जो नेता अपनी भाषा नहीं सुधार सके वे देश क्या सुधारेंगे !किन्तु ऐसी महिलाओं का कैसे किया जाए सम्मान ? ममता जी निरंतर लोकतान्त्रिक मर्यादा का अपमान कर रही हैं, झूठ बोल रही हैं,गन्दा बोल रही हैं एक चुने हुए मुख्यमंत्री का ऐसा अपमान कर रही हैं आप !चुनाव प्रचार में आप अपने कार्यक्रम रखिए विरोधियों की आलोचना कीजिए किन्तु किसी को सार्वजनिक रूप से गाली देने का अधिकार किसने दिया है आपको? वो भी एक चुने हुए मुख्यमंत्री को आप गधा बोल रही हैं आज उनके साथ एक प्रदेश की जनता का सम्मान और स्वाभिमान जुड़ा हुआ है आप महिला हैं नेता हैं मुख्यमंत्री हैं समाज के लिए प्रेरक हो सकती हैं आप !किन्तु आपको गाली देना अच्छा लग रहा है ये शर्म और संकोच की बात है । आखिर ! आप दूसरे को इतना मूर्ख क्यों समझ रहीं हैं !आखिर आपको इस बात का होश क्यों नहीं होना चाहिए कि आप राजनेत्री हैं ,मुख्यमंत्री हैं और महिला हैं और भले लोग इन तीनों का सम्मान करते हैं आप इसका भी राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं धिक्कार है आपको !ऐसे कैसे और कब तक चल पाएगा लोकतंत्र !
‘अगर मैं दिल्ली में होती तो मोदी को जेल में डाल देती’- ममता बनर्जी (पंजाब केशरी)
किन्तु ममता जी !आप एक प्रदेश की मुख्यमंत्री होकर इतनी लाचार क्यों हैं यदि देश के कानून पर आपको भरोसा है तो क्या दिल्ली क्या कलकत्ता कहीं भी हैं तो क्या हुआ !आप पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं एक प्रदेश की मुख्यमंत्री हैं !यदि मोदी जी के विरुद्ध कोई ऐसे साक्ष्य हैं तो कीजिए कानूनी कार्रवाई !अपनी खोखली ईमानदारी का प्रचार करने के लिए अपने दिल्ली में न होने को हथियार बनाकर क्यों करना चाहती हैं अपना दुष्प्रचार ?
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