एक वोट से अटल जी की सरकार गिरी थी किन्तु अटल जी के चेहरे की चमक नहीं गई थी अपितु उनके चेहरे पर नैतिकता का तेजस दमक रहा था !सरकार भले गिरी थी किन्तु नैतिकता के युद्ध में सभी राजनैतिक दलों को पराजित करके जिस समय लोक सभा से निकले थे अटल जी उस समय उनकी छटा देखते ही बन रही थी।
लोक सभा में हुए अटल जी के उस सार गर्भित भाषण में अटल जी ने सबकी आत्मा को झकझोरते हुए दो नेताओं का नाम लेकर सम्बोधन किया था तब उन्होंने भी बताया था कि अटल जी का भाषण सुनने के लिए ये कैसे कैसे स्कूल
से बस्ता लेकर भाग आया करते थे !किन्तु अटल जी का भाषण सुनकर तो ये स्कूल से भाग आने वाले लोग नेता हो गए
अगर उनका सत्संग भी कर लिया होता तो आज काँग्रेस के दरवाजे उन्हें हाजिरी नहीं
लगानी पड़ती !अटल जी का व्यक्तित्व ही ऐसा है !
अपने आदरणीय अटल जी ने उस समय बड़ों बड़ों को सोचने पर मजबूर कर दिया था कि
नैतिकता भी कोई चीज होती है जिसका सम्मान केवल भाजपा के मन में है भाजपा
सिद्धांतों के साथ समझौता करके सत्ता में नहीं आएगी !
युग पुरुष माननीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के लिए अनंतानंत शुभ कामनाएँ -see more...http://snvajpayee.blogspot.in/2013/12/blog-post_25.html
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