के बाद देश में  जब केवल काँग्रेस ही सर्वे सर्वा थी लोग उसका विरोध करें तो जाएँ  कहाँ ?कोई विकल्प ही नहीं था तब देश की सतोगुणी शक्तियाँ एकत्र हुईं और सभी ने अपना अपना तन मन धनात्मक सहयोग देकर एक संगठन को प्रकट किया जो कालांतर में बदलकर भाजपा के नाम से जाना गया !यह कार्यकर्ताओं के तेजस का साक्षात दूसरा स्वरूप ही है जिसे भाजपा कहते हैं ।

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 


    हमें भूलना नहीं चाहिए कि राम भक्तों के पवित्र बलिदान से पोषित है भाजपा !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


  

 

भाजपा और लोजपा जैसे दोनों दलों के बीच समझौता आखिर कैसे हुआ है राम मंदिर के समर्थन में भाजपा है जबकि पासवान नहीं हैं!

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

भाजपा और लोजपा के बीच का  समझौता कैसे ?

भाजपा सभी समुदायों के विकास  के लिए काम करना चाहती है जबकि लोजपा केवल दलितों के हित के विषय में सोचते दिखती  है!

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

भाजपा और लोजपा के बीच का  समझौता कैसे ?

भाजपा मोदी पर गर्व करती है जबकि लोजपा  मोदी पर शर्म करते करते राजग छोड़कर भाग गई थी !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 


 भाजपा का सवर्णों को सन्देश आखिर क्या है ?

सवर्ण वर्ग आजतक भाजपा को अपने हृदय से लगाए हुए बैठा है किन्तु भाजपा के द्वारा आज जब  उस दिग्भ्रमित दलित नेता से समझौता किया गया है इस समय  भाजपा ने अपने प्रति समर्पित उस सवर्ण वर्ग को ऐसा कोई सन्देश देना जरूरी क्यों नहीं समझा कि इस दलित नेता के साथ समझौता करते समय भाजपा के द्वारा सवर्णों के हितों के साथ किन किन बिंदुओं पर कितने कितने प्रतिशत किस किस प्रकार का समझौता किया जाएगा !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

पासवान जी की शरणागति  का  अभिप्राय क्या है

जब कहीं कोई सहारा नहीं रहा सब ने धोखा दिया "तब ताकेसि रघुनायक सरना"अर्थात तब निराश हताश होकर रामजी की पार्टी भाजपा की ओर चला !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

     राम जी की पार्टी होने के कारण भाजपा ने भी दलित नेता की आशा के अनुरूप ही बर्ताव किया है!भाजपा ने भी  "बूड़त  विरह   नाव जनु पाई ।" और उसका मुख मीठा कराने में बिलकुल देरी नहीं की और तर्क देने लगी कि --                     जौं   सभीत  आवा  शरनाई ।   रखिहउँ ताहि प्रान  की नाईं॥ 

   इसके बाद भाजपा ने -     माँगा तुरत सिंधु कर नीरा ।  और बिहार की सात सीटों पर उसका अभिषेक कर दिया !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

      पिछले दस  वर्षों से सत्ता रूपी सीता की खोज में बन बन भटकती रही  भाजपा यथा -

                       हे खग हे मृग हे मधुकर श्रेनी । तुम   देखी  सत्ता  मृगनयनी॥

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

कोई भी राजनैतिक दल यदि अपने नेताओं की सत्ता भूख के आगे स्वभाव के विरुद्ध केवल स्वार्थ साधन के लिए फैसले लेते समय अपने समर्थकों की परवाह ही नहीं करता है तो उसे अपने समर्थकों को  भी बंधुआ मजदूर तो नहीं ही समझना चाहिए

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

सन 1989 में वी.पी.सिंह सरकार के सवर्ण एवं हिन्दू विरोधी अत्याचारों से आहत होकर उस समय देश का भयभीत सवर्ण और हिन्दू भाजपा से सम्भवतः इसीलिए चिपका था कि यह पार्टी हमारे साथ भी न्याय करेगी यही कारण है कि उसके बाद भाजपा की सीटें भी अचानक बहुत बड़ी मात्रा में बढ़कर आई थीं !

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


इस वैज्ञानिक युग में ऎसे अंधविश्वास के साथ क्यों जीना कि दलितों का पहले कभी शोषण किया गया होगा अरे! पहले जो हुआ होगा सो हुआ होगा हमें वर्त्तमान में जीना  चाहिए और इस देश का जो भी नागरिक गरीब हो उसका यथा सम्भव सहयोग किया जाए

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

 

माना कि भाजपा के लोग तो ऐसे समझौतों को इस लोभ से बर्दाश्त कर लेंगे कि उन्हें सांसद ,मंत्री ,प्रधानमंत्री आदि बनने को मिल जाएगा और किसी को चुनाव जीतने का उत्साह होगा तो किसी को चुनाव जितवाने का, सबका अपना अपना स्वार्थ होगा! किन्तु आम जनता का क्या स्वार्थ !आखिर वह ऐसे तथ्यहीन बेमेल समझौते क्यों बर्दाश्त करे !आखिर उसे क्या मिल जाएगा ?

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

आरक्षण का प्रावधान केवल विकलांगों अपाहिजों के लिए हो  किन्तु जिनके हाथ पैर ठीक हों शरीर और दिमाग स्वस्थ हो उन्हें आरक्षण किस बात का और क्यों दिया जाए ?

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


यदि गरीब सवर्ण का बच्चा संघर्ष  करके आगे बढ़ सकता है तो दलित का क्यों नहीं? केवल यही न कि दलितों को आरक्षण का सहारा होता है जबकि सवर्णों को अपने संघर्ष का ही सहारा होता है

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 

यदि किसी को लगता ही है कि वो अपने संघर्ष के बल पर सवर्णों की बराबरी नहीं कर सकते इसलिए उन्हें जातीय तौर पर आरक्षण चाहिए तो ये कोई दिमागी बीमारी है जिसकी जाँच हो और प्रापर इलाज उपलब्ध कराया जाए!

see more...http://bharatjagrana.blogspot.in/2014/02/blog-post_28.html


 

 


कोई टिप्पणी नहीं: